पंजाब के नवांशहर में शादी में न बुलाने पर पुलिस कॉन्स्टेबल इस कदर गुस्से में आया कि फीजियोथेरेपिस्ट जीजा की गोलियां मारकर हत्या कर दी। उसकी पत्नी ने रोकने की भी कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। उलटा पत्नी के साथ ही मारपीट कर दी। गुस्से में पहुंचे कॉन्स्टेबल के लिए जीजा के घर के दरवाजे नहीं खुले तो उसने बंद गेट पर ही 2 फायर कर दिए। इसके बाद झाड़ियों में छुप गया। जैसे ही जीजा बाहर निकला तो चार गोलियां मार दीं। एक महिला बचाने आई तो उसे भी नहीं बख्शा, उसकी टांग में भी गोली मार दी। अचानक हुई इस घटना की अब पूरी कहानी सामने आई है। इसमें पता चला कि पुलिस कॉन्स्टेबल एक जज का गनमैन था। वारदात के बाद वह फरार है। कभी एक बदमाश को पकड़ने के लिए कॉन्स्टेबल ने पैर में लगी गोली तक की परवाह नहीं की थी। वह पुलिस विभाग का हीरो बना लेकिन एक छोटी सी वजह से अब परिवार की नजरों में विलेन और पुलिस की नजरों में अपराधी बन गया। तीन बच्चों (दो लड़की और एक लड़का) के सिर से पिता का साया छीनने वाले पुलिस कॉन्स्टेबल की करतूत और इसकी वजह की पूरी कहानी पढ़िए… जानिए, हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया… अब जानिए, जीजा की हत्या कैसे की? जीजा का कातिल क्यों बना पुलिस कॉन्स्टेबल
SHO सतनाम सिंह ने बताया कि गुरप्रीत से कॉन्स्टेबल मनदीप की छोटी बहन मनजीत कौर की शादी हुई थी। अब मनजीत कौर के जेठ की शादी थी। इस शादी में उसने बड़ी बहन को तो बुला लिया, लेकिन भाई यानी कॉन्स्टेबल मनदीप को नहीं बुलाया। इससे वह नाराज हो गया। शादी में न बुलाने को लेकर मनजीत की भाई मनदीप से बहस भी हुई थी। मनदीप इस बात से भी नाराज था कि जब बड़ी बहन को बुलाया तो उसे क्यों नहीं बुलाया? अगर उसे नहीं बुलाना था तो फिर बड़ी बहन को भी नहीं बुलाती। बहन-जीजा ने कॉन्स्टेबल का फोन क्यों नहीं उठाया
कत्ल के लिए निकलने से पहले मनदीप बार-बार बहन मनजीत और जीजा गुरप्रीत को फोन कर रहा था। मगर, उन्होंने कॉल नहीं उठाई। इसको लेकर बहन मनजीत ने बताया कि शादी समारोह के बाद वह घर में आकर लेटे थे। थके हुए थे तो नींद आने लगी थी। भाई की बार-बार मेरे मोबाइल पर रिंग आ रही थी। इस पर बच्चों ने कहा कि मामा का फोन आ रहा है। मैंने कहा कि सभी सो जाओ। उसने पी रखी होगी, इसलिए अब फोन करने से हट नहीं रहा। मेरे फोन के बाद पति के फोन पर फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने भी नहीं उठाया। घर से पता चला कि वो हमारे पास आने के लिए निकला है। रात 11:30 बजे के करीब गेट पर जोरदार धमाका हुआ। भाई की आवाज से उसे पता चला कि वह गुस्से में है। मैंने अपने साथ पूरे परिवार को घर की पहली मंजिल पर चलने के लिए कहा और दरवाजा नहीं खोला। मेरे पिता और पति ने अपने-अपने फोन से पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर बाद पुलिस कर्मियों का फोन आया। बाहर अब शांति थी। पति बेटे के साथ घर की लोकेशन बताने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकले तो भाई ने गोलियां चला दीं। पुलिस विभाग ने बहादुरी के लिए दिया था प्रशंसा पत्र
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए छापे मार रही है। आरोपी मनदीप जज का गनमैन बताया जा रहा है। 15 जून 2022 को फिरौती की कॉल की सूचना पर सदर थाना बंगा ने कार्रवाई की थी। मनदीप ने तब फिरौती मांगने वाले को दबोचा लिया था, इस दौरान उसकी टांग में गोली लग गई थी। उसने फिर भी आरोपी को नहीं छोड़ा। उसके जज्बे को देखते हुए पुलिस विभाग ने उसे प्रशंसा पत्र दिया था।
पंजाब के नवांशहर में शादी में न बुलाने पर पुलिस कॉन्स्टेबल इस कदर गुस्से में आया कि फीजियोथेरेपिस्ट जीजा की गोलियां मारकर हत्या कर दी। उसकी पत्नी ने रोकने की भी कोशिश की लेकिन वह नहीं माना। उलटा पत्नी के साथ ही मारपीट कर दी। गुस्से में पहुंचे कॉन्स्टेबल के लिए जीजा के घर के दरवाजे नहीं खुले तो उसने बंद गेट पर ही 2 फायर कर दिए। इसके बाद झाड़ियों में छुप गया। जैसे ही जीजा बाहर निकला तो चार गोलियां मार दीं। एक महिला बचाने आई तो उसे भी नहीं बख्शा, उसकी टांग में भी गोली मार दी। अचानक हुई इस घटना की अब पूरी कहानी सामने आई है। इसमें पता चला कि पुलिस कॉन्स्टेबल एक जज का गनमैन था। वारदात के बाद वह फरार है। कभी एक बदमाश को पकड़ने के लिए कॉन्स्टेबल ने पैर में लगी गोली तक की परवाह नहीं की थी। वह पुलिस विभाग का हीरो बना लेकिन एक छोटी सी वजह से अब परिवार की नजरों में विलेन और पुलिस की नजरों में अपराधी बन गया। तीन बच्चों (दो लड़की और एक लड़का) के सिर से पिता का साया छीनने वाले पुलिस कॉन्स्टेबल की करतूत और इसकी वजह की पूरी कहानी पढ़िए… जानिए, हत्या की वारदात को कैसे अंजाम दिया… अब जानिए, जीजा की हत्या कैसे की? जीजा का कातिल क्यों बना पुलिस कॉन्स्टेबल
SHO सतनाम सिंह ने बताया कि गुरप्रीत से कॉन्स्टेबल मनदीप की छोटी बहन मनजीत कौर की शादी हुई थी। अब मनजीत कौर के जेठ की शादी थी। इस शादी में उसने बड़ी बहन को तो बुला लिया, लेकिन भाई यानी कॉन्स्टेबल मनदीप को नहीं बुलाया। इससे वह नाराज हो गया। शादी में न बुलाने को लेकर मनजीत की भाई मनदीप से बहस भी हुई थी। मनदीप इस बात से भी नाराज था कि जब बड़ी बहन को बुलाया तो उसे क्यों नहीं बुलाया? अगर उसे नहीं बुलाना था तो फिर बड़ी बहन को भी नहीं बुलाती। बहन-जीजा ने कॉन्स्टेबल का फोन क्यों नहीं उठाया
कत्ल के लिए निकलने से पहले मनदीप बार-बार बहन मनजीत और जीजा गुरप्रीत को फोन कर रहा था। मगर, उन्होंने कॉल नहीं उठाई। इसको लेकर बहन मनजीत ने बताया कि शादी समारोह के बाद वह घर में आकर लेटे थे। थके हुए थे तो नींद आने लगी थी। भाई की बार-बार मेरे मोबाइल पर रिंग आ रही थी। इस पर बच्चों ने कहा कि मामा का फोन आ रहा है। मैंने कहा कि सभी सो जाओ। उसने पी रखी होगी, इसलिए अब फोन करने से हट नहीं रहा। मेरे फोन के बाद पति के फोन पर फोन आने शुरू हो गए। उन्होंने भी नहीं उठाया। घर से पता चला कि वो हमारे पास आने के लिए निकला है। रात 11:30 बजे के करीब गेट पर जोरदार धमाका हुआ। भाई की आवाज से उसे पता चला कि वह गुस्से में है। मैंने अपने साथ पूरे परिवार को घर की पहली मंजिल पर चलने के लिए कहा और दरवाजा नहीं खोला। मेरे पिता और पति ने अपने-अपने फोन से पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर बाद पुलिस कर्मियों का फोन आया। बाहर अब शांति थी। पति बेटे के साथ घर की लोकेशन बताने के लिए जैसे ही घर से बाहर निकले तो भाई ने गोलियां चला दीं। पुलिस विभाग ने बहादुरी के लिए दिया था प्रशंसा पत्र
पुलिस के मुताबिक घटना के बाद से आरोपी फरार है। पुलिस उसे पकड़ने के लिए छापे मार रही है। आरोपी मनदीप जज का गनमैन बताया जा रहा है। 15 जून 2022 को फिरौती की कॉल की सूचना पर सदर थाना बंगा ने कार्रवाई की थी। मनदीप ने तब फिरौती मांगने वाले को दबोचा लिया था, इस दौरान उसकी टांग में गोली लग गई थी। उसने फिर भी आरोपी को नहीं छोड़ा। उसके जज्बे को देखते हुए पुलिस विभाग ने उसे प्रशंसा पत्र दिया था।