बिहार के 5 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गयाजी सिविल कोर्ट और मधुबनी सिविल कोर्ट शामिल है। धमकी एक अज्ञात मेल के जरिए दी गई है। मेल भेजने वाला LTTE का सदस्य अरुण कुमार है। उसने मेल पर लेटर जारी कर लिखा- ‘कोर्ट परिसर में 3 RDX प्लांट है। 2.30 बजे कोर्ट को रिमोट से उड़ा देंगे और ये धमाके श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन जैसे होंगे।’ सबसे पहले ईमेल पर भेजा लेटर पढ़िए… धमकी मिलने के बाद कोर्ट कैंपस की सुरक्षा बढ़ाई गई धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। वकील और जज अपने चैंबर से बाहर निकल गए हैं। इसके साथ ही बिहार के सभी कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पटना के दानापुर सिविल कोर्ट, भागलपुर सिविल कोर्ट और अररिया सिविल कोर्ट परिसर में सघन जांच-पड़ताल की गई। पटना के पीरबहोर थाने की पुलिस कोर्ट परिसर में छानबीन कर रही है। फिलहाल कोर्ट को बंद कर दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। कैदी, गवाह सभी को लौटा दिया गया है। पटना: वकील बोले- तीसरी बार धमकी मिली, एक बार भी कार्रवाई नहीं हुई पटना सिविल कोर्ट के वकील दिनकर दुबे ने कहा, ‘पटना सिविल कोर्ट को फिर से उड़ाने की धमकी दी गई। ये धमकी सुबह 11 बजे ई-मेल के जरिए मिली है। ये तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी मिली है, लेकिन एक बार भी एक्शन नहीं लिया गया है। यही नेता मंत्री के साथ होता तो एक्शन होता। धमकी देने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।’ वहीं, एडवोकेट रिजवी ने कहा, ‘जो घटना हो रही है, इससे सभी परेशान हैं। हमारे क्लाइंट आते हैं। उनके पास पैसे नहीं होते आने के लिए। न्याय की उम्मीद से आते है फिर एक डेट पड़ जाता है। उनकी चिंता कौन करेगा। अपराधी पर कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरे वकील सुशांत शेखर ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि कार्रवाई नहीं हो रही है। सभी लगे हैं। प्रशासन मुस्तैद है।’ रितेश ने कहा, ‘अच्छे से जांच हो। जो दोषी है उसे सजा मिले। आज सीतामढ़ी से क्लाइंट आए हुए थे। उनकी गवाही होने थी, लेकिन धमकी के बाद टल गई। अंशुमन ने कहा, ‘यहां लोग न्याय के लिए आते हैं। न्याय के घर में ही अन्याय जैसी हरकत हो रही।’ पटना सिटी कोर्ट की भी सुरक्षा बढ़ाई गई पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी मिलने के बाद पटना सिटी कोर्ट में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। इसे लेकर पटना पुलिस ने कोर्ट परिसर के चारों तरफ डॉग स्क्वाड्रन के माध्यम से चप्पे चप्पे की छानबीन की, किसी तरह के विस्फोटक होने की जानकारी नहीं मिली है। आलमगंज थाना प्रभारी राहुल कुमार ठाकुर ने बताया, ‘किसी सामाजिक तत्व द्वारा कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी मिली थी। इसी मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने कोर्ट परिसर को खाली कराया और सभी जगह की डॉग स्क्वाड्रन के माध्यम से जांच पड़ताल की गई।’ किशनगंज: तमिलनाडु से आया मेल किशनगंज सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल के माध्यम से आई, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। SP सागर कुमार ने बताया, ‘धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया है। धमकी मिलने के बाद, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की विशेष टीमों ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।’ पूरी खबर पढ़ें.. गयाजी: वकील बोले- बाहरी ताकतें देश को कमजोर करना चाहती हैं गयाजी के सिविल कोर्ट को बम से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी एक अज्ञात मेल के जरिए 9 बजकर 45 मिनट पर दी गई है। सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। पूरे परिसर को खाली करा लिया गया है। सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वायड की टीम भी मौजूद है। गयाजी कोर्ट के वकील मुकेश कुमार ने कहा, ‘मेल से धमकी मिली है। ये धमकी सुबह 9.54 मिनट पर डिस्ट्रिक्ट जज के मेल पर आया है। चप्पे चप्पे की तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची है। पूरे कैंपस को खाली करा लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… 3 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 में भी पटना और बाढ़ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ये धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी। इमेल में लिखा था, कोर्ट परिसर में RDX रखा गया है। इस सूचना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। 28 अगस्त 2025 को भी मिली थी धमकी इससे पहले 28 अगस्त को पटना सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ई-मेल में लिखा गया, ‘4RDX ILEDs न्यायधीश के रूम और कोर्ट कैंपस में लगाए हैं। यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से किया गया है।’ ‘बिहार से तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या की संरचना प्रभावित हो रही है।’ अब जानिए श्रीलंका का ईस्टर ब्लास्ट, जिसके जैसे ब्लास्ट की धमकी दी गई 21 अप्रैल, 2019 को श्रीलंका के सभी चर्चों में ईस्टर का जश्न चल रहा था। सुबह-सुबह हर जगह भारी भीड़ थी। तभी तीन शहरों में, तीन लग्जरी होटलों और तीन चर्चों में आत्मघाती हमलावरों ने ब्लास्ट कर दिया। पहला धमाका सुबह 8:25 बजे कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च में हुआ। इससे पहले कि सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट होतीं, 8:45 बजे नेगम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और 9:05 बजे बट्टिकालोआ के जिऑन चर्च में ब्लास्ट हो गया। सुबह 9:15 से 9:20 के बीच कोलंबो के किंग्सबरी होटल, शांगरी-ला होटल, ट्रॉपिकल इन होटल में धमाके हुए। दोपहर 2 बजे दहिवाला के गेस्ट हाउस ट्रॉपिकल इन और देमटागोडा के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में बड़ा धमाका हुआ। इन हमलों में 269 लोगों की मौत हुई और 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वालों में 11 भारतीयों समेत 45 विदेशी नागरिक, 3 पुलिस अफसर और 8 हमलावर थे। सीरियल ब्लास्ट के बाद श्रीलंका सरकार ने देश में इमरजेंसी लागू कर दी थी। इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और सीरिया यानी ISIS ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, बाद में श्रीलंका सरकार के मंत्री हरिन फर्नांडो ने पुलिस का एक मेमो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसमें नेशनल तौहीद जमात यानी NTJ पर ब्लास्ट का आरोप लगाया गया। धमाकों के बाद कहा गया कि तब राष्ट्रपति रहे मैत्रीपाला सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के पास पहले से इंटेलिजेंस इनपुट थे, पर वे हमला नहीं रोक पाए। इन धमाकों ने देश में मुसलमानों के लिए लोगों का नजरिया बदल दिया। जांच के नाम पर लोगों को गिरफ्तार किया गया। मस्जिदों पर हमले शुरू हो गए। मुस्लिमों पर कई तरह के प्रतिबंध लगे और वे धीरे-धीरे अलग-थलग पड़ गए थे।
बिहार के 5 कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इसमें पटना सिविल कोर्ट, पटना सिटी कोर्ट, किशनगंज सिविल कोर्ट, गयाजी सिविल कोर्ट और मधुबनी सिविल कोर्ट शामिल है। धमकी एक अज्ञात मेल के जरिए दी गई है। मेल भेजने वाला LTTE का सदस्य अरुण कुमार है। उसने मेल पर लेटर जारी कर लिखा- ‘कोर्ट परिसर में 3 RDX प्लांट है। 2.30 बजे कोर्ट को रिमोट से उड़ा देंगे और ये धमाके श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन जैसे होंगे।’ सबसे पहले ईमेल पर भेजा लेटर पढ़िए… धमकी मिलने के बाद कोर्ट कैंपस की सुरक्षा बढ़ाई गई धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर को खाली कराया गया। वकील और जज अपने चैंबर से बाहर निकल गए हैं। इसके साथ ही बिहार के सभी कोर्ट की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पटना के दानापुर सिविल कोर्ट, भागलपुर सिविल कोर्ट और अररिया सिविल कोर्ट परिसर में सघन जांच-पड़ताल की गई। पटना के पीरबहोर थाने की पुलिस कोर्ट परिसर में छानबीन कर रही है। फिलहाल कोर्ट को बंद कर दिया गया है। किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं है। कैदी, गवाह सभी को लौटा दिया गया है। पटना: वकील बोले- तीसरी बार धमकी मिली, एक बार भी कार्रवाई नहीं हुई पटना सिविल कोर्ट के वकील दिनकर दुबे ने कहा, ‘पटना सिविल कोर्ट को फिर से उड़ाने की धमकी दी गई। ये धमकी सुबह 11 बजे ई-मेल के जरिए मिली है। ये तीसरी बार है जब कोर्ट परिसर को उड़ाने की धमकी मिली है, लेकिन एक बार भी एक्शन नहीं लिया गया है। यही नेता मंत्री के साथ होता तो एक्शन होता। धमकी देने वालों की गिरफ्तारी होनी चाहिए।’ वहीं, एडवोकेट रिजवी ने कहा, ‘जो घटना हो रही है, इससे सभी परेशान हैं। हमारे क्लाइंट आते हैं। उनके पास पैसे नहीं होते आने के लिए। न्याय की उम्मीद से आते है फिर एक डेट पड़ जाता है। उनकी चिंता कौन करेगा। अपराधी पर कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरे वकील सुशांत शेखर ने कहा, ‘ऐसा नहीं है कि कार्रवाई नहीं हो रही है। सभी लगे हैं। प्रशासन मुस्तैद है।’ रितेश ने कहा, ‘अच्छे से जांच हो। जो दोषी है उसे सजा मिले। आज सीतामढ़ी से क्लाइंट आए हुए थे। उनकी गवाही होने थी, लेकिन धमकी के बाद टल गई। अंशुमन ने कहा, ‘यहां लोग न्याय के लिए आते हैं। न्याय के घर में ही अन्याय जैसी हरकत हो रही।’ पटना सिटी कोर्ट की भी सुरक्षा बढ़ाई गई पटना सिविल कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी मिलने के बाद पटना सिटी कोर्ट में भी सतर्कता बढ़ा दी गई। इसे लेकर पटना पुलिस ने कोर्ट परिसर के चारों तरफ डॉग स्क्वाड्रन के माध्यम से चप्पे चप्पे की छानबीन की, किसी तरह के विस्फोटक होने की जानकारी नहीं मिली है। आलमगंज थाना प्रभारी राहुल कुमार ठाकुर ने बताया, ‘किसी सामाजिक तत्व द्वारा कोर्ट को बम से उड़ने की धमकी मिली थी। इसी मामले को लेकर पुलिस प्रशासन ने कोर्ट परिसर को खाली कराया और सभी जगह की डॉग स्क्वाड्रन के माध्यम से जांच पड़ताल की गई।’ किशनगंज: तमिलनाडु से आया मेल किशनगंज सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी एक ईमेल के माध्यम से आई, जिसमें कोर्ट परिसर में विस्फोटक होने का दावा किया गया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। SP सागर कुमार ने बताया, ‘धमकी भरा ईमेल तमिलनाडु से भेजा गया है। धमकी मिलने के बाद, कोर्ट परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की विशेष टीमों ने कोर्ट परिसर की तलाशी ली, हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।’ पूरी खबर पढ़ें.. गयाजी: वकील बोले- बाहरी ताकतें देश को कमजोर करना चाहती हैं गयाजी के सिविल कोर्ट को बम से बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी एक अज्ञात मेल के जरिए 9 बजकर 45 मिनट पर दी गई है। सूचना मिलते ही अफरा-तफरी मच गई। पूरे परिसर को खाली करा लिया गया है। सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वायड की टीम भी मौजूद है। गयाजी कोर्ट के वकील मुकेश कुमार ने कहा, ‘मेल से धमकी मिली है। ये धमकी सुबह 9.54 मिनट पर डिस्ट्रिक्ट जज के मेल पर आया है। चप्पे चप्पे की तलाशी ली जा रही है। डॉग स्क्वायड की टीम पहुंची है। पूरे कैंपस को खाली करा लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… 3 महीने पहले भी मिली थी धमकी इससे पहले 16 अक्टूबर 2025 में भी पटना और बाढ़ सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ये धमकी ईमेल के जरिए दी गई थी। इमेल में लिखा था, कोर्ट परिसर में RDX रखा गया है। इस सूचना के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। 28 अगस्त 2025 को भी मिली थी धमकी इससे पहले 28 अगस्त को पटना सिविल कोर्ट को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। ई-मेल में लिखा गया, ‘4RDX ILEDs न्यायधीश के रूम और कोर्ट कैंपस में लगाए हैं। यह अभियान पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से किया गया है।’ ‘बिहार से तमिलनाडु आने वाले प्रवासी मजदूरों की संख्या बढ़ने से तमिलनाडु की स्थानीय जनसंख्या की संरचना प्रभावित हो रही है।’ अब जानिए श्रीलंका का ईस्टर ब्लास्ट, जिसके जैसे ब्लास्ट की धमकी दी गई 21 अप्रैल, 2019 को श्रीलंका के सभी चर्चों में ईस्टर का जश्न चल रहा था। सुबह-सुबह हर जगह भारी भीड़ थी। तभी तीन शहरों में, तीन लग्जरी होटलों और तीन चर्चों में आत्मघाती हमलावरों ने ब्लास्ट कर दिया। पहला धमाका सुबह 8:25 बजे कोलंबो के सेंट एंथनी चर्च में हुआ। इससे पहले कि सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट होतीं, 8:45 बजे नेगम्बो के सेंट सेबेस्टियन चर्च और 9:05 बजे बट्टिकालोआ के जिऑन चर्च में ब्लास्ट हो गया। सुबह 9:15 से 9:20 के बीच कोलंबो के किंग्सबरी होटल, शांगरी-ला होटल, ट्रॉपिकल इन होटल में धमाके हुए। दोपहर 2 बजे दहिवाला के गेस्ट हाउस ट्रॉपिकल इन और देमटागोडा के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में बड़ा धमाका हुआ। इन हमलों में 269 लोगों की मौत हुई और 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए। मरने वालों में 11 भारतीयों समेत 45 विदेशी नागरिक, 3 पुलिस अफसर और 8 हमलावर थे। सीरियल ब्लास्ट के बाद श्रीलंका सरकार ने देश में इमरजेंसी लागू कर दी थी। इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और सीरिया यानी ISIS ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, बाद में श्रीलंका सरकार के मंत्री हरिन फर्नांडो ने पुलिस का एक मेमो सोशल मीडिया पर शेयर किया। इसमें नेशनल तौहीद जमात यानी NTJ पर ब्लास्ट का आरोप लगाया गया। धमाकों के बाद कहा गया कि तब राष्ट्रपति रहे मैत्रीपाला सिरिसेना और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के पास पहले से इंटेलिजेंस इनपुट थे, पर वे हमला नहीं रोक पाए। इन धमाकों ने देश में मुसलमानों के लिए लोगों का नजरिया बदल दिया। जांच के नाम पर लोगों को गिरफ्तार किया गया। मस्जिदों पर हमले शुरू हो गए। मुस्लिमों पर कई तरह के प्रतिबंध लगे और वे धीरे-धीरे अलग-थलग पड़ गए थे।