देवरिया में मजार को ध्वस्त करने के बाद मस्जिद के चबूतरे पर बुलडोजर चलाया गया। मंगलवार को मस्जिद को गिराया जाएगा। मस्जिद में आज आखिरी नमाज पढ़ी गई। 50 साल पुरानी अवैध मजार पर सोमवार को 2 बुलडोजर, एक-एक पोकलेन और जेसीबी करीब 8 घंटे तक चले। इस दौरान 4000 स्क्वायर फीट का हॉल, उसके सभी 26 पिलर और दक्षिण साइड की दीवार गिराई गई। एसडीएम सदर ने ध्वस्तीकरण को लेकर शुक्रवार को नोटिस दिया था। रविवार को 6 घंटे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चली, जिसमें मेन गेट, बाउंड्री, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद को तोड़ा गया था। सोमवार सुबह 11 बजे नगर पालिका की टीम पहुंची। 12 थानों के 350 पुलिसकर्मियों ने पहले पूरे एरिया की घेराबंदी की। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। ये कार्रवाई देवरिया शहर में रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर की गई। एसडीएम सदर श्रुति शर्मा ने बताया कि जिस जमीन पर मजार बनी है, वह बंजर भूमि है। 2 तस्वीरें देखिए… पढ़िए कब से शुरू हुआ विवाद… अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी हुई जगह पर बनी है। 2019 में इसकी पहली शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई। डीएम ने आरबीओ जेई, तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौका मुआयना करने और प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया था। 14 दिसंबर 2019 को विपक्षी प्रबंध समिति को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद से ही लगातार तारीख पर तारीख पड़ रही थी। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व जयदीप गुप्ता ने बताया कि एसडीएम कोर्ट ने इस भूमि को पहले ही बंजर घोषित कर दिया था। कोर्ट में बचाव पक्ष से मानचित्र मांगा गया, लेकिन न तो मानचित्र मिला और न ही कब का मजार बना है, उसके ही कागजात दिए गए। इसके बाद नोटिस जारी करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश दिया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
देवरिया में मजार को ध्वस्त करने के बाद मस्जिद के चबूतरे पर बुलडोजर चलाया गया। मंगलवार को मस्जिद को गिराया जाएगा। मस्जिद में आज आखिरी नमाज पढ़ी गई। 50 साल पुरानी अवैध मजार पर सोमवार को 2 बुलडोजर, एक-एक पोकलेन और जेसीबी करीब 8 घंटे तक चले। इस दौरान 4000 स्क्वायर फीट का हॉल, उसके सभी 26 पिलर और दक्षिण साइड की दीवार गिराई गई। एसडीएम सदर ने ध्वस्तीकरण को लेकर शुक्रवार को नोटिस दिया था। रविवार को 6 घंटे ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चली, जिसमें मेन गेट, बाउंड्री, छह पिलर, तीन दुकानें और गुंबद को तोड़ा गया था। सोमवार सुबह 11 बजे नगर पालिका की टीम पहुंची। 12 थानों के 350 पुलिसकर्मियों ने पहले पूरे एरिया की घेराबंदी की। इसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू हुई। ये कार्रवाई देवरिया शहर में रेलवे ओवरब्रिज के पास स्थित अब्दुल गनी शाह बाबा की मजार पर की गई। एसडीएम सदर श्रुति शर्मा ने बताया कि जिस जमीन पर मजार बनी है, वह बंजर भूमि है। 2 तस्वीरें देखिए… पढ़िए कब से शुरू हुआ विवाद… अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी हुई जगह पर बनी है। 2019 में इसकी पहली शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई। डीएम ने आरबीओ जेई, तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौका मुआयना करने और प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया था। 14 दिसंबर 2019 को विपक्षी प्रबंध समिति को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद से ही लगातार तारीख पर तारीख पड़ रही थी। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व जयदीप गुप्ता ने बताया कि एसडीएम कोर्ट ने इस भूमि को पहले ही बंजर घोषित कर दिया था। कोर्ट में बचाव पक्ष से मानचित्र मांगा गया, लेकिन न तो मानचित्र मिला और न ही कब का मजार बना है, उसके ही कागजात दिए गए। इसके बाद नोटिस जारी करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश दिया गया। ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…