
2014 में PDP के साथ जब बीजेपी ने हाथ मिलाया था तो किसने किसके साथ गद्दारी की थी ? ये बात भी बतानी चाहिए जम्मू की जनता को…… मंत्री सतीश शर्मा जो जम्मू -कश्मीर के लिए पिछले 1.5 साल से तन-मन-धन और कड़ी मेहनत से अपने विभागों/मंत्रालयों का काम कर रहे हैं वो कुछ लोगों को पच नहीं रहा है ! हम जम्मू वालों को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जी का आभारी होना चाहिए कि उन्होंने जम्मू के एक होनहार विधायक को मंत्री चुना और मंत्री सतीश शर्मा ने भी पिछले 1.5 सालों में अपने कामों से साबित भी किया है ! किसी ने ठीक ही कहा है हीरे की पहचान केवल जौहरी को ही होती है और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला जम्मू कश्मीर के वो राजनीति के जौहरी हैं अपने दादा शेख मोहम्मद अब्दुल्ला जी की तरह जिन्होंने मुस्लिम कान्फ्रेंस को नैशनल कॉन्फ्रेंस में तब्दील करके अपनी दूरदर्शिता का परिचय दिया था कि जम्मूकश्मीर के दोनों संभागों को साथ लेकर ही शासन चलाया जा सकता है ! और हम लोग अपने ही बन्दे की टांग खिंचने में लगे हुए हैं इन्हीं वजहों के कारण पिछले 78 सालों में जम्मू संभाग, आतंकवाद से ग्रसित होते हुए भी कश्मीर संभाग की बराबरी नहीं कर पाया है और सोचो अगर कश्मीर में आतंकवाद ना होता तो कश्मीर संभाग भारत में नंबर एक पर होता ! जम्मू की ऐसी स्थिति के लिए हम जम्मू के लोग ही जिम्मेदार हैं कोई कश्मीरी या बाहरी नहीं !मेरी बातें कड़वी जरूर हैं पर सत्य पर आधारित हैं जिसे गहरायी से समझने की जरूरत है ! जय हिंद ! जय जम्मू-कश्मीर !
वरिष्ठ अधिवक्ता एंव पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन कठुआ अजातशत्रु शर्मा की कलम से.