प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के 75वें जन्मदिन पर आज (17 सितंबर) से हरियाणा में भी भाजपा सेवा पखवाड़ा मना रही है। मोदी नब्बे के दशक में हरियाणा भाजपा के प्रभारी के नाते काफी समय यहां रहे। खासकर रोहतक और पंचकूला में पार्टी कार्यालय उनके ठिकाने रहे। उनसे हरियाणा में कई किस्से भी जुड़े हैं। PM बनने के बाद मोदी जब-जब हरियाणा आए हैं, मंच पर पुरानी यादों का जिक्र जरूर करते हैं। रोहतक की सांपला रैली में तो उन्होंने मंच पर ही रोहतक दफ्तर के रसोइए दीपक मंगला को बुलाकर गले लगा लिया था। इसी तरह पंचकूला में जिस घर में रहे, वहां पर्ची से बच्चे का नामकरण किया। तब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर उनके खास सहयोगी होते थे और वर्तमान CM नायब सैनी कई बार सारथी बने। अब उन्हीं की जुबानी सिलसिलेवार ढंग से जानिए, उनसे जुड़े ये दिलचस्प किस्से पहला किस्सा
मोदी ने 4 नाम सुझाए, जो पर्ची बच्चे ने टच की, वही नाम रखा
पंचकूला में सेक्टर-7 की रहने वाली सरोज बताती हैं- बात 1992 के आसपास की है। नरेंद्र मोदी भाजपा प्रदेश प्रभारी के नाते आए और उनके घर में रहे। मुझे बेटा हुआ तो कुछ दिन बाद मोदी जी ने पूछा कि क्या नाम रखा है। हमने बताया कि नाम को लेकर तो कुछ तय नहीं हो पा रहा है। पंडित ने D अक्षर पर नाम रखने का सुझाव दिया है। इस पर मोदी ने कहा कि सभी लोग अपने पसंदीदा नामों की लिस्ट तैयार करो। मैं भी अपनी लिस्ट तैयार करता हूं। सभी ने अपने नाम की लिस्ट तैयार की तो उन्होंने वो नाम शॉर्टलिस्ट किए, जो कॉमन थे। परिवार में सभी लोगों ने जो नाम सुझाए, उनमें से मोदी ने 4 नाम फाइनल किए। उन्होंने चारों नाम की पर्ची बनाई और बच्चे के पास लेकर गए। बच्चे के बेड पर चारों पर्चियां रख दीं और कहा कि इसके हाथ से जो पर्ची पहले टच होगी, वही इसका नाम होगा। बच्चे ने पहली पर्ची टच की उसे खाेला तो दीपम नाम निकला। इस पर मोदी ने कहा कि देश का पहला बच्चा है, जिसने अपना नाम खुद तय किया है। जिस बच्चे का नामकरण मोदी के हाथों हुआ, वो दीपम अब BBA करके परिवार का बिजनेस संभाल रहे हैं। परिवार मार्बल कारोबारी है। दीपम को ऑफ रोडिंग काफी पंसद है। मोदी ने खिचड़ी-पोहा सिखाया, राखी पर्व दोबारा मनवाया
सरोज बताती हैं कि मैं नई-नई बहू बनकर आई थी तो मोदी जी ने साबूदाना की खिचड़ी मंगवाई। मेरी बनाई खिचड़ी में उन्हें वो टेस्ट नहीं आया, जो उन्हें पसंद थी। फिर उन्होंने मुझे साबूदाना की खिचड़ी और पोहा बनाना सिखाया। मुझे 7 साल तक उनके सानिध्य में रहकर एक बात सीखने को मिली कि दूसरों की ज्यादा सुननी चाहिए और खुद कम बोलना चाहिए। मेरे दादा ससुर का देहांत रक्षाबंधन के दिन हो गया था तो हमारे परिवार में रक्षाबंधन का पर्व मनाना बंद हो गया था। नरेंद्र मोदी हमारे घर पर थे तो उन्होंने हमें समझाया कि दूसरी पीढ़ी आ चुकी है, अब बच्चों को हिंदू धर्म का पवित्र त्योहार शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहने से ही हमारे घर फिर से रक्षाबंधन का पर्व शुरू हुआ था। संघ कार्यकर्ता के घर रहे 7 साल
पंचकूला के सेक्टर-7 के जिस घर में पीएम नरेंद्र मोदी 7 साल तक रहे, वो संघ के कार्यकर्ता स्व. हनुमान प्रसाद का है। हनुमान प्रसाद उस समय विश्व हिंदू परिषद की चंडीगढ़ यूनिट के प्रधान थे। उनके बेटे स्व. महावीर प्रसाद चंडीगढ़ BJP में सक्रिय तौर पर काम करते रहे। अब राजकिशोर चंडीगढ़ भाजपा में बतौर उपप्रधान काम कर रहे हैं। सरोज राजकिशोर की पत्नी हैं। दूसरा किस्सा
रोहतक में रसोइए को सिखाया परांठा बनाना
पंचकूला के भाजपा प्रदेश कार्यालय पंचकमल में ऑफिस इंचार्ज दीपक ने 1997 का एक किस्सा सांझा किया। दीपक के मुताबिक, उस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय रोहतक में सोनीपत रोड पर होता था और उनकी उम्र महज 14 साल थी। एक दिन सुबह करीब 9 बजे कार्यालय से सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता नाश्ता करके जा चुके थे। इसी दौरान मोदी आए और सीधे रसोई में पहुंचे। पूछा नाश्ता है क्या? दीपक ने जवाब दिया कि नाश्ता खत्म हो गया है। मोदी जी ने सामने रखे डिब्बे को देखकर कहा कि यह क्या है? दीपक ने जवाब दिया कि अचार का मसाला बचा है। फिर सवाल किया इसका करते क्या हो? दीपक ने कहा इसे फेंक देते हैं कोई उपयोग नहीं होता। मोदी ने तुरंत आटा लिया और गूंथने लगे और दीपक को प्याज काटने के लिए कहा। बाद में उसी मसाले को मिलाकर परांठे बनाकर दीपक को भी रसोई में बैठाकर खिलाए। खिचड़ी से भी बना दिया परांठा
दीपक ने दूसरा किस्सा बताया कि उस दौरान हरियाणा के संगठन मंत्री मनोहर लाल थे। एक दिन मोदी ने प्रदेश कार्यालय की रसोई में रखे फ्रिज को खोला तो एक कटोरे में रात की बची हुई खिचड़ी रखी थी। मोदी ने दीपक से पूछा खिचड़ी का क्या करोगे? तो दीपक ने कह दिया कि गाय को खिला देंगे। इस पर मोदी मुस्कुराए और आटा गूंथने के लिए कहा। फिर उन्होंने बची हुई खिचड़ी के परांठे बनाए और दोनों ने खाए। थोड़ी देर बाद मनोहर लाल आ गए तो उन्होंने परांठों के बारे में पूछा। दीपक ने बताया कि खिचड़ी के परांठे प्रभारी नरेंद्र मोदी ने बनाए हैं। जब मनोहर लाल ने परांठे खाए तो वह भी हंसने लगे। दीपक से खास लगाव रखते हैं प्रधानमंत्री मोदी
दीपक मूलरूप से नेपाल के रहने वाले हैं। दीपक के पिता हरि प्रसाद भारतीय सेना से रिटायर हुए तो हरियाणा पुलिस में भर्ती हो गए। उनकी तैनाती रोहतक थी। वर्ष 2012 में वह रिटायर हुए। दीपक बचपन से ही भाजपा कार्यालय से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी दीपक से विशेष स्नेह रखते हैं। साल 2014 में झज्जर की रैली हो या फिर रोहतक के सांपला में 2018 में हुई रैली। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद दीपक को बुलाकर मुलाकात की। तीसरी किस्सा
काली शॉल घुटने पर रख बोले-देखो मैं मुरारी बाबू लगा रहा हूं क्या
हरियाणा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर बताते हैं- जब मोदी हरियाणा भाजपा के प्रभारी थे, तब पार्टी का प्रदेश कार्यालय रोहतक में था। मोदी अकसर यहां आते थे। प्रदेश कार्यालय में अकसर मोदी खुद अपनी खिचड़ी बनाते थे। एक बार वो आए तो रोहतक के वैश्य कॉलेज में आध्यात्मिक गुरु मुरारी बापू की कथा का कार्यक्रम चल रहा था। उन दिनों मेरे पास सेंट्रो गाड़ी थी, जिसका नंबर था-267। उस गाड़ी में मैं उन्हें बैठाकर कथा में ले गया। कथा सुनकर वापस आए तो अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरकर कहने लगे मनीष, मैं मुरारी बापू लगता हूं या नहीं लगता। जब घर आए तो बोले कि एक बार काली शॉल दो, जैसी मुरारी बापू कथा के दौरान घुटने पर रखते थे। ऐसा कपड़ा मोदी ने मंगवाया और जब ये वस्त्र डाले और शीशे के सामने खड़े होकर बोले कि मनीष, अब बताओ मैं मुरारी बापू लगता हूं या नहीं लगता। बस में आ जाते थे, गले में झोला लटकाए रहते
ग्रोवर आगे बताते हैं- उस समय मोबाइल नहीं होता था। मोदी बसों में आ जाते थे और गले में एक झोला लटकाए रहते। उस समय मनोहर लाल संगठन के महामंत्री थे। उस दौरान कोई चर्चा होनी होती या मीटिंग होनी तो वह कोशिश करते कि खुद ही खिचड़ी बनाकर खिलाएं। चौथा किस्सा
मोदी ने कार्यालय प्रभारी को दिया काले एंटीना वाला फोन
भाजपा के वरिष्ठ नेता व रोहतक में प्रदेश कार्यालय सचिव गुलशन भाटिया ने बताया कि 1996 से लेकर 2000 के बीच मोदी का कई बार रोहतक आना हुआ। मोदी के अंदर भावना रही कि अन्न का अपमान नहीं होना चाहिए। इस दौरान अगर कुछ खाना बच जाता तो उसमें कुछ न कुछ मिलाकर खिचड़ी बना देते और कहते कि खाना कभी फेंकना नहीं चाहिए। भाटिया आगे बताते हैं- जब भी मीटिंग के लिए रोहतक आते तो कार्यकर्ताओं से पिछली मीटिंग के बारे में भी पूछ लेते। पहली बार जब फोन आया तो बड़े एंटीना वाला काले रंग का फोन मोदी ने ही मुझे दिया था। पांचवां किस्सा
14 साल बाद समर्थक को खुद अपने हाथों से पहनाए जूते
हरियाणा के कैथल जिले के गांव खेड़ी गुलाम अली निवासी रामपाल कश्यप भाजपा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने करीब 14 साल पहले प्रण लिया था कि जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे और उनसे व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलेंगे, तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। मोदी साल 2014 में प्रधानमंत्री बन गए, लेकिन कश्यप से मुलाकात नहीं हुई। कश्यप ने भी प्रण नहीं तोड़ा और जूते नहीं पहने। इसी साल मोदी तक यह बात पहुंची। इसी साल 14 अप्रैल को पीएम मोदी यमुनानगर में थर्मल यूनिट का शिलान्यास करने पहुंचे। तब उन्होंने इस कार्यकर्ता को बुलावा भेजा। कैथल भाजपा के अध्यक्ष रहे अशोक गुर्जर रामपाल को लेकर PM मोदी के पास पहुंचे। मोदी ने रिटायरिंग रूम में रामपाल से मिलते ही पूछा-अरे भाई ये तुमने क्यों किया। इस पर रामपाल ने सारी कहानी बताई। तब मोदी ने अपने हाथों से उन्हें जूते पहनाए। साथ ही इसका वीडियो अपने X-हैंडल पर शेयर किया। इस मुलाकात के बाद रामपाल कश्यप ने बताया, “मैं मजदूरी करता हूं। इन 14 साल में मुश्किलें तो आईं। मेरा मजाक भी बहुत उड़ाया गया कि ये तो पागल है, ऐसे ही घूमता रहता है। मैंने किसी की नहीं सुनी। 2010 में ओबीसी मोर्चा में था।” (इनपुटः रोहतक से दीपक कुमार)
प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी के 75वें जन्मदिन पर आज (17 सितंबर) से हरियाणा में भी भाजपा सेवा पखवाड़ा मना रही है। मोदी नब्बे के दशक में हरियाणा भाजपा के प्रभारी के नाते काफी समय यहां रहे। खासकर रोहतक और पंचकूला में पार्टी कार्यालय उनके ठिकाने रहे। उनसे हरियाणा में कई किस्से भी जुड़े हैं। PM बनने के बाद मोदी जब-जब हरियाणा आए हैं, मंच पर पुरानी यादों का जिक्र जरूर करते हैं। रोहतक की सांपला रैली में तो उन्होंने मंच पर ही रोहतक दफ्तर के रसोइए दीपक मंगला को बुलाकर गले लगा लिया था। इसी तरह पंचकूला में जिस घर में रहे, वहां पर्ची से बच्चे का नामकरण किया। तब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर उनके खास सहयोगी होते थे और वर्तमान CM नायब सैनी कई बार सारथी बने। अब उन्हीं की जुबानी सिलसिलेवार ढंग से जानिए, उनसे जुड़े ये दिलचस्प किस्से पहला किस्सा
मोदी ने 4 नाम सुझाए, जो पर्ची बच्चे ने टच की, वही नाम रखा
पंचकूला में सेक्टर-7 की रहने वाली सरोज बताती हैं- बात 1992 के आसपास की है। नरेंद्र मोदी भाजपा प्रदेश प्रभारी के नाते आए और उनके घर में रहे। मुझे बेटा हुआ तो कुछ दिन बाद मोदी जी ने पूछा कि क्या नाम रखा है। हमने बताया कि नाम को लेकर तो कुछ तय नहीं हो पा रहा है। पंडित ने D अक्षर पर नाम रखने का सुझाव दिया है। इस पर मोदी ने कहा कि सभी लोग अपने पसंदीदा नामों की लिस्ट तैयार करो। मैं भी अपनी लिस्ट तैयार करता हूं। सभी ने अपने नाम की लिस्ट तैयार की तो उन्होंने वो नाम शॉर्टलिस्ट किए, जो कॉमन थे। परिवार में सभी लोगों ने जो नाम सुझाए, उनमें से मोदी ने 4 नाम फाइनल किए। उन्होंने चारों नाम की पर्ची बनाई और बच्चे के पास लेकर गए। बच्चे के बेड पर चारों पर्चियां रख दीं और कहा कि इसके हाथ से जो पर्ची पहले टच होगी, वही इसका नाम होगा। बच्चे ने पहली पर्ची टच की उसे खाेला तो दीपम नाम निकला। इस पर मोदी ने कहा कि देश का पहला बच्चा है, जिसने अपना नाम खुद तय किया है। जिस बच्चे का नामकरण मोदी के हाथों हुआ, वो दीपम अब BBA करके परिवार का बिजनेस संभाल रहे हैं। परिवार मार्बल कारोबारी है। दीपम को ऑफ रोडिंग काफी पंसद है। मोदी ने खिचड़ी-पोहा सिखाया, राखी पर्व दोबारा मनवाया
सरोज बताती हैं कि मैं नई-नई बहू बनकर आई थी तो मोदी जी ने साबूदाना की खिचड़ी मंगवाई। मेरी बनाई खिचड़ी में उन्हें वो टेस्ट नहीं आया, जो उन्हें पसंद थी। फिर उन्होंने मुझे साबूदाना की खिचड़ी और पोहा बनाना सिखाया। मुझे 7 साल तक उनके सानिध्य में रहकर एक बात सीखने को मिली कि दूसरों की ज्यादा सुननी चाहिए और खुद कम बोलना चाहिए। मेरे दादा ससुर का देहांत रक्षाबंधन के दिन हो गया था तो हमारे परिवार में रक्षाबंधन का पर्व मनाना बंद हो गया था। नरेंद्र मोदी हमारे घर पर थे तो उन्होंने हमें समझाया कि दूसरी पीढ़ी आ चुकी है, अब बच्चों को हिंदू धर्म का पवित्र त्योहार शुरू करना चाहिए। उन्होंने कहने से ही हमारे घर फिर से रक्षाबंधन का पर्व शुरू हुआ था। संघ कार्यकर्ता के घर रहे 7 साल
पंचकूला के सेक्टर-7 के जिस घर में पीएम नरेंद्र मोदी 7 साल तक रहे, वो संघ के कार्यकर्ता स्व. हनुमान प्रसाद का है। हनुमान प्रसाद उस समय विश्व हिंदू परिषद की चंडीगढ़ यूनिट के प्रधान थे। उनके बेटे स्व. महावीर प्रसाद चंडीगढ़ BJP में सक्रिय तौर पर काम करते रहे। अब राजकिशोर चंडीगढ़ भाजपा में बतौर उपप्रधान काम कर रहे हैं। सरोज राजकिशोर की पत्नी हैं। दूसरा किस्सा
रोहतक में रसोइए को सिखाया परांठा बनाना
पंचकूला के भाजपा प्रदेश कार्यालय पंचकमल में ऑफिस इंचार्ज दीपक ने 1997 का एक किस्सा सांझा किया। दीपक के मुताबिक, उस दौरान भाजपा प्रदेश कार्यालय रोहतक में सोनीपत रोड पर होता था और उनकी उम्र महज 14 साल थी। एक दिन सुबह करीब 9 बजे कार्यालय से सभी पदाधिकारी व कार्यकर्ता नाश्ता करके जा चुके थे। इसी दौरान मोदी आए और सीधे रसोई में पहुंचे। पूछा नाश्ता है क्या? दीपक ने जवाब दिया कि नाश्ता खत्म हो गया है। मोदी जी ने सामने रखे डिब्बे को देखकर कहा कि यह क्या है? दीपक ने जवाब दिया कि अचार का मसाला बचा है। फिर सवाल किया इसका करते क्या हो? दीपक ने कहा इसे फेंक देते हैं कोई उपयोग नहीं होता। मोदी ने तुरंत आटा लिया और गूंथने लगे और दीपक को प्याज काटने के लिए कहा। बाद में उसी मसाले को मिलाकर परांठे बनाकर दीपक को भी रसोई में बैठाकर खिलाए। खिचड़ी से भी बना दिया परांठा
दीपक ने दूसरा किस्सा बताया कि उस दौरान हरियाणा के संगठन मंत्री मनोहर लाल थे। एक दिन मोदी ने प्रदेश कार्यालय की रसोई में रखे फ्रिज को खोला तो एक कटोरे में रात की बची हुई खिचड़ी रखी थी। मोदी ने दीपक से पूछा खिचड़ी का क्या करोगे? तो दीपक ने कह दिया कि गाय को खिला देंगे। इस पर मोदी मुस्कुराए और आटा गूंथने के लिए कहा। फिर उन्होंने बची हुई खिचड़ी के परांठे बनाए और दोनों ने खाए। थोड़ी देर बाद मनोहर लाल आ गए तो उन्होंने परांठों के बारे में पूछा। दीपक ने बताया कि खिचड़ी के परांठे प्रभारी नरेंद्र मोदी ने बनाए हैं। जब मनोहर लाल ने परांठे खाए तो वह भी हंसने लगे। दीपक से खास लगाव रखते हैं प्रधानमंत्री मोदी
दीपक मूलरूप से नेपाल के रहने वाले हैं। दीपक के पिता हरि प्रसाद भारतीय सेना से रिटायर हुए तो हरियाणा पुलिस में भर्ती हो गए। उनकी तैनाती रोहतक थी। वर्ष 2012 में वह रिटायर हुए। दीपक बचपन से ही भाजपा कार्यालय से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री मोदी दीपक से विशेष स्नेह रखते हैं। साल 2014 में झज्जर की रैली हो या फिर रोहतक के सांपला में 2018 में हुई रैली। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद दीपक को बुलाकर मुलाकात की। तीसरी किस्सा
काली शॉल घुटने पर रख बोले-देखो मैं मुरारी बाबू लगा रहा हूं क्या
हरियाणा के पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर बताते हैं- जब मोदी हरियाणा भाजपा के प्रभारी थे, तब पार्टी का प्रदेश कार्यालय रोहतक में था। मोदी अकसर यहां आते थे। प्रदेश कार्यालय में अकसर मोदी खुद अपनी खिचड़ी बनाते थे। एक बार वो आए तो रोहतक के वैश्य कॉलेज में आध्यात्मिक गुरु मुरारी बापू की कथा का कार्यक्रम चल रहा था। उन दिनों मेरे पास सेंट्रो गाड़ी थी, जिसका नंबर था-267। उस गाड़ी में मैं उन्हें बैठाकर कथा में ले गया। कथा सुनकर वापस आए तो अपनी दाढ़ी पर हाथ फेरकर कहने लगे मनीष, मैं मुरारी बापू लगता हूं या नहीं लगता। जब घर आए तो बोले कि एक बार काली शॉल दो, जैसी मुरारी बापू कथा के दौरान घुटने पर रखते थे। ऐसा कपड़ा मोदी ने मंगवाया और जब ये वस्त्र डाले और शीशे के सामने खड़े होकर बोले कि मनीष, अब बताओ मैं मुरारी बापू लगता हूं या नहीं लगता। बस में आ जाते थे, गले में झोला लटकाए रहते
ग्रोवर आगे बताते हैं- उस समय मोबाइल नहीं होता था। मोदी बसों में आ जाते थे और गले में एक झोला लटकाए रहते। उस समय मनोहर लाल संगठन के महामंत्री थे। उस दौरान कोई चर्चा होनी होती या मीटिंग होनी तो वह कोशिश करते कि खुद ही खिचड़ी बनाकर खिलाएं। चौथा किस्सा
मोदी ने कार्यालय प्रभारी को दिया काले एंटीना वाला फोन
भाजपा के वरिष्ठ नेता व रोहतक में प्रदेश कार्यालय सचिव गुलशन भाटिया ने बताया कि 1996 से लेकर 2000 के बीच मोदी का कई बार रोहतक आना हुआ। मोदी के अंदर भावना रही कि अन्न का अपमान नहीं होना चाहिए। इस दौरान अगर कुछ खाना बच जाता तो उसमें कुछ न कुछ मिलाकर खिचड़ी बना देते और कहते कि खाना कभी फेंकना नहीं चाहिए। भाटिया आगे बताते हैं- जब भी मीटिंग के लिए रोहतक आते तो कार्यकर्ताओं से पिछली मीटिंग के बारे में भी पूछ लेते। पहली बार जब फोन आया तो बड़े एंटीना वाला काले रंग का फोन मोदी ने ही मुझे दिया था। पांचवां किस्सा
14 साल बाद समर्थक को खुद अपने हाथों से पहनाए जूते
हरियाणा के कैथल जिले के गांव खेड़ी गुलाम अली निवासी रामपाल कश्यप भाजपा कार्यकर्ता हैं। उन्होंने करीब 14 साल पहले प्रण लिया था कि जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बनेंगे और उनसे व्यक्तिगत रूप से नहीं मिलेंगे, तब तक वह जूते-चप्पल नहीं पहनेंगे। मोदी साल 2014 में प्रधानमंत्री बन गए, लेकिन कश्यप से मुलाकात नहीं हुई। कश्यप ने भी प्रण नहीं तोड़ा और जूते नहीं पहने। इसी साल मोदी तक यह बात पहुंची। इसी साल 14 अप्रैल को पीएम मोदी यमुनानगर में थर्मल यूनिट का शिलान्यास करने पहुंचे। तब उन्होंने इस कार्यकर्ता को बुलावा भेजा। कैथल भाजपा के अध्यक्ष रहे अशोक गुर्जर रामपाल को लेकर PM मोदी के पास पहुंचे। मोदी ने रिटायरिंग रूम में रामपाल से मिलते ही पूछा-अरे भाई ये तुमने क्यों किया। इस पर रामपाल ने सारी कहानी बताई। तब मोदी ने अपने हाथों से उन्हें जूते पहनाए। साथ ही इसका वीडियो अपने X-हैंडल पर शेयर किया। इस मुलाकात के बाद रामपाल कश्यप ने बताया, “मैं मजदूरी करता हूं। इन 14 साल में मुश्किलें तो आईं। मेरा मजाक भी बहुत उड़ाया गया कि ये तो पागल है, ऐसे ही घूमता रहता है। मैंने किसी की नहीं सुनी। 2010 में ओबीसी मोर्चा में था।” (इनपुटः रोहतक से दीपक कुमार)