दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। साथ ही एक साल तक इस मामले में जमानत याचिका दाखिल करने पर भी रोक लगा दी। शरजील के साथ उमर खालिद की भी सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा शरजील और उमर के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप बनता है। कार्यवाही के बीच जमानत पर रिहा करने का आधार नहीं बनता। IIT बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट और JNU से पीएचडी जहानाबाद के शरजील इमाम पर क्या आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 साल बाद भी जमानत क्यों नहीं दी। मोदी के पीएम बनने पर पिता ने क्यों देश छोड़ने को कहा था। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः दिल्ली दंगे का आरोपी शरजील इमाम कौन हैं? जवाबः शरजील इमाम जहानाबाद के काको का रहने वाला है। उसके पिता दिवंगत अकबर इमाम दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। 2005 में आखिरी बार नीतीश कुमार की पार्टी JDU के टिकट पर जहानाबाद से चुनाव लड़े थे। हार गए थे। शरजील की शुरुआती पढ़ाई काको से हुई है। फिर वह पटना के सेंट जेवियर स्कूल चल गया। वहां से DPS वसंत कुंज और फिर IIT बॉम्बे से कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट और JNU से मॉर्डन हिस्ट्री में PG और पीएचडी की। वह अपने एक लेख में लिखता है, ‘IIT में पढ़ाई के दौरान मेरी रुचि साहित्य की तरफ बढ़ी।’ सवाल-2ः शरजील इमाम किस केस में तिहाड़ जेल में बंद है और उस पर आरोप क्या है? जवाबः इमाम को 28 जनवरी 2020 को दिल्ली पुलिस ने जहानाबाद स्थित घर से गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि शरजील CAA के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में विरोध-प्रदर्शन के आयोजकों में से एक था। जनवरी 2020 में भड़काऊ भाषण दिया था। इसके बाद दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 753 FIR दर्ज की गईं। शरजील पर आरोप… पुलिस का दावा- ट्रम्प की यात्रा के समय दंगे करवाना चाहते थे बड़ा मुस्लिम लीडर बनना चाहता है शरजील मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ में शरजील ने जांच एजेंसियों को बताया था कि वह मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद इकबाल का कायल है। उसका इरादा उत्तर भारत का सबसे बड़ा मुस्लिम नेता बनना है। ऐसे में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे आंदोलनों में उसे मंच मिला तो वह सपने का साकार करने के लिए भाषण देने लगा। पूछताछ में शरजील ने बताया था, ‘हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तरफ उत्तर भारत का बड़ा मुस्लिम नेता बनना चाहता है।’ पिता ने कहा था- देश छोड़ दो 30 जून 2025 को शरजील इमाम ने जेल से एक लेख ‘इस्लामी आधुनिकतावाद, जिन्ना, लोकतंत्र और भारत में मुसलमानों के व्यवस्थित बहिष्कार पर चर्चा’ पर लिखा। सवाल-3ः सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहते हुए शरजील को जमानत नहीं दी? जवाबः 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद और जस्टिस एनवी अंजारिया ने शरजील की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें…
दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया। साथ ही एक साल तक इस मामले में जमानत याचिका दाखिल करने पर भी रोक लगा दी। शरजील के साथ उमर खालिद की भी सुप्रीम कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा शरजील और उमर के खिलाफ प्रथम दृष्टया आरोप बनता है। कार्यवाही के बीच जमानत पर रिहा करने का आधार नहीं बनता। IIT बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट और JNU से पीएचडी जहानाबाद के शरजील इमाम पर क्या आरोप है। सुप्रीम कोर्ट ने 6 साल बाद भी जमानत क्यों नहीं दी। मोदी के पीएम बनने पर पिता ने क्यों देश छोड़ने को कहा था। जानेंगे, आज के एक्सप्लेनर बूझे की नाही में…। सवाल-1ः दिल्ली दंगे का आरोपी शरजील इमाम कौन हैं? जवाबः शरजील इमाम जहानाबाद के काको का रहने वाला है। उसके पिता दिवंगत अकबर इमाम दो बार विधानसभा का चुनाव लड़ चुके हैं। 2005 में आखिरी बार नीतीश कुमार की पार्टी JDU के टिकट पर जहानाबाद से चुनाव लड़े थे। हार गए थे। शरजील की शुरुआती पढ़ाई काको से हुई है। फिर वह पटना के सेंट जेवियर स्कूल चल गया। वहां से DPS वसंत कुंज और फिर IIT बॉम्बे से कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट और JNU से मॉर्डन हिस्ट्री में PG और पीएचडी की। वह अपने एक लेख में लिखता है, ‘IIT में पढ़ाई के दौरान मेरी रुचि साहित्य की तरफ बढ़ी।’ सवाल-2ः शरजील इमाम किस केस में तिहाड़ जेल में बंद है और उस पर आरोप क्या है? जवाबः इमाम को 28 जनवरी 2020 को दिल्ली पुलिस ने जहानाबाद स्थित घर से गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि शरजील CAA के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में विरोध-प्रदर्शन के आयोजकों में से एक था। जनवरी 2020 में भड़काऊ भाषण दिया था। इसके बाद दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 753 FIR दर्ज की गईं। शरजील पर आरोप… पुलिस का दावा- ट्रम्प की यात्रा के समय दंगे करवाना चाहते थे बड़ा मुस्लिम लीडर बनना चाहता है शरजील मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पूछताछ में शरजील ने जांच एजेंसियों को बताया था कि वह मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद इकबाल का कायल है। उसका इरादा उत्तर भारत का सबसे बड़ा मुस्लिम नेता बनना है। ऐसे में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ चल रहे आंदोलनों में उसे मंच मिला तो वह सपने का साकार करने के लिए भाषण देने लगा। पूछताछ में शरजील ने बताया था, ‘हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी की तरफ उत्तर भारत का बड़ा मुस्लिम नेता बनना चाहता है।’ पिता ने कहा था- देश छोड़ दो 30 जून 2025 को शरजील इमाम ने जेल से एक लेख ‘इस्लामी आधुनिकतावाद, जिन्ना, लोकतंत्र और भारत में मुसलमानों के व्यवस्थित बहिष्कार पर चर्चा’ पर लिखा। सवाल-3ः सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहते हुए शरजील को जमानत नहीं दी? जवाबः 5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अरविंद और जस्टिस एनवी अंजारिया ने शरजील की जमानत याचिका पर फैसला सुनाया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले की 5 बड़ी बातें…