बीकानेर में शुक्रवार से कैमल फेस्टिवल की शुरुआत हो चुकी है। फेस्टिवल के पहले दिन सुबह शहर की गलियों में हेरिटेज वॉक निकाली गई। वहीं दोपहर में मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण और ढोला-मारू प्रतियोगिता हो रही है। मिस मरवण और ढोला-मारू में हिस्सा लेने के लिए 50 से ज्यादा महिलाएं सज-धज कर और 16 शृंगार करके पहुंचीं हैं। इसमें बीकानेर की नेशनल चेस प्लेयर युक्ति हर्ष भी हिस्सा ले रही हैं। वे भी 16 शृंगार के साथ पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची। इसी तरह मिस्टर बीकाणा में हिस्सा लेने के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों से पुरुष पहुंचे है। शहर के गिरधर व्यास अपनी 20 फीट लंबी मूंछों के साथ यहां पहुंचे। वहीं एक युवक सिर पर 20 किलो की पगड़ी बांधकर पहुंचा। इससे पूर्व सुबह लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हेरिटेज वॉक निकाली गई। इसमें केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल 4 किलोमीटर तक कलाकारों के साथ पैदल निकले। हेरिटेज वॉक में दौरान विधायक जेठानंद व्यास और कलेक्टर नम्रता वृषणि भी मौजूद रहीं। ऊंट महोत्सव में 11 जनवरी तक ऊंटों को अलग-अलग अंदाज में पेश किया जाएगा। यह उत्सव परंपरा, स्वाद और बीकानेर की संस्कृति का संगम है। फोटो में देखिए कैमल फेस्टिवल की झलक… — ऊंट महोत्सव की ये खबर भी पढ़ें … ऊंटों पर ‘अरावली और खेजड़ी बचाओ’ वाली हेयर कटिंग:30 साल पहले गर्दन पर फूल-पत्तियां बनाते थे, तैयार करने में लगते हैं 15 दिन कंटेंट सपोर्ट : अलंकार गोस्वामी, बीकानेर
बीकानेर में शुक्रवार से कैमल फेस्टिवल की शुरुआत हो चुकी है। फेस्टिवल के पहले दिन सुबह शहर की गलियों में हेरिटेज वॉक निकाली गई। वहीं दोपहर में मिस्टर बीकाणा, मिस मरवण और ढोला-मारू प्रतियोगिता हो रही है। मिस मरवण और ढोला-मारू में हिस्सा लेने के लिए 50 से ज्यादा महिलाएं सज-धज कर और 16 शृंगार करके पहुंचीं हैं। इसमें बीकानेर की नेशनल चेस प्लेयर युक्ति हर्ष भी हिस्सा ले रही हैं। वे भी 16 शृंगार के साथ पारंपरिक वेशभूषा में पहुंची। इसी तरह मिस्टर बीकाणा में हिस्सा लेने के लिए शहर के अलग-अलग इलाकों से पुरुष पहुंचे है। शहर के गिरधर व्यास अपनी 20 फीट लंबी मूंछों के साथ यहां पहुंचे। वहीं एक युवक सिर पर 20 किलो की पगड़ी बांधकर पहुंचा। इससे पूर्व सुबह लक्ष्मीनाथ मंदिर से रामपुरिया हवेली तक हेरिटेज वॉक निकाली गई। इसमें केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल 4 किलोमीटर तक कलाकारों के साथ पैदल निकले। हेरिटेज वॉक में दौरान विधायक जेठानंद व्यास और कलेक्टर नम्रता वृषणि भी मौजूद रहीं। ऊंट महोत्सव में 11 जनवरी तक ऊंटों को अलग-अलग अंदाज में पेश किया जाएगा। यह उत्सव परंपरा, स्वाद और बीकानेर की संस्कृति का संगम है। फोटो में देखिए कैमल फेस्टिवल की झलक… — ऊंट महोत्सव की ये खबर भी पढ़ें … ऊंटों पर ‘अरावली और खेजड़ी बचाओ’ वाली हेयर कटिंग:30 साल पहले गर्दन पर फूल-पत्तियां बनाते थे, तैयार करने में लगते हैं 15 दिन कंटेंट सपोर्ट : अलंकार गोस्वामी, बीकानेर