हरियाणा की कुरुक्षेत्र पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले इंटरनेशल रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून निवासी अनिकांत भट्ट को पकड़ा है। पुलिस का कहना है कि भट्ट ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ी थी। फिर नौकरी की तलाश में कंबोडिया गया और वहां चाइनीज सिंडिकेट के हत्थे चढ़ा और साइबर ठग बन गया। पुलिस ने भट्ट को कुरुक्षेत्र के सेक्टर-2 के सेना से रिटायर फौजी बाल किशन को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 80 लाख रुपए ठगने के मामले में गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पूरे गठजोड़ का खुलासा हुआ। भट्ट कंबोडिया से ट्रेनिंग लेकर लौटने के बाद देहरादून से ठगी का धंधा ऑपरेट कर रहा था। पूछताछ में सामने आया कि भट्ट पहले चाइनीज सिंडिकेट के लिए मोहरे की तरह काम कर रहा था। फिर धीरे-धीरे उसने अपना नेटवर्क बनाया। अब खुद साइबर फ्रॉड करने की फिराक में था, लेकिन पकड़ा गया। कुरुक्षेत्र SP नीतिश अग्रवाल ने बताया कि आरोपी 5 दिन के रिमांड पर है, इस दौरान कई खुलासे होंगे। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, रिटायर फौजी का बेटा अच्छी पढ़ाई के बावजूद ठग कैसे बना… कुरुक्षेत्र के रिटायर्ड सूबेदार को 8 दिन डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 79 लाख
कुरुक्षेत्र के सेक्टर-2 निवासी रिटायर्ड सूबेदार बाल किशन के पास 24 अगस्त 2025 को अनजान नंबर से एक लड़की का कॉल आया। उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि बाल कृष्ण के क्रेडिट कार्ड पर 1 लाख रुपए का बकाया है। रिटायर्ड सूबेदार ने इनकार किया तो कॉल को सीनियर डिपार्टमेंट में ट्रांसफर करने की बात कही। फिर उन्हें डराने का सिलसिला शुरू हुआ। अलग-अलग नंबरों से कॉल आते रहे। कॉल करने वालों ने कहा कि आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। जेल जाने का डर दिखाकर 30 लाख रुपए मांगे। गिरफ्तारी के डर से बाल किशन ने बताए गए खाते में 28 अगस्त को करीब 30 लाख और एक सितंबर को 49 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। एक चूक से पकड़ा गया, ठिकाने पर पहुंच गई पुलिस
थाना साइबर के SHO महेश कुमार ने बताया कि आरोपी कंबोडिया में जो भी सिमकार्ड भेजता था, उसे मोबाइल में डालकर चेक करता था। कुरुक्षेत्र में रिटायर्ड सूबेदार को जिस नंबर से कॉल आई, वह सिम भी भट्ट ने अपने मोबाइल में नंबर डालकर चेक की थी। बस उसी से पुलिस को मोबाइल का IMEI नंबर पता चल गया। इसके जरिए पुलिस देहरादून में दीप नगर भट्ट के ठिकाने पर पहुंच गई। आरोपी के कब्जे से 278 सिम कार्ड, 6 सिम बैंक सर्वर, लैपटॉप, 2 वाईफाई, पासपोर्ट और पर्स जब्त हुए।
हरियाणा की कुरुक्षेत्र पुलिस ने साइबर फ्रॉड करने वाले इंटरनेशल रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया है। पुलिस ने उत्तराखंड के देहरादून निवासी अनिकांत भट्ट को पकड़ा है। पुलिस का कहना है कि भट्ट ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ी थी। फिर नौकरी की तलाश में कंबोडिया गया और वहां चाइनीज सिंडिकेट के हत्थे चढ़ा और साइबर ठग बन गया। पुलिस ने भट्ट को कुरुक्षेत्र के सेक्टर-2 के सेना से रिटायर फौजी बाल किशन को डिजिटल अरेस्ट कर करीब 80 लाख रुपए ठगने के मामले में गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पूरे गठजोड़ का खुलासा हुआ। भट्ट कंबोडिया से ट्रेनिंग लेकर लौटने के बाद देहरादून से ठगी का धंधा ऑपरेट कर रहा था। पूछताछ में सामने आया कि भट्ट पहले चाइनीज सिंडिकेट के लिए मोहरे की तरह काम कर रहा था। फिर धीरे-धीरे उसने अपना नेटवर्क बनाया। अब खुद साइबर फ्रॉड करने की फिराक में था, लेकिन पकड़ा गया। कुरुक्षेत्र SP नीतिश अग्रवाल ने बताया कि आरोपी 5 दिन के रिमांड पर है, इस दौरान कई खुलासे होंगे। सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए, रिटायर फौजी का बेटा अच्छी पढ़ाई के बावजूद ठग कैसे बना… कुरुक्षेत्र के रिटायर्ड सूबेदार को 8 दिन डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 79 लाख
कुरुक्षेत्र के सेक्टर-2 निवासी रिटायर्ड सूबेदार बाल किशन के पास 24 अगस्त 2025 को अनजान नंबर से एक लड़की का कॉल आया। उसने खुद को बैंक कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि बाल कृष्ण के क्रेडिट कार्ड पर 1 लाख रुपए का बकाया है। रिटायर्ड सूबेदार ने इनकार किया तो कॉल को सीनियर डिपार्टमेंट में ट्रांसफर करने की बात कही। फिर उन्हें डराने का सिलसिला शुरू हुआ। अलग-अलग नंबरों से कॉल आते रहे। कॉल करने वालों ने कहा कि आपके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर करोड़ों रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग हुई है। जेल जाने का डर दिखाकर 30 लाख रुपए मांगे। गिरफ्तारी के डर से बाल किशन ने बताए गए खाते में 28 अगस्त को करीब 30 लाख और एक सितंबर को 49 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। एक चूक से पकड़ा गया, ठिकाने पर पहुंच गई पुलिस
थाना साइबर के SHO महेश कुमार ने बताया कि आरोपी कंबोडिया में जो भी सिमकार्ड भेजता था, उसे मोबाइल में डालकर चेक करता था। कुरुक्षेत्र में रिटायर्ड सूबेदार को जिस नंबर से कॉल आई, वह सिम भी भट्ट ने अपने मोबाइल में नंबर डालकर चेक की थी। बस उसी से पुलिस को मोबाइल का IMEI नंबर पता चल गया। इसके जरिए पुलिस देहरादून में दीप नगर भट्ट के ठिकाने पर पहुंच गई। आरोपी के कब्जे से 278 सिम कार्ड, 6 सिम बैंक सर्वर, लैपटॉप, 2 वाईफाई, पासपोर्ट और पर्स जब्त हुए।