पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के बाढ़ पर बुलाए गए विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज दूसरा व अंतिम दिन है। जिसमें पुनर्वास पर प्रस्ताव पास किया गया है। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ। इससे पहले सीएम ने कहा कि कल शाम को गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे। CM ने कहा कि 20 अक्टूबर को दिवाली है। हम 15 अक्टूबर तक लोगों को फसलों, पशुओं और अन्य चीजों के नुकसानों के चेक देना शुरू कर देंगे। इससे पहले वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि नेता विपक्ष ने धुस्सी बांध के भीतर जमीन खरीदी है। वह बताएं कि बांध के अंदर जमीनें खरीदने की जरूरत क्यों पड़ गई। इनको वहां माइनिंग करनी थी। इसके जवाब में प्रताप बाजवा ने कहा कि जमीन सरकारी फीस देकर मालिक से ली है। बाजवा ने कहा कि हर डिस्टलरी से मंत्री चीमा सवा करोड़ रुपए लेते हैं। हर महीने 35 से 40 करोड़ रुपए ये अकेले डिस्टलरियों से इकट्ठा करते हैं। AAP सरकार के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने PM मोदी से मुलाकात के बारे में कहा कि जब उन्होंने 1600 करोड़ का ऐलान किया तो मैंने खड़े होकर बोला कि ये कम है। इस पर मोदी ने अहंकार भरे तरीके से कहा कि ‘हिंदी नहीं आती’। उन्होंने कहा कि हम भेड़-बकरियों और मुर्गी का भी मुआवजा देंगे। इससे पहले मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ में हमारे मंत्री काम करते रहे। मगर, जब कोरोना आया तो कांग्रेस के मंत्री ने घर के बाहर लिखकर लगा दिया था कि वह पब्लिक मीटिंग नहीं करेंगे। वहीं सदन में डेरा बाबा नानक से AAP के विधायक गुरदास रंधावा और कांग्रेस MLA अरुणा चौधरी सक्के नाले को लेकर आमने-सामने हो गए। रंधावा ने कहा कि इन्होंने कभी नाले की बात नहीं उठाई। इस पर अरुणा चौधरी ने कहा कि विधानसभा कमेटी बना लो। उससे जांच करा लो और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। वहीं, बीजेपी ने इस सेशन का बायकॉट किया है। भाजपा ने सेक्टर-37 में ‘जनता की विधानसभा’ लगाई। मंत्री हरभजन ईटीओ ने कहा कि भाजपा चर्चा से भाग रही है। उन्हें विधानसभा में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि BJP समानांतर सेशन चलाकर संविधान का मजाक उड़ा रही है। विधानसभा में मंत्री और बाजवा के आमने-सामने होने का पूरा एपिसोड पढ़िए… वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा- बाजवा साहब हर बात में कभी हाउस कमेटी बनाने तो कभी मंत्री बरिंदर गोयल के इस्तीफे की बात करते हैं। कभी काम नहीं हुआ। बाजवा साहब जो जमीन गांव फुलड़ा गुरदासपुर में आपने पत्नी के नाम खरीदी थी। यह जमीन 15-7-25 को खरीदी थी। जो कि 16.10 मरले थी। उक्त रकबा ब्यास नदी के साथ धुस्सी बांध में पड़ता है। सवा 2 एकड़ जमीन किसान से खरीदने की क्या जरूरत थी। इन्हें पता था कि रेत आने वाला है। रेत की माइनिंग करवाएंगे। इस पर बाजवा कुछ कहने लगे मंत्री चीमा ने कहा- मिस्टर बाजवा रुक जाओ एक मिनट। बताओ कि फुलड़ा में आपकी जमीन है या नहीं है। स्टेटमेंट दो, हर समय बीजेपी के स्पोक्समैन बने रहते हो। इस पर बाजवा ने कहा- हाउस में मर्यादा बनाकर रखे। स्पीकर ने कहा- बाजवा जी, आपको बोलने का मौका दिया जाएगा। मंत्री चीमा ने फिर कहा- दूसरा गांव पसवाल है। जहां पर उन्होंने 10 एकड़ जमीन खरीदी है। यह भी ब्यास नदी के पास धुस्सी बांध के अंदर है। ये डिपार्टमेंट को दोषी इसलिए बनाते हैं क्योंकि 2017 और 2019 में इनकी जमीन को बचाने के लिए एक करोड 18 लाख के पत्थर के स्टड लगाए गए । यह चाहते है कि बाजवा को प्रोटेक्ट किया किया जाए, किसानों को प्रोटेक्ट न किया जाए। यह आपका चेहरा आपका है। आपने दस एकड़ जमीन रिटर्न में 25 लाख का दिखाया है। उस पर सरकार के 1 करोड़ 18 लाख खर्च करवाए है। इस पर बाजवा ने कहा- मैने जमीन ली है। आपकी सरकार ने स्टांप डयूटी ली है। मालिकों से ली है, किसी चोर से नहीं ली है। पत्थर क्या इनकी सरकार ने लगाया। मैं इनसे पूछना चाहता हूं 12 हजार करोड़ रुपए एक्साइज का चूस गए हो, कभी उसका भी मेंशन भी किया। एक्साइज मिनिस्टर हर शराब फैक्ट्री से सवा करोड़ रुपए लेता है। हर महीने 35 से 40 करोड़ डिस्टलरियों से इकट्ठा करता है। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस तेज बहस शुरू हो गई। मंत्री चीमा ने फिर कहा- धुस्सी बांधों के अंदर जमीन क्यों खरीदते हैं, क्योंकि इन्होंने माइनिंग करनी है। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर कुलतार संधवां ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। कार्यवाही से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के बाढ़ पर बुलाए गए विधानसभा के स्पेशल सेशन का आज दूसरा व अंतिम दिन है। जिसमें पुनर्वास पर प्रस्ताव पास किया गया है। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हुआ। इससे पहले सीएम ने कहा कि कल शाम को गृहमंत्री अमित शाह से मिलेंगे। CM ने कहा कि 20 अक्टूबर को दिवाली है। हम 15 अक्टूबर तक लोगों को फसलों, पशुओं और अन्य चीजों के नुकसानों के चेक देना शुरू कर देंगे। इससे पहले वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि नेता विपक्ष ने धुस्सी बांध के भीतर जमीन खरीदी है। वह बताएं कि बांध के अंदर जमीनें खरीदने की जरूरत क्यों पड़ गई। इनको वहां माइनिंग करनी थी। इसके जवाब में प्रताप बाजवा ने कहा कि जमीन सरकारी फीस देकर मालिक से ली है। बाजवा ने कहा कि हर डिस्टलरी से मंत्री चीमा सवा करोड़ रुपए लेते हैं। हर महीने 35 से 40 करोड़ रुपए ये अकेले डिस्टलरियों से इकट्ठा करते हैं। AAP सरकार के मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने PM मोदी से मुलाकात के बारे में कहा कि जब उन्होंने 1600 करोड़ का ऐलान किया तो मैंने खड़े होकर बोला कि ये कम है। इस पर मोदी ने अहंकार भरे तरीके से कहा कि ‘हिंदी नहीं आती’। उन्होंने कहा कि हम भेड़-बकरियों और मुर्गी का भी मुआवजा देंगे। इससे पहले मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि बाढ़ में हमारे मंत्री काम करते रहे। मगर, जब कोरोना आया तो कांग्रेस के मंत्री ने घर के बाहर लिखकर लगा दिया था कि वह पब्लिक मीटिंग नहीं करेंगे। वहीं सदन में डेरा बाबा नानक से AAP के विधायक गुरदास रंधावा और कांग्रेस MLA अरुणा चौधरी सक्के नाले को लेकर आमने-सामने हो गए। रंधावा ने कहा कि इन्होंने कभी नाले की बात नहीं उठाई। इस पर अरुणा चौधरी ने कहा कि विधानसभा कमेटी बना लो। उससे जांच करा लो और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। वहीं, बीजेपी ने इस सेशन का बायकॉट किया है। भाजपा ने सेक्टर-37 में ‘जनता की विधानसभा’ लगाई। मंत्री हरभजन ईटीओ ने कहा कि भाजपा चर्चा से भाग रही है। उन्हें विधानसभा में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि BJP समानांतर सेशन चलाकर संविधान का मजाक उड़ा रही है। विधानसभा में मंत्री और बाजवा के आमने-सामने होने का पूरा एपिसोड पढ़िए… वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा- बाजवा साहब हर बात में कभी हाउस कमेटी बनाने तो कभी मंत्री बरिंदर गोयल के इस्तीफे की बात करते हैं। कभी काम नहीं हुआ। बाजवा साहब जो जमीन गांव फुलड़ा गुरदासपुर में आपने पत्नी के नाम खरीदी थी। यह जमीन 15-7-25 को खरीदी थी। जो कि 16.10 मरले थी। उक्त रकबा ब्यास नदी के साथ धुस्सी बांध में पड़ता है। सवा 2 एकड़ जमीन किसान से खरीदने की क्या जरूरत थी। इन्हें पता था कि रेत आने वाला है। रेत की माइनिंग करवाएंगे। इस पर बाजवा कुछ कहने लगे मंत्री चीमा ने कहा- मिस्टर बाजवा रुक जाओ एक मिनट। बताओ कि फुलड़ा में आपकी जमीन है या नहीं है। स्टेटमेंट दो, हर समय बीजेपी के स्पोक्समैन बने रहते हो। इस पर बाजवा ने कहा- हाउस में मर्यादा बनाकर रखे। स्पीकर ने कहा- बाजवा जी, आपको बोलने का मौका दिया जाएगा। मंत्री चीमा ने फिर कहा- दूसरा गांव पसवाल है। जहां पर उन्होंने 10 एकड़ जमीन खरीदी है। यह भी ब्यास नदी के पास धुस्सी बांध के अंदर है। ये डिपार्टमेंट को दोषी इसलिए बनाते हैं क्योंकि 2017 और 2019 में इनकी जमीन को बचाने के लिए एक करोड 18 लाख के पत्थर के स्टड लगाए गए । यह चाहते है कि बाजवा को प्रोटेक्ट किया किया जाए, किसानों को प्रोटेक्ट न किया जाए। यह आपका चेहरा आपका है। आपने दस एकड़ जमीन रिटर्न में 25 लाख का दिखाया है। उस पर सरकार के 1 करोड़ 18 लाख खर्च करवाए है। इस पर बाजवा ने कहा- मैने जमीन ली है। आपकी सरकार ने स्टांप डयूटी ली है। मालिकों से ली है, किसी चोर से नहीं ली है। पत्थर क्या इनकी सरकार ने लगाया। मैं इनसे पूछना चाहता हूं 12 हजार करोड़ रुपए एक्साइज का चूस गए हो, कभी उसका भी मेंशन भी किया। एक्साइज मिनिस्टर हर शराब फैक्ट्री से सवा करोड़ रुपए लेता है। हर महीने 35 से 40 करोड़ डिस्टलरियों से इकट्ठा करता है। इसके बाद दोनों पक्षों में बहस तेज बहस शुरू हो गई। मंत्री चीमा ने फिर कहा- धुस्सी बांधों के अंदर जमीन क्यों खरीदते हैं, क्योंकि इन्होंने माइनिंग करनी है। हंगामा बढ़ता देख स्पीकर कुलतार संधवां ने 10 मिनट के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। कार्यवाही से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…