नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी (कार्यवाहक) अध्यक्ष बनाया गया है। पटना के होटल मौर्य में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भोला यादव ने प्रस्ताव रखा, जिसपर सभी नेताओं ने सहमति जताई। बैठक में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, मीसा भारती, संजय यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस बैठक में बिहार चुनाव में मिली हार पर भी चर्चा हुई, जिसपर तेजस्वी ने कहा कि हमें सबकुछ भूलकर आगे बढ़ना है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि या तो नरेंद्र मोदी के चरण में रहिए या फिर उनसे लड़िए। चाचा जी तो चरण में चले गए हैं, वीडियो सबने देखा होगा, लेकिन हम नहीं झुकेंगे। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा, ‘तेजस्वी यादव जब पद पर नहीं थे, तब भी काफी अच्छा काम कर रहे थे। अब और ज्यादा बढ़िया से कम करेंगे। सबको मिलकर संगठन को मजबूत करना है। आगे सबको लड़ना है और जीतना है। इधर, तेजस्वी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर रोहिणी ने तंज भरे लहजे में शुभकामनाएं दीं है। उन्होंने X पर लिखा, ‘गिरोह-ए-घुसपैठ की कठपुतली बने शहजादे को ताजपोशी मुबारक…।’ बैठक की 4 तस्वीरें… पहले से अहम फैसले ले रहे हैं तेजस्वी तेजस्वी यादव पहले से ही पार्टी के अधिकतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। संगठनात्मक मामलों से लेकर राजनीतिक रणनीति तक उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। पार्टी के भीतर भी उन्हें भविष्य के नेता के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हो सकती है। कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर ठोस और सख्त निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। लालू यादव क्यों RJD अध्यक्ष पद छोड़ रहे लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य कारणों से आगे अध्यक्ष नहीं रहना चाहते। वे अपना कार्यकाल पूरा होने (2028) तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे। उसके बाद तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष जितनी ताकत पहले से होगी। पूरी खबर पढ़ें… रोहिणी ने लिखा- लालूवाद को तहस-नहस किया जा रहा इधर, बैठक से पहले रोहिणी ने X पर लिखा, जिसे सही मायने में लालू यादव कि विचारधारा को आगे ले जाने की परवाह होगी, वह जरूर पार्टी की मौजूदा स्थिति को लेकर जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा। वर्त्तमान की कड़वी , चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि आज जनता के हक -हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन-जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों-साजिशकर्ताओं के हाथों में है , जिन्हें लालूवाद को तहस -नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है। कब्जा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं। नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे व्यक्ति को सवालों से भागने,सवालों से बचने,जवाब देने से मुंह चुराने, जवाब देने की बजाए भ्रम फैलाने, लालूवाद और पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र आचरण, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर “वो” चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष और आरोप खुद ही साबित होता है .. RJD की कार्यकारिणी बैठक से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को RJD का राष्ट्रीय कार्यकारी (कार्यवाहक) अध्यक्ष बनाया गया है। पटना के होटल मौर्य में RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भोला यादव ने प्रस्ताव रखा, जिसपर सभी नेताओं ने सहमति जताई। बैठक में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, मीसा भारती, संजय यादव समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। इस बैठक में बिहार चुनाव में मिली हार पर भी चर्चा हुई, जिसपर तेजस्वी ने कहा कि हमें सबकुछ भूलकर आगे बढ़ना है। उन्होंने अपने भाषण के दौरान कहा कि या तो नरेंद्र मोदी के चरण में रहिए या फिर उनसे लड़िए। चाचा जी तो चरण में चले गए हैं, वीडियो सबने देखा होगा, लेकिन हम नहीं झुकेंगे। राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा, ‘तेजस्वी यादव जब पद पर नहीं थे, तब भी काफी अच्छा काम कर रहे थे। अब और ज्यादा बढ़िया से कम करेंगे। सबको मिलकर संगठन को मजबूत करना है। आगे सबको लड़ना है और जीतना है। इधर, तेजस्वी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर रोहिणी ने तंज भरे लहजे में शुभकामनाएं दीं है। उन्होंने X पर लिखा, ‘गिरोह-ए-घुसपैठ की कठपुतली बने शहजादे को ताजपोशी मुबारक…।’ बैठक की 4 तस्वीरें… पहले से अहम फैसले ले रहे हैं तेजस्वी तेजस्वी यादव पहले से ही पार्टी के अधिकतर महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं। संगठनात्मक मामलों से लेकर राजनीतिक रणनीति तक उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती जा रही है। पार्टी के भीतर भी उन्हें भविष्य के नेता के तौर पर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि विधानसभा चुनाव में पार्टी के खिलाफ काम करने वाले नेताओं पर कार्रवाई को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हो सकती है। कार्यकारिणी की बैठक में इस मुद्दे पर ठोस और सख्त निर्णय लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। लालू यादव क्यों RJD अध्यक्ष पद छोड़ रहे लालू प्रसाद यादव स्वास्थ्य कारणों से आगे अध्यक्ष नहीं रहना चाहते। वे अपना कार्यकाल पूरा होने (2028) तक राष्ट्रीय अध्यक्ष रहेंगे। उसके बाद तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाएगा। कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में तेजस्वी के पास राष्ट्रीय अध्यक्ष जितनी ताकत पहले से होगी। पूरी खबर पढ़ें… रोहिणी ने लिखा- लालूवाद को तहस-नहस किया जा रहा इधर, बैठक से पहले रोहिणी ने X पर लिखा, जिसे सही मायने में लालू यादव कि विचारधारा को आगे ले जाने की परवाह होगी, वह जरूर पार्टी की मौजूदा स्थिति को लेकर जिम्मेवार लोगों से सवाल करेगा। वर्त्तमान की कड़वी , चिंताजनक एवं दुःखद सच्चाई यही है कि आज जनता के हक -हकूक की लड़ाई लड़ने के लिए जानी जाने वाली, जन-जन की पार्टी की असली कमान फासीवादी विरोधियों के द्वारा भेजे गए वैसे घुसपैठियों-साजिशकर्ताओं के हाथों में है , जिन्हें लालूवाद को तहस -नहस करने के टास्क के साथ भेजा गया है। कब्जा जमाए बैठे ऐसे लोग अपने गंदे मकसद में काफी हद तक सफल होते भी दिखते हैं। नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाल रहे व्यक्ति को सवालों से भागने,सवालों से बचने,जवाब देने से मुंह चुराने, जवाब देने की बजाए भ्रम फैलाने, लालूवाद और पार्टी की हित की बात करने वालों के साथ दुर्व्यवहार, अभद्र आचरण, अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने की बजाए अपने गिरेबान में झांकना होगा और अगर “वो” चुप्पी साधता है, तो उस पर साजिश करने वाले गिरोह के साथ मिलीभगत का दोष और आरोप खुद ही साबित होता है .. RJD की कार्यकारिणी बैठक से जुड़े अपडेट्स पढ़ने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…