हरियाणा गृह विभाग ने लोगों को “ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स” से सावधान रहने की चेतावनी दी है। ये प्लेटफॉर्म अपने आप को वैध ट्रेडिंग सेवाओं जैसा दिखाते हैं और प्रॉफिट, स्टॉप लॉस, ट्रेडिंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें लोग हां या ना में जवाब देकर पैसे लगाते हैं, जिससे उनके आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि यह मामला राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह चेतावनी SEBI की सलाह पर जारी की गई है। SEBI ने कहा है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से कानूनी दिक्कतें और आर्थिक जोखिम हो सकते हैं। SEBI ने जारी किया लेटर
SEBI ने हरियाणा सरकार को एक लेटर लिखकर चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि कुछ “ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म” अपने आप को वैध निवेश सेवाओं जैसा दिखाने के लिए प्रॉफिट, स्टॉप लॉस और ट्रेडिंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इससे लोगों को लगता है कि वे सही और कानूनी तरीके से प्रतिभूति व्यापार कर रहे हैं। SEBI ने बताया कि ये प्लेटफॉर्म असल में निवेश प्लेटफॉर्म की तरह डिजाइन किए जाते हैं, ताकि यूजर्स को उनकी वैधता पर भरोसा हो जाए। लेकिन हकीकत में ये गलत तरीके से लोगों को धोखा देकर पैसे गंवाने पर मजबूर करते हैं। डब्बा ट्रेडिंग की संज्ञा दी
एसीएस होम ने जोर देकर कहा कि ये प्लेटफॉर्म भले ही इनोवेटिव लगें, लेकिन ये कानूनी और नियामक ढांचों की सीमाओं से बाहर काम कर रहे हैं। उन्होंने अवैध ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द का हवाला देते हुए कहा, इन प्लेटफॉर्म पर सिक्योरिटी का कोई भी व्यापार, अगर कारोबार की गई के रूप में योग्य है, तो अवैध है और अवैध व्यापार (डब्बा ट्रेडिंग) जैसा है। DGP को कार्रवाई के निर्देश
मिश्रा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम अधिनियम, 2025 के तहत उचित कार्रवाई करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रावधानों पर विचार करने का निर्देश दिया है। ये कानून अवैध प्रतिभूति व्यापार सहित अनधिकृत वित्तीय गतिविधियों में संलग्न संस्थाओं पर मुकदमा चलाने के लिए कानूनी आधार प्रदान करते हैं।
हरियाणा गृह विभाग ने लोगों को “ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स” से सावधान रहने की चेतावनी दी है। ये प्लेटफॉर्म अपने आप को वैध ट्रेडिंग सेवाओं जैसा दिखाते हैं और प्रॉफिट, स्टॉप लॉस, ट्रेडिंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें लोग हां या ना में जवाब देकर पैसे लगाते हैं, जिससे उनके आर्थिक नुकसान का खतरा बढ़ जाता है। यही वजह है कि यह मामला राज्य और केंद्र सरकार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव सुमिता मिश्रा ने बताया कि यह चेतावनी SEBI की सलाह पर जारी की गई है। SEBI ने कहा है कि ऐसे प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से कानूनी दिक्कतें और आर्थिक जोखिम हो सकते हैं। SEBI ने जारी किया लेटर
SEBI ने हरियाणा सरकार को एक लेटर लिखकर चेतावनी दी है। इसमें कहा गया है कि कुछ “ओपिनियन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म” अपने आप को वैध निवेश सेवाओं जैसा दिखाने के लिए प्रॉफिट, स्टॉप लॉस और ट्रेडिंग जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं। इससे लोगों को लगता है कि वे सही और कानूनी तरीके से प्रतिभूति व्यापार कर रहे हैं। SEBI ने बताया कि ये प्लेटफॉर्म असल में निवेश प्लेटफॉर्म की तरह डिजाइन किए जाते हैं, ताकि यूजर्स को उनकी वैधता पर भरोसा हो जाए। लेकिन हकीकत में ये गलत तरीके से लोगों को धोखा देकर पैसे गंवाने पर मजबूर करते हैं। डब्बा ट्रेडिंग की संज्ञा दी
एसीएस होम ने जोर देकर कहा कि ये प्लेटफॉर्म भले ही इनोवेटिव लगें, लेकिन ये कानूनी और नियामक ढांचों की सीमाओं से बाहर काम कर रहे हैं। उन्होंने अवैध ट्रेडिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द का हवाला देते हुए कहा, इन प्लेटफॉर्म पर सिक्योरिटी का कोई भी व्यापार, अगर कारोबार की गई के रूप में योग्य है, तो अवैध है और अवैध व्यापार (डब्बा ट्रेडिंग) जैसा है। DGP को कार्रवाई के निर्देश
मिश्रा ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पुलिस महानिदेशक (DGP) सहित कानून प्रवर्तन एजेंसियों को हरियाणा सार्वजनिक जुआ रोकथाम अधिनियम, 2025 के तहत उचित कार्रवाई करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के प्रावधानों पर विचार करने का निर्देश दिया है। ये कानून अवैध प्रतिभूति व्यापार सहित अनधिकृत वित्तीय गतिविधियों में संलग्न संस्थाओं पर मुकदमा चलाने के लिए कानूनी आधार प्रदान करते हैं।