हरियाणा के 8 जिलों में आज बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ का कहना है कि जींद, कैथल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह के कुछ इलाकों में आज बारिश आ सकती है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि 17 सिंतबर से एक बार फिर मौसम बदलेगा और 19 सितंबर तक लगातार बारिश होगी। 20 सितंबर से मानसून की विदाई हो जाएगी। मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से 40 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। यमुनानगर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उधर, नुकसान की भरपाई के लिए खोला गया ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल बंद हो गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बारिश की वजह से 6300 गांवों में 29 लाख एकड़ से ज्यादा फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ की मानसून पर 3 बातें…. 5 जिलों में ज्यादा फसलों को नुकसान हुआ
मानसून में बारिश और जलभराव से फसलों के नुकसान का मुआवजा लेने के लिए खोला गया क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर को बंद हो गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने पोर्टल खोलने का ऐलान किया था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 4 लाख 97 हजार 989 किसान क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन किया है। किसानों का कहना है कि उनकी 29 लाख 07 हजार 471 एकड़ फसल का नुकसान हो चुका है। करीब 6,310 गांवों में यह नुकसान दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान भिवानी, जींद, हिसार, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में होने का अनुमान है। आगे कैसा रहेगा मौसम
हरियाणा के 8 जिलों में आज बारिश की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ का कहना है कि जींद, कैथल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह के कुछ इलाकों में आज बारिश आ सकती है। बाकी जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि 17 सिंतबर से एक बार फिर मौसम बदलेगा और 19 सितंबर तक लगातार बारिश होगी। 20 सितंबर से मानसून की विदाई हो जाएगी। मानसून सीजन में अभी तक सामान्य से 40 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है। यमुनानगर में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। उधर, नुकसान की भरपाई के लिए खोला गया ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल बंद हो गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, बारिश की वजह से 6300 गांवों में 29 लाख एकड़ से ज्यादा फसलों को नुकसान हुआ है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. मदन खीचड़ की मानसून पर 3 बातें…. 5 जिलों में ज्यादा फसलों को नुकसान हुआ
मानसून में बारिश और जलभराव से फसलों के नुकसान का मुआवजा लेने के लिए खोला गया क्षतिपूर्ति पोर्टल 15 सितंबर को बंद हो गया। मुख्यमंत्री नायब सिंह ने पोर्टल खोलने का ऐलान किया था।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 4 लाख 97 हजार 989 किसान क्षतिपूर्ति के लिए आवेदन किया है। किसानों का कहना है कि उनकी 29 लाख 07 हजार 471 एकड़ फसल का नुकसान हो चुका है। करीब 6,310 गांवों में यह नुकसान दर्ज किया गया है। सबसे ज्यादा नुकसान भिवानी, जींद, हिसार, चरखी दादरी और महेंद्रगढ़ में होने का अनुमान है। आगे कैसा रहेगा मौसम