चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत 9 जनवरी को हिसार आ रहे हैं। वह दो दिन हिसार व हांसी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। हरियाणा सरकार उनके सम्मान में स्टेट डिनर दे रही है। CJI का सबसे खास दौरा उनके पुराने गवर्नमेंट कॉलेज मैदान का रहने वाला है। इसी कॉलेज में CJI सूर्यकांत ने ग्रेजुएशन की थी। उनके पास बीए ऑनर्स थी। CJI इसी कॉलेज में एलुमनी मीट में बतौर चीफ गेस्ट हिस्सा लेंगे। हिसार गवर्नमेंट कॉलेज के प्रिंसिपल विवेक सैनी ने बताया कि उनके दौरे को विशेष बनाने की तैयारी चल रही है। उनके कॉलेज के दौरान एक्टिविटी में भाग लेने की तस्वीरें उनके पास हैं जो वह CJI को दिखाएंगे। इसके अलावा वह कॉलेज के क्लासरूम नंबर 4 में भी उन्हें ले जाएंगे, जहां कॉलेज के दौरान बैठकर वह पढ़ाई करते थे। उनके पुराने दोस्तों को भी एलुमनी मीट के लिए निमंत्रण दिया गया है। CJI के साथ उनकी भी गेट-टू-गैदर करवाई जाएगी। वहीं, वह मोटिवेशन स्पीच भी यहां पढ़ने वाले छात्रों को देंगे। उनके साथ पढ़ने वाले उनके दोस्तों ने किस्से दैनिक भास्कर संग शेयर किए। पढ़िए CJI के सहपाठी व दोस्तों ने जो किस्से सुनाए… सूर्यकांत जहां भी जाते, छा जाता थे गवर्नमेंट कॉलेज में प्रिंसिपल रहे डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया- मैं CJI सूर्यकांत के साथ हिसार के गवर्नमेंट कॉलेज में पढ़ता था। 1979, 1980-81 बैच से मैं पास आउट रहा हूं। सूर्यकांत मेरी क्लास में पढ़ते थे। उस समय मेरे अलावा पांच और छात्रों के पास पूरे कॉलेज में बीए ऑनर्स थी। उसमें सूर्यकांत भी थे। सूर्यकांत कॉलेज टाइम से ही काफी होनहार थे। वह अच्छे वक्ता रहे हैं और कॉलेज टाइम में स्टेज पर आकर बोलते थे। डॉ. भूपेंद्र बोले- हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर उनकी कमांड अच्छी थी। वह किसी दूसरे कॉलेज में भी कंपीटीशन में जाते थे तो वहां भी ट्रॉफी जीतकर ही आते थे। मुझे याद है कि वह हिसार के अर्बन एस्टेट में अपने पिता के साथ रहते थे और वहीं से कॉलेज आते-जाते थे। वह शुरू से ही ज्युडिश्यरी में जाना चाहते थे। वह कहते थे कि मुझे तो वकालत ही करनी है। वह कॉलेज टाइम में जब थे तो बड़ी हंसी मजाक करते थे। लाइट मूड में रहते थे। उन्होंने कहा- मैंने कभी उन्हें सीरियस नहीं देखा। वह काफी जौली किस्म के हैं। उनका अब हिसार के उसी कॉलेज में आना बहुत अच्छा है। इससे विद्यार्थियों को मोटिवेशन मिलेगा। हम जब उनसे मिलेंगे तो पुराने किस्से जरूर शेयर करेंगे। वह एक डाइनेमिक पर्सनैलिटी हैं। वह हिसार में करोना के बाद आए थे। मेरी तब भी उनसे मुलाकात हुई और उनकी माता का स्वर्गवास हुआ, तब मैं उनसे मिलने गया था। बरसों बाद मिला तो मुझे पहचान नाम से बुलाया कॉलेज में उनके साथ पढ़ने वाले एडवोकेट परवीर आर्य ने बताया- सूर्यकांत गर्वमेंट कॉलेज हिसार में मेरे साथ थे। उनका साहित्यिक गतिविधियों में अच्छा रुझान था। उनका परिवार भी साहित्यिक प्रेमी रहा है। उनके पिता भी काव्य गोष्ठियों में भाग लेते रहते थे। कॉलेज के वह एक होनहार छात्र थे और कभी उनका किसी विवाद में नाम नहीं जुड़ा। उन्होंने कहा- ग्रेजुएशन करने के बाद वह रोहतक एमडीयू से लॉ करने चले गए। मैंने गवर्नमेंट कॉलेज में ही पीजी में एडमिशन ले लिया था। इसके बाद एक-डेढ़ साल उन्होंने हिसार में प्रैक्टिस की। मैं सूर्यकांत से तब मिला जब उनकी माता का देहांत हुआ था। तब मैं उनके पास गया था। जाते ही उन्होंने मुझे पहचान लिया और मेरे नाम से पुकारा। एडवोकेट बोले- उन्हें पिछली बातें सब याद हैं। जब वह चंडीगढ़ में एडवोकेट जनरल थे, उस दौरान भी मेरी उनसे बात होती रहती थी। हिसार में सूर्यकांत जी का आना यहां के वकीलों के लिए प्रेरणा बनेगा। दोस्त के पिता के साथ रहकर वकालत सीखी CJI के साथ लॉ करने वाले उनके दोस्त एडवोकेट अनिल बंसल ने बताया- बात 1984 की है। हम एमडीयू रोहतक में एक साथ पढ़ते थे। मैं रोहतक की हाउसिंग बोर्ड में रहता था। वहां देवव्रत शर्मा भी रहते थे। सूर्यकांत देव शर्मा के पास अधिकतर रहते थे। इन दोनों के परिवार आपस में जुड़े हुए थे। हाउसिंग बोर्ड में मेरा कमरा और देवव्रत का कमरा ज्यादा दूर नहीं था। रूम पर आना-जाना रहता था। उन्होंने कहा- कभी कभार दो-दो बजे तक हमारी गपशप चलती रहती थी। हम पढ़ाई के दौरान रूम में ग्रुप डिस्कशन भी करते थे। उन्हीं दिनों में इनके बड़े भाई डॉ. शिवकांत रोहतक से एमडी चेस्ट कर रहे थे। वह रोहतक में हॉस्टल में रहते थे। कई बार यह भाई के पास हॉस्टल में रहने चले जाते थे। मैं कई बार सूर्यकांत के साथ मेडिकल हॉस्टल में खाना खाता था। अनिल बंसल बोले- मेरे पिता सिविल के वकील थे। सूर्यकांत ने मेरे पिता आत्माराम बंसल के अंडर में रहकर प्रैक्टिस शुरू की थी। कई बार बेल एप्लिकेशन आ जाती थी तो यह बेल एप्लिकेशन फेस करते थे। यहां एडीजे होते थे बीआर गुलाटी, वह इनकी आर्ग्यूमेंट से इंप्रेस हुए थे। उन्होंने कहा था कि आप अपना टाइम हिसार में वेस्ट मत करो, चंडीगढ़ जाओ। आपमें आगे बढ़ने की काबिलियत है। जब चंडीगढ़ गए तो वह अपना परिचय यही देते थे कि मैं हिसार में एडवोकेट आत्माराम बंसल का जूनियर हूं। अक्सर पिता फोन करते रहते थे। हिसार में CJI के ये कार्यक्रम रहेंगे
CJI सूर्यकांत 9 जनवरी को हांसी में होने वाले बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वह हिसार बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अगले दिन 10 जनवरी को वह बरवाला में नवस्थापित एसडीजेएम न्यायालय का उद्घाटन एवं न्यायिक परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इसके पश्चात वह नारनौंद पहुंचकर नवस्थापित एसडीजेएम न्यायालय के उद्घाटन एवं न्यायिक परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेंगे। फिर पैतृक गांव पेटवाड़ में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह के उपरांत मुख्य न्यायाधीश हिसार स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एलुमनी मीट कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह हिसार से रवाना होंगे। ॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढे़ं… CJI के स्टेट डिनर में 50 से ज्यादा व्यंजन होंगे:श्रीलंकाई वेजिटेबल करी समेत 9 तरह की रोटी बनेंगी, सेंट्रल लॉ मिनिस्टर हिसार में उनके गांव जाएंगे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत 9 और 10 जनवरी को अपने गृह जिले हिसार आ रहे हैं। हिसार में उनके कई कार्यक्रम लगभग तय हो गए हैं। अभी फाइनल टूर प्रोग्राम आना बाकी है। हिसार और हांसी में उनके कई कार्यक्रम हैं, जहां उनको शिरकत करनी है। पूरी खबर पढ़ें…
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत 9 जनवरी को हिसार आ रहे हैं। वह दो दिन हिसार व हांसी में कई कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। हरियाणा सरकार उनके सम्मान में स्टेट डिनर दे रही है। CJI का सबसे खास दौरा उनके पुराने गवर्नमेंट कॉलेज मैदान का रहने वाला है। इसी कॉलेज में CJI सूर्यकांत ने ग्रेजुएशन की थी। उनके पास बीए ऑनर्स थी। CJI इसी कॉलेज में एलुमनी मीट में बतौर चीफ गेस्ट हिस्सा लेंगे। हिसार गवर्नमेंट कॉलेज के प्रिंसिपल विवेक सैनी ने बताया कि उनके दौरे को विशेष बनाने की तैयारी चल रही है। उनके कॉलेज के दौरान एक्टिविटी में भाग लेने की तस्वीरें उनके पास हैं जो वह CJI को दिखाएंगे। इसके अलावा वह कॉलेज के क्लासरूम नंबर 4 में भी उन्हें ले जाएंगे, जहां कॉलेज के दौरान बैठकर वह पढ़ाई करते थे। उनके पुराने दोस्तों को भी एलुमनी मीट के लिए निमंत्रण दिया गया है। CJI के साथ उनकी भी गेट-टू-गैदर करवाई जाएगी। वहीं, वह मोटिवेशन स्पीच भी यहां पढ़ने वाले छात्रों को देंगे। उनके साथ पढ़ने वाले उनके दोस्तों ने किस्से दैनिक भास्कर संग शेयर किए। पढ़िए CJI के सहपाठी व दोस्तों ने जो किस्से सुनाए… सूर्यकांत जहां भी जाते, छा जाता थे गवर्नमेंट कॉलेज में प्रिंसिपल रहे डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया- मैं CJI सूर्यकांत के साथ हिसार के गवर्नमेंट कॉलेज में पढ़ता था। 1979, 1980-81 बैच से मैं पास आउट रहा हूं। सूर्यकांत मेरी क्लास में पढ़ते थे। उस समय मेरे अलावा पांच और छात्रों के पास पूरे कॉलेज में बीए ऑनर्स थी। उसमें सूर्यकांत भी थे। सूर्यकांत कॉलेज टाइम से ही काफी होनहार थे। वह अच्छे वक्ता रहे हैं और कॉलेज टाइम में स्टेज पर आकर बोलते थे। डॉ. भूपेंद्र बोले- हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं पर उनकी कमांड अच्छी थी। वह किसी दूसरे कॉलेज में भी कंपीटीशन में जाते थे तो वहां भी ट्रॉफी जीतकर ही आते थे। मुझे याद है कि वह हिसार के अर्बन एस्टेट में अपने पिता के साथ रहते थे और वहीं से कॉलेज आते-जाते थे। वह शुरू से ही ज्युडिश्यरी में जाना चाहते थे। वह कहते थे कि मुझे तो वकालत ही करनी है। वह कॉलेज टाइम में जब थे तो बड़ी हंसी मजाक करते थे। लाइट मूड में रहते थे। उन्होंने कहा- मैंने कभी उन्हें सीरियस नहीं देखा। वह काफी जौली किस्म के हैं। उनका अब हिसार के उसी कॉलेज में आना बहुत अच्छा है। इससे विद्यार्थियों को मोटिवेशन मिलेगा। हम जब उनसे मिलेंगे तो पुराने किस्से जरूर शेयर करेंगे। वह एक डाइनेमिक पर्सनैलिटी हैं। वह हिसार में करोना के बाद आए थे। मेरी तब भी उनसे मुलाकात हुई और उनकी माता का स्वर्गवास हुआ, तब मैं उनसे मिलने गया था। बरसों बाद मिला तो मुझे पहचान नाम से बुलाया कॉलेज में उनके साथ पढ़ने वाले एडवोकेट परवीर आर्य ने बताया- सूर्यकांत गर्वमेंट कॉलेज हिसार में मेरे साथ थे। उनका साहित्यिक गतिविधियों में अच्छा रुझान था। उनका परिवार भी साहित्यिक प्रेमी रहा है। उनके पिता भी काव्य गोष्ठियों में भाग लेते रहते थे। कॉलेज के वह एक होनहार छात्र थे और कभी उनका किसी विवाद में नाम नहीं जुड़ा। उन्होंने कहा- ग्रेजुएशन करने के बाद वह रोहतक एमडीयू से लॉ करने चले गए। मैंने गवर्नमेंट कॉलेज में ही पीजी में एडमिशन ले लिया था। इसके बाद एक-डेढ़ साल उन्होंने हिसार में प्रैक्टिस की। मैं सूर्यकांत से तब मिला जब उनकी माता का देहांत हुआ था। तब मैं उनके पास गया था। जाते ही उन्होंने मुझे पहचान लिया और मेरे नाम से पुकारा। एडवोकेट बोले- उन्हें पिछली बातें सब याद हैं। जब वह चंडीगढ़ में एडवोकेट जनरल थे, उस दौरान भी मेरी उनसे बात होती रहती थी। हिसार में सूर्यकांत जी का आना यहां के वकीलों के लिए प्रेरणा बनेगा। दोस्त के पिता के साथ रहकर वकालत सीखी CJI के साथ लॉ करने वाले उनके दोस्त एडवोकेट अनिल बंसल ने बताया- बात 1984 की है। हम एमडीयू रोहतक में एक साथ पढ़ते थे। मैं रोहतक की हाउसिंग बोर्ड में रहता था। वहां देवव्रत शर्मा भी रहते थे। सूर्यकांत देव शर्मा के पास अधिकतर रहते थे। इन दोनों के परिवार आपस में जुड़े हुए थे। हाउसिंग बोर्ड में मेरा कमरा और देवव्रत का कमरा ज्यादा दूर नहीं था। रूम पर आना-जाना रहता था। उन्होंने कहा- कभी कभार दो-दो बजे तक हमारी गपशप चलती रहती थी। हम पढ़ाई के दौरान रूम में ग्रुप डिस्कशन भी करते थे। उन्हीं दिनों में इनके बड़े भाई डॉ. शिवकांत रोहतक से एमडी चेस्ट कर रहे थे। वह रोहतक में हॉस्टल में रहते थे। कई बार यह भाई के पास हॉस्टल में रहने चले जाते थे। मैं कई बार सूर्यकांत के साथ मेडिकल हॉस्टल में खाना खाता था। अनिल बंसल बोले- मेरे पिता सिविल के वकील थे। सूर्यकांत ने मेरे पिता आत्माराम बंसल के अंडर में रहकर प्रैक्टिस शुरू की थी। कई बार बेल एप्लिकेशन आ जाती थी तो यह बेल एप्लिकेशन फेस करते थे। यहां एडीजे होते थे बीआर गुलाटी, वह इनकी आर्ग्यूमेंट से इंप्रेस हुए थे। उन्होंने कहा था कि आप अपना टाइम हिसार में वेस्ट मत करो, चंडीगढ़ जाओ। आपमें आगे बढ़ने की काबिलियत है। जब चंडीगढ़ गए तो वह अपना परिचय यही देते थे कि मैं हिसार में एडवोकेट आत्माराम बंसल का जूनियर हूं। अक्सर पिता फोन करते रहते थे। हिसार में CJI के ये कार्यक्रम रहेंगे
CJI सूर्यकांत 9 जनवरी को हांसी में होने वाले बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में भाग लेंगे। इसके बाद वह हिसार बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। अगले दिन 10 जनवरी को वह बरवाला में नवस्थापित एसडीजेएम न्यायालय का उद्घाटन एवं न्यायिक परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। इसके पश्चात वह नारनौंद पहुंचकर नवस्थापित एसडीजेएम न्यायालय के उद्घाटन एवं न्यायिक परिसर के शिलान्यास कार्यक्रम में भाग लेंगे। फिर पैतृक गांव पेटवाड़ में सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह के उपरांत मुख्य न्यायाधीश हिसार स्थित राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एलुमनी मीट कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसके बाद वह हिसार से रवाना होंगे। ॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढे़ं… CJI के स्टेट डिनर में 50 से ज्यादा व्यंजन होंगे:श्रीलंकाई वेजिटेबल करी समेत 9 तरह की रोटी बनेंगी, सेंट्रल लॉ मिनिस्टर हिसार में उनके गांव जाएंगे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत 9 और 10 जनवरी को अपने गृह जिले हिसार आ रहे हैं। हिसार में उनके कई कार्यक्रम लगभग तय हो गए हैं। अभी फाइनल टूर प्रोग्राम आना बाकी है। हिसार और हांसी में उनके कई कार्यक्रम हैं, जहां उनको शिरकत करनी है। पूरी खबर पढ़ें…