हिमाचल प्रदेश में कल रात को वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा एक्टिव होगा। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने तीन मार्च के लिए भारी बारिश व बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी चंबा और कांगड़ा जिला को दी गई है। अन्य जिलों को येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर रहेगा। इससे ज्यादातर भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। तीन मार्च को भारी बारिश-बर्फबारी के बाद 4 और 5 मार्च प्रदेशभर में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। तीन महीने से डबल बारिश बीते 5 दिन में वहीं हिमाचल में तीन महीने में जितनी बारिश नहीं हुई, उससे दोगुणा ज्यादा बादल बीते 5 दिन में बरस चुके है। इससे खासकर कुल्लू जिला में तबाही़भी देखने को मिली है। प्रदेश में 26 नवंबर से 25 फरवरी के बीच लगभग 57 मिलीमीटर बादल बरसे है, जबकि बीते 5 दिन के दौरान 114 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश में कुछ शहर ऐसे है जहां केवल दो दिन में ही 225 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई। बीते 48 घंटे के दौरान कुल्लू के भुंतर में सबसे ज्यादा 225.5 मिलीमीटर और सियोबाग में 222.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में 22 से 28 फरवरी के बीच 32.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती। मगर इस बार 114.3 मिलीमीटर बादल बरस चुके हैं। ठीक इसी तरह बीते 48 घंटे में कई क्षेत्रों में 5 फीट से ज्यादा बर्फ गिरी है। रोहतांग दर्रा में 5 फीट से ज्यादा और कुल्लू के कोठी में साढ़े चार फीट बर्फ, सोलंग नाला में 4 फीट बर्फ गिरी है। भारी बारिश-बर्फबारी से प्रदेश में 584 सड़कें और 2200 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े है। लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर के कई क्षेत्रों में 72 घंटे से भी अधिक समय से बिजली गुल है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश-बर्फबारी से पहाड़ों पर लौटी ठंडक बारिश बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर फिर से ठंड लौट आई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान नॉर्मल से 7.5 डिग्री नीचे लुढ़क गया है। मंडी के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 14.6 डिग्री की गिरावट आई है और अधिकतम तापमान 10.7 डिग्री रह गया है। मनाली का अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री रिकॉर्ड मनाली का अधिकतम तापमान नॉर्मल से 11.1 डिग्री कम होने के बाद 1.5 डिग्री रह गया है। इसी तरह दूसरे शहरों का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे गिर गया है।
हिमाचल प्रदेश में कल रात को वेस्टर्न डिस्टरबेंस दोबारा एक्टिव होगा। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने तीन मार्च के लिए भारी बारिश व बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी चंबा और कांगड़ा जिला को दी गई है। अन्य जिलों को येलो अलर्ट जारी किया गया है। आज और कल वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर रहेगा। इससे ज्यादातर भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। तीन मार्च को भारी बारिश-बर्फबारी के बाद 4 और 5 मार्च प्रदेशभर में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। तीन महीने से डबल बारिश बीते 5 दिन में वहीं हिमाचल में तीन महीने में जितनी बारिश नहीं हुई, उससे दोगुणा ज्यादा बादल बीते 5 दिन में बरस चुके है। इससे खासकर कुल्लू जिला में तबाही़भी देखने को मिली है। प्रदेश में 26 नवंबर से 25 फरवरी के बीच लगभग 57 मिलीमीटर बादल बरसे है, जबकि बीते 5 दिन के दौरान 114 मिलीमीटर बारिश हुई है। प्रदेश में कुछ शहर ऐसे है जहां केवल दो दिन में ही 225 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई। बीते 48 घंटे के दौरान कुल्लू के भुंतर में सबसे ज्यादा 225.5 मिलीमीटर और सियोबाग में 222.6 मिलीमीटर बारिश हुई है। मौसम विभाग की माने तो प्रदेश में 22 से 28 फरवरी के बीच 32.5 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती। मगर इस बार 114.3 मिलीमीटर बादल बरस चुके हैं। ठीक इसी तरह बीते 48 घंटे में कई क्षेत्रों में 5 फीट से ज्यादा बर्फ गिरी है। रोहतांग दर्रा में 5 फीट से ज्यादा और कुल्लू के कोठी में साढ़े चार फीट बर्फ, सोलंग नाला में 4 फीट बर्फ गिरी है। भारी बारिश-बर्फबारी से प्रदेश में 584 सड़कें और 2200 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर ठप पड़े है। लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू और किन्नौर के कई क्षेत्रों में 72 घंटे से भी अधिक समय से बिजली गुल है। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश-बर्फबारी से पहाड़ों पर लौटी ठंडक बारिश बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर फिर से ठंड लौट आई है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान नॉर्मल से 7.5 डिग्री नीचे लुढ़क गया है। मंडी के अधिकतम तापमान में सबसे ज्यादा 14.6 डिग्री की गिरावट आई है और अधिकतम तापमान 10.7 डिग्री रह गया है। मनाली का अधिकतम तापमान 1.5 डिग्री रिकॉर्ड मनाली का अधिकतम तापमान नॉर्मल से 11.1 डिग्री कम होने के बाद 1.5 डिग्री रह गया है। इसी तरह दूसरे शहरों का तापमान भी सामान्य से काफी नीचे गिर गया है।