तरनतारन में चुनाव आयोग के मुताबिक 6 बजे तक 60.95% वोटिंग हुई। इस आंकड़े में आम आदमी पार्टी को सीधा फायदा होता दिख रहा है। इससे लोगों में न तो सरकार के प्रति ज्यादा नाराजगी नजर आ रही है और न ही सरकार के प्रति निराश दिख रहे हैं। हालांकि यहां खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल पिछले उपचुनाव के मुकाबले अलग फैक्टर हैं, जिनकी पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे पहली बार चुनाव लड़ी है। इसका प्रदर्शन भी काफी हद तक चौंका सकता है। इसके अलावा कांग्रेस के साथ अकाली दल भी यहां फाइट में मानी जा रही है। लेकिन पंजाब में सरकार होने से AAP को एज मिलता दिख रहा है। वहीं 2022 से लेकर अब तक हुए 6 उपचुनाव में से भी 5 पर AAP को जीत मिली है। छठी सीट इसलिए हारे क्योंकि वहां पार्टी में बगावत हो गई थी। पिछले उपचुनाव का वोटिंग परसेंट का सीटवाइज गणित पंजाब में उपचुनावों का इतिहास 1. 1992–1997 (कांग्रेस सरकार) 2. 1997–2002 (अकाली-भाजपा सरकार) 3. 2002–2007 (कांग्रेस सरकार) 4. 2007–2012 (SAD-BJP सरकार) 5. 2012–2017 (SAD-BJP सरकार) 6. 2017–2022 (कांग्रेस सरकार) 7. 2022–अब तक (AAP सरकार)
तरनतारन में चुनाव आयोग के मुताबिक 6 बजे तक 60.95% वोटिंग हुई। इस आंकड़े में आम आदमी पार्टी को सीधा फायदा होता दिख रहा है। इससे लोगों में न तो सरकार के प्रति ज्यादा नाराजगी नजर आ रही है और न ही सरकार के प्रति निराश दिख रहे हैं। हालांकि यहां खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल पिछले उपचुनाव के मुकाबले अलग फैक्टर हैं, जिनकी पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे पहली बार चुनाव लड़ी है। इसका प्रदर्शन भी काफी हद तक चौंका सकता है। इसके अलावा कांग्रेस के साथ अकाली दल भी यहां फाइट में मानी जा रही है। लेकिन पंजाब में सरकार होने से AAP को एज मिलता दिख रहा है। वहीं 2022 से लेकर अब तक हुए 6 उपचुनाव में से भी 5 पर AAP को जीत मिली है। छठी सीट इसलिए हारे क्योंकि वहां पार्टी में बगावत हो गई थी। पिछले उपचुनाव का वोटिंग परसेंट का सीटवाइज गणित पंजाब में उपचुनावों का इतिहास 1. 1992–1997 (कांग्रेस सरकार) 2. 1997–2002 (अकाली-भाजपा सरकार) 3. 2002–2007 (कांग्रेस सरकार) 4. 2007–2012 (SAD-BJP सरकार) 5. 2012–2017 (SAD-BJP सरकार) 6. 2017–2022 (कांग्रेस सरकार) 7. 2022–अब तक (AAP सरकार)