जम्मू स्थित वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS की मान्यता रद्द कर दी गई है। कॉलेज को पिछले साल ही MBBS कोर्स चलाने की मान्यता मिली थी। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने कॉलेज में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर यह फैसला लिया। मौजूदा MBBS छात्रों को अन्य कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा। दरअसल कॉलेज पर आरोप लगा था कि 2025-26 के पहले बैच में 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख छात्र का नाम सीट अलॉटमेंट लिस्ट में रखा गया। जिसके बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा था कि सीट बंटवारे में भेदभाव किया गया। हिंदू छात्रों की अनदेखी की गई, इसलिए एडमिशन लिस्ट तुरंत रद्द होनी चाहिए। साथ ही हिंदू संगठनों ने मांग की थी कि यह कॉलेज माता वैष्णो देवी के भक्तों के चढ़ावे से चलता है, इसलिए हिंदू छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। NMC के मानकों का उल्लंघन, 6 कमियां मिलीं बोर्ड के अनुसार, कॉलेज ने NMC के मानकों का उल्लंघन किया। निरीक्षण के समय में ऐसी कमियां सामने आईं जिन्होंने उन शर्तों का उल्लंघन किया, जिनके तहत संस्थान को मंजूरी दी गई थी। इसलिए NMC ने अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स की मान्यता रद्द कर दी। पिछले साल ही मिली थी मान्यता मेडिकल कॉलेज ने NMC में 5 दिसंबर और 19 दिसंबर, 2024 को एक पब्लिक नोटिस के तहत नया MBBS प्रोग्राम शुरू करने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद संस्थान को 2025-26 एकेडमिक सत्र के लिए 50 MBBS छात्रों को एडमिशन देने की मंजूरी मिली थी और इसी के बाद मुस्लिम छात्रों के एडमिशन को लेकर विवाद शुरू हो गया था। —————————– ये खबर भी पढ़ें… वैष्णोदेवी मेडिकल इंस्टीट्यूट की MBBS सीट का विरोध:पहले बैच में 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) में MBBS एडमिशन को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोमवार को कई हिंदू संगठनों ने एक साथ विरोध प्रदर्शन किया और एडमिशन वाली सीट अलॉटमेंट की पहली लिस्ट तुरंत रद्द करने की मांग की। पूरी खबर पढ़ें…
जम्मू स्थित वैष्णो देवी मेडिकल कॉलेज की MBBS की मान्यता रद्द कर दी गई है। कॉलेज को पिछले साल ही MBBS कोर्स चलाने की मान्यता मिली थी। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) ने कॉलेज में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर यह फैसला लिया। मौजूदा MBBS छात्रों को अन्य कॉलेजों में शिफ्ट किया जाएगा। दरअसल कॉलेज पर आरोप लगा था कि 2025-26 के पहले बैच में 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख छात्र का नाम सीट अलॉटमेंट लिस्ट में रखा गया। जिसके बाद कई हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा था कि सीट बंटवारे में भेदभाव किया गया। हिंदू छात्रों की अनदेखी की गई, इसलिए एडमिशन लिस्ट तुरंत रद्द होनी चाहिए। साथ ही हिंदू संगठनों ने मांग की थी कि यह कॉलेज माता वैष्णो देवी के भक्तों के चढ़ावे से चलता है, इसलिए हिंदू छात्रों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। NMC के मानकों का उल्लंघन, 6 कमियां मिलीं बोर्ड के अनुसार, कॉलेज ने NMC के मानकों का उल्लंघन किया। निरीक्षण के समय में ऐसी कमियां सामने आईं जिन्होंने उन शर्तों का उल्लंघन किया, जिनके तहत संस्थान को मंजूरी दी गई थी। इसलिए NMC ने अंडरग्रेजुएट मेडिकल कोर्स की मान्यता रद्द कर दी। पिछले साल ही मिली थी मान्यता मेडिकल कॉलेज ने NMC में 5 दिसंबर और 19 दिसंबर, 2024 को एक पब्लिक नोटिस के तहत नया MBBS प्रोग्राम शुरू करने के लिए आवेदन किया था। इसके बाद संस्थान को 2025-26 एकेडमिक सत्र के लिए 50 MBBS छात्रों को एडमिशन देने की मंजूरी मिली थी और इसी के बाद मुस्लिम छात्रों के एडमिशन को लेकर विवाद शुरू हो गया था। —————————– ये खबर भी पढ़ें… वैष्णोदेवी मेडिकल इंस्टीट्यूट की MBBS सीट का विरोध:पहले बैच में 42 मुस्लिम, 7 हिंदू और एक सिख जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस (SMVDIME) में MBBS एडमिशन को लेकर विवाद बढ़ गया है। सोमवार को कई हिंदू संगठनों ने एक साथ विरोध प्रदर्शन किया और एडमिशन वाली सीट अलॉटमेंट की पहली लिस्ट तुरंत रद्द करने की मांग की। पूरी खबर पढ़ें…