मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने केरल सरकार के प्रस्तावित मलयालम भाषा बिल पर चिंता जताई। दरअसल, प्रस्तावित मलयालम विधेयक में कासरगोड जैसे कर्नाटक-केरल की बॉर्डर बसे जिलों के कन्नड़ मीडियम स्कूलों में भी मलयालम को अनिवार्य करने का प्रावधान है। CM सिद्धारमैया ने लेटर में लिखा कि अगर बिल पास होता है, तो कर्नाटक भाषाई अल्पसंख्यकों और देश की बहुलवादी भावना की रक्षा के लिए मिलने वाले संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करके विरोध करेगा। CM सिद्धारमैया के लेटर की बड़ी बातें… नॉलेज फैक्ट भारत का संविधान भाषाई अल्पसंख्यकों को विशेष सुरक्षा देता है। संविधान का अनुच्छेद 29 और अनुच्छेद 30 तक भाषा को संरक्षित करने, अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थानों को चलाने का अधिकार देते हैं। अनुच्छेद 350A मातृभाषा में शिक्षा की सुविधा अनिवार्य करता है। जबकि अनुच्छेद 350B राज्य को अल्पसंख्यक भाषाई हितों की रक्षा करने का काम सौंपता है। जानिए मलयालम से जुड़े फैक्ट
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को चिट्ठी लिखी, जिसमें उन्होंने केरल सरकार के प्रस्तावित मलयालम भाषा बिल पर चिंता जताई। दरअसल, प्रस्तावित मलयालम विधेयक में कासरगोड जैसे कर्नाटक-केरल की बॉर्डर बसे जिलों के कन्नड़ मीडियम स्कूलों में भी मलयालम को अनिवार्य करने का प्रावधान है। CM सिद्धारमैया ने लेटर में लिखा कि अगर बिल पास होता है, तो कर्नाटक भाषाई अल्पसंख्यकों और देश की बहुलवादी भावना की रक्षा के लिए मिलने वाले संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करके विरोध करेगा। CM सिद्धारमैया के लेटर की बड़ी बातें… नॉलेज फैक्ट भारत का संविधान भाषाई अल्पसंख्यकों को विशेष सुरक्षा देता है। संविधान का अनुच्छेद 29 और अनुच्छेद 30 तक भाषा को संरक्षित करने, अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थानों को चलाने का अधिकार देते हैं। अनुच्छेद 350A मातृभाषा में शिक्षा की सुविधा अनिवार्य करता है। जबकि अनुच्छेद 350B राज्य को अल्पसंख्यक भाषाई हितों की रक्षा करने का काम सौंपता है। जानिए मलयालम से जुड़े फैक्ट