हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पितरों को समर्पित 7 दिवसीय श्री हनुमंत कथा मंगलवार से शुरू होगी। इसमें रामभक्त हनुमान का दिव्य दरबार भी लगेगा। जिसमें बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की तर्ज पर कथा व्यास संत रुद्रेश्वर पर्चा भी निकालेंगे। कथा व्यास किसी का भी उसके नाम-पता, गाड़ी-मोबाइल या आधार नंबर से पर्चा निकाल कर दिखाएंगे। पिहोवा के पंचदशनाम जून अखाड़ा के दशनामी डेरा (टोपियों वाला मंदिर) में पहली बार सात दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन हो रहा है। इसमें कानपुर (यूपी) के वीरेश्वर धाम के संत रुद्रेश्वर हनुमानजी का दिव्य दरबार लगाएंगे। वे कथा करने के साथ पर्चे में लोगों के सवालों के जवाब भी देंगे। संत रुद्रेश्वर का दावा है कि वे लोगों के पूछे बगैर ही पर्ची में उनके सवाल लिखेंगे। संत रुद्रेश्वर की अहम बातें… पितरों काे समर्पित हनुमंत कथा
दशनामी डेरे के महंत दीपेश्वर गिरी ने बताया कि पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी और वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरी के सानिध्य में दशनामी डेरे में पहली बार हनुमंत कथा का आयोजन हो रहा है। यह पितरों के मोक्ष को समर्पित कथा है। अभी पितृ पक्ष चल रहा है। यहां मंदिर में श्राद्ध देव की पूजा करने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। हरियाणा में बागेश्वर बाबा 2 साल में 5 बार आए, पर्चा नहीं पढ़ा
मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री पिछले 2 साल में 5 बार हरियाणा आ चुके हैं। उन्होंने दो बार पानीपत और एक-एक बार कुरुक्षेत्र, पंचकूला और सिरसा में कथा की। हालांकि इस दौरान उन्होंने पर्चा नहीं पढ़ा। इसी साल मई में पानीपत में 3 दिन दरबार लगा, तब पर्चा पढ़ने के प्रचार किया गया, हालांकि हुआ नहीं। पानीपत में कहा था- पर्चे के चक्कर में आई भीड़, हमने बालाजी की चर्चा पकड़ाई
करीब दो साल पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री पानीपत में दरबार सजाने आए। तब मौके पर पहुंची भीड़ को देख कर कहा कि तुम सब यहां पर्चा के चक्कर में आए थे कि गुरु जी पर्चा बनाएंगे और बाप का नाम बताएंगे, लेकिन हम तुमसे ज्यादा बदमाश निकले। तुम पर्चा के चक्कर में आए और हमने बाला जी की चर्चा पकड़ा दी, क्योंकि पर्चा से कुछ लोगों का भला होना है और हनुमान जी से सभी का भला होगा। पानीपत के पागलों कहने पर विवाद हुआ
धीरेंद्र शास्त्री जब पानीपत में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो यहां लोगों की भीड़ बहुत ज्यादा होने की वजह उनकी गाड़ी मंच तक नहीं पहुंच पाई थी। गाड़ी मुड़ नहीं रही थी। इसीलिए धीरेंद्र शास्त्री ने माइक लेकर कहा था कि अरे मेरे पानीपत के पागलों, मुझे ये पता होता कि तुम यहां इतनी देर से इंतजार कर रहे हो, तो मैं और समय से आने की कोशिश करता, लेकिन मैं समय पर ही निकला था। रास्ते भर में पानीपत के पागलों ने इतनी जगह पर ठहराव करवाया कि मुझे यहां तक आने में देरी हुई। धीरेंद्र शास्त्री के पागलों कहने पर विवाद हुआ था और किसान संगठनों ने विरोध जताया था। लोकसभा चुनाव में जिंदल ने कुरुक्षेत्र, विस चुनाव में कांडा ने सिरसा बुलाया
लोकसभा चुनाव के दौरान मई 2024 में सांसद नवीन जिंदल ने कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर बागेश्वर धाम सरकार की 3 दिवसीय कथा करवाई थी। इसी दौरान पंचकूला में भी बाबा की कथा हुई। उसके बाद विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर में हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा ने सिरसा की तारा बाबा कुटिया में 5 दिवसीय कथा करवाई थी।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में पितरों को समर्पित 7 दिवसीय श्री हनुमंत कथा मंगलवार से शुरू होगी। इसमें रामभक्त हनुमान का दिव्य दरबार भी लगेगा। जिसमें बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की तर्ज पर कथा व्यास संत रुद्रेश्वर पर्चा भी निकालेंगे। कथा व्यास किसी का भी उसके नाम-पता, गाड़ी-मोबाइल या आधार नंबर से पर्चा निकाल कर दिखाएंगे। पिहोवा के पंचदशनाम जून अखाड़ा के दशनामी डेरा (टोपियों वाला मंदिर) में पहली बार सात दिवसीय हनुमंत कथा का आयोजन हो रहा है। इसमें कानपुर (यूपी) के वीरेश्वर धाम के संत रुद्रेश्वर हनुमानजी का दिव्य दरबार लगाएंगे। वे कथा करने के साथ पर्चे में लोगों के सवालों के जवाब भी देंगे। संत रुद्रेश्वर का दावा है कि वे लोगों के पूछे बगैर ही पर्ची में उनके सवाल लिखेंगे। संत रुद्रेश्वर की अहम बातें… पितरों काे समर्पित हनुमंत कथा
दशनामी डेरे के महंत दीपेश्वर गिरी ने बताया कि पंचदशनाम जूना अखाड़ा के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरी और वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरी के सानिध्य में दशनामी डेरे में पहली बार हनुमंत कथा का आयोजन हो रहा है। यह पितरों के मोक्ष को समर्पित कथा है। अभी पितृ पक्ष चल रहा है। यहां मंदिर में श्राद्ध देव की पूजा करने से पूर्वजों को मोक्ष मिलता है। हरियाणा में बागेश्वर बाबा 2 साल में 5 बार आए, पर्चा नहीं पढ़ा
मध्य प्रदेश के बागेश्वर धाम वाले पंडित धीरेंद्र शास्त्री पिछले 2 साल में 5 बार हरियाणा आ चुके हैं। उन्होंने दो बार पानीपत और एक-एक बार कुरुक्षेत्र, पंचकूला और सिरसा में कथा की। हालांकि इस दौरान उन्होंने पर्चा नहीं पढ़ा। इसी साल मई में पानीपत में 3 दिन दरबार लगा, तब पर्चा पढ़ने के प्रचार किया गया, हालांकि हुआ नहीं। पानीपत में कहा था- पर्चे के चक्कर में आई भीड़, हमने बालाजी की चर्चा पकड़ाई
करीब दो साल पहले पंडित धीरेंद्र शास्त्री पानीपत में दरबार सजाने आए। तब मौके पर पहुंची भीड़ को देख कर कहा कि तुम सब यहां पर्चा के चक्कर में आए थे कि गुरु जी पर्चा बनाएंगे और बाप का नाम बताएंगे, लेकिन हम तुमसे ज्यादा बदमाश निकले। तुम पर्चा के चक्कर में आए और हमने बाला जी की चर्चा पकड़ा दी, क्योंकि पर्चा से कुछ लोगों का भला होना है और हनुमान जी से सभी का भला होगा। पानीपत के पागलों कहने पर विवाद हुआ
धीरेंद्र शास्त्री जब पानीपत में कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो यहां लोगों की भीड़ बहुत ज्यादा होने की वजह उनकी गाड़ी मंच तक नहीं पहुंच पाई थी। गाड़ी मुड़ नहीं रही थी। इसीलिए धीरेंद्र शास्त्री ने माइक लेकर कहा था कि अरे मेरे पानीपत के पागलों, मुझे ये पता होता कि तुम यहां इतनी देर से इंतजार कर रहे हो, तो मैं और समय से आने की कोशिश करता, लेकिन मैं समय पर ही निकला था। रास्ते भर में पानीपत के पागलों ने इतनी जगह पर ठहराव करवाया कि मुझे यहां तक आने में देरी हुई। धीरेंद्र शास्त्री के पागलों कहने पर विवाद हुआ था और किसान संगठनों ने विरोध जताया था। लोकसभा चुनाव में जिंदल ने कुरुक्षेत्र, विस चुनाव में कांडा ने सिरसा बुलाया
लोकसभा चुनाव के दौरान मई 2024 में सांसद नवीन जिंदल ने कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर पर बागेश्वर धाम सरकार की 3 दिवसीय कथा करवाई थी। इसी दौरान पंचकूला में भी बाबा की कथा हुई। उसके बाद विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर में हरियाणा लोकहित पार्टी के गोपाल कांडा ने सिरसा की तारा बाबा कुटिया में 5 दिवसीय कथा करवाई थी।