पंजाब से राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा डिलीवरी बॉय बने। वह खुद सामान लेकर लोगों के घर पहुंचे, ताकि जान सकें कि इस काम में लगे लोगों को किस तरह की दिक्कतें आती हैं। उन्होंने इससे जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर शेयर किया है। इस पर उन्होंने लिखा है- “बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर। मैंने उनका दिन जिया। जुड़े रहिए।” बता दें कि राघव चड्ढा संसद के शीतकालीन सत्र में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इन वर्कर्स की हालत दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर हो गई है। डिलीवरी बॉय, राइडर, ड्राइवर और टेक्नीशियन सम्मान, सुरक्षा और उचित कमाई के हकदार हैं। उन्होंने सदन से मांग की थी कि 10 मिनट डिलीवरी का कल्चर खत्म होना चाहिए। गिग वर्कर्स को भी बाकी इम्प्लॉइज जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। 40 सेकेंड के वीडियो से दिखाई डिलीवरी बॉय की कहानी
राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक 40 सेकेंड का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि राघव डिलीवरी बॉय की ड्रेस पहनकर घर से निकलते हैं। बाहर एक डिलीवरी बॉय अपने स्कूटर के साथ खड़ा होता है। राघव वहां पहुंचते हैं। वह बैग लेते हैं और हेलमेट पहनकर उसके पीछे बैठ जाते हैं। फिर वह एक जगह से ऑर्डर लेते हैं और आखिर में उस ऑर्डर को अपनी मंजिल तक पहुंचाने के लिए निकल पड़ते हैं। वीडियो के आखिर में “स्टे ट्यून” लिखा है। डिलीवरी बॉय को घर खाने पर भी बुलाया था
दरअसल, कुछ समय पहले एक डिलीवरी बॉय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसका कहना था कि वह 15 घंटे से ज्यादा काम करता है, 50 किलोमीटर ड्राइव करता है और पूरे दिन में करीब 28 डिलीवरी करता है। इसके बाद उसे 730 रुपए मिलते हैं। यह वीडियो सितंबर में पोस्ट हुआ था, लेकिन दिसंबर में वायरल हुआ। इसके साथ ही गिग वर्कर्स के शोषण की बात उठी। इसके बाद राघव चड्ढा ने 26 या 27 दिसंबर को डिलीवरी बॉय हिमांशु थपलियाल को अपने घर खाने पर बुलाया था। राघव ने एजेंट के साथ अपनी बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। संसद में उठाया था गिग वर्कर्स का मुद्दा
इतना ही नहीं, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राघव चड्ढा ने संसद में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का मुद्दा उठाया था। राघव चड्डा ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कहा था कि क्विक कॉमर्स और इंस्टैंट कॉमर्स ने हमारी जिंदगी बदल दी है। लेकिन इस सुपर फास्ट डिलीवरी के पीछे एक साइलेंट वर्कफोर्स है, जो हर मौसम में काम करती है। वे लोग जिंदगी दांव पर लगाकर ऑर्डर पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा था कि इस साइलेंट वर्कफोर्स की छाती पर चढ़कर तमाम बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन हासिल कर चुकी हैं। यूनिकॉर्न बन चुकी हैं। लेकिन ये वर्कर्स आज भी दिहाड़ी मजदूर बने हुए हैं। केंद्र सरकार ने जारी किया था ड्राफ्ट
इसके बाद सरकार ने 4 जनवरी 2026 को केंद्र सरकार के ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी रूल्स जारी किए थे। यह जानकारी पोस्ट के जरिए दी गई थी, जिसमें लिखा था कि यह आपके काम की पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में पहला कदम है। इस पर राघव चड्ढा ने सरकार की तारीफ की थी। उन्होंने इसे लाखों कामगारों के लिए पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया था। कहा था कि इन नियमों के लागू होने से गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हो सकेगी। —————— ये खबर भी पढ़ें…
AAP सांसद राघव चड्ढा ने डिलीवरी बॉय को घर बुलाया:साथ में लंच किया, संसद में कहा था- गिग वर्कर जान की बाजी लगा ऑर्डर पहुंचाते हैं आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कॉमर्शियल साइट के डिलीवरी एजेंट को अपने घर लंच पर बुलाया। दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें डिलीवरी एजेंट ने बताया था कि उसने 15 घंटे में 28 डिलीवरी करने के बाद सिर्फ ₹ 763 कमाए। ( पूरी खबर पढ़ें)
पंजाब से राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा डिलीवरी बॉय बने। वह खुद सामान लेकर लोगों के घर पहुंचे, ताकि जान सकें कि इस काम में लगे लोगों को किस तरह की दिक्कतें आती हैं। उन्होंने इससे जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल मीडिया एक्स अकाउंट पर शेयर किया है। इस पर उन्होंने लिखा है- “बोर्डरूम से दूर, जमीनी स्तर पर। मैंने उनका दिन जिया। जुड़े रहिए।” बता दें कि राघव चड्ढा संसद के शीतकालीन सत्र में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का मुद्दा उठा चुके हैं। उन्होंने कहा था कि इन वर्कर्स की हालत दिहाड़ी मजदूरों से भी बदतर हो गई है। डिलीवरी बॉय, राइडर, ड्राइवर और टेक्नीशियन सम्मान, सुरक्षा और उचित कमाई के हकदार हैं। उन्होंने सदन से मांग की थी कि 10 मिनट डिलीवरी का कल्चर खत्म होना चाहिए। गिग वर्कर्स को भी बाकी इम्प्लॉइज जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए। 40 सेकेंड के वीडियो से दिखाई डिलीवरी बॉय की कहानी
राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर एक 40 सेकेंड का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि राघव डिलीवरी बॉय की ड्रेस पहनकर घर से निकलते हैं। बाहर एक डिलीवरी बॉय अपने स्कूटर के साथ खड़ा होता है। राघव वहां पहुंचते हैं। वह बैग लेते हैं और हेलमेट पहनकर उसके पीछे बैठ जाते हैं। फिर वह एक जगह से ऑर्डर लेते हैं और आखिर में उस ऑर्डर को अपनी मंजिल तक पहुंचाने के लिए निकल पड़ते हैं। वीडियो के आखिर में “स्टे ट्यून” लिखा है। डिलीवरी बॉय को घर खाने पर भी बुलाया था
दरअसल, कुछ समय पहले एक डिलीवरी बॉय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें उसका कहना था कि वह 15 घंटे से ज्यादा काम करता है, 50 किलोमीटर ड्राइव करता है और पूरे दिन में करीब 28 डिलीवरी करता है। इसके बाद उसे 730 रुपए मिलते हैं। यह वीडियो सितंबर में पोस्ट हुआ था, लेकिन दिसंबर में वायरल हुआ। इसके साथ ही गिग वर्कर्स के शोषण की बात उठी। इसके बाद राघव चड्ढा ने 26 या 27 दिसंबर को डिलीवरी बॉय हिमांशु थपलियाल को अपने घर खाने पर बुलाया था। राघव ने एजेंट के साथ अपनी बातचीत का वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया था। संसद में उठाया था गिग वर्कर्स का मुद्दा
इतना ही नहीं, संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राघव चड्ढा ने संसद में गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स का मुद्दा उठाया था। राघव चड्डा ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कहा था कि क्विक कॉमर्स और इंस्टैंट कॉमर्स ने हमारी जिंदगी बदल दी है। लेकिन इस सुपर फास्ट डिलीवरी के पीछे एक साइलेंट वर्कफोर्स है, जो हर मौसम में काम करती है। वे लोग जिंदगी दांव पर लगाकर ऑर्डर पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा था कि इस साइलेंट वर्कफोर्स की छाती पर चढ़कर तमाम बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन हासिल कर चुकी हैं। यूनिकॉर्न बन चुकी हैं। लेकिन ये वर्कर्स आज भी दिहाड़ी मजदूर बने हुए हैं। केंद्र सरकार ने जारी किया था ड्राफ्ट
इसके बाद सरकार ने 4 जनवरी 2026 को केंद्र सरकार के ड्राफ्ट सोशल सिक्योरिटी रूल्स जारी किए थे। यह जानकारी पोस्ट के जरिए दी गई थी, जिसमें लिखा था कि यह आपके काम की पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में पहला कदम है। इस पर राघव चड्ढा ने सरकार की तारीफ की थी। उन्होंने इसे लाखों कामगारों के लिए पहचान, सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत बताया था। कहा था कि इन नियमों के लागू होने से गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित हो सकेगी। —————— ये खबर भी पढ़ें…
AAP सांसद राघव चड्ढा ने डिलीवरी बॉय को घर बुलाया:साथ में लंच किया, संसद में कहा था- गिग वर्कर जान की बाजी लगा ऑर्डर पहुंचाते हैं आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कॉमर्शियल साइट के डिलीवरी एजेंट को अपने घर लंच पर बुलाया। दरअसल, कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें डिलीवरी एजेंट ने बताया था कि उसने 15 घंटे में 28 डिलीवरी करने के बाद सिर्फ ₹ 763 कमाए। ( पूरी खबर पढ़ें)