
कठुआ: जिला कठुआ में क्रशर इंडस्ट्री इन दिनों गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। करोड़ों रुपये का निवेश कर यूनिट स्थापित करने वाले कई क्रशर मालिकों का कहना है कि नियमों के तहत कार्य करने के बावजूद उन्हें प्रशासनिक दबाव झेलना पड़ रहा है, जबकि कथित रूप से बिना दस्तावेज संचालित इकाइयों पर कार्रवाई नहीं हो रही।
कुछ क्रशर संचालकों ने बताया कि जिन यूनिट्स के पास सभी आवश्यक दस्तावेज हैं और जो A-Form के माध्यम से वैध रूप से सामग्री की आपूर्ति कर रहे हैं, उनके कार्य में बार-बार बाधाएं आती हैं। वहीं, आरोप है कि बिना A-Form परिवहन और बकाया बिजली बिल वाले कुछ यूनिट्स के विरुद्ध सख्त कार्रवाई नहीं दिख रही।
उझ क्षेत्र के क्रशर मालिकों का कहना है कि वहां अधिकांश इकाइयों के पास वैध कागजात हैं, फिर भी कामकाज ठप पड़ा है। दूसरी ओर, कीरियां-गंडियाल क्षेत्र को लेकर यह मांग उठी है कि सभी वाहनों की एंट्री और एग्जिट लखनपुर से अनिवार्य की जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
उद्योग से जुड़े लोगों ने यह भी कहा कि पंजाब से आने वाली कुछ गाड़ियों की जांच प्रक्रिया को सख्त किया जाना चाहिए, जिससे सभी क्षेत्रों—रावी, उझ और कीरियां-गंडियाल—में समान नियम लागू हों।
क्रशर मालिकों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली बिल बकाया और दस्तावेज संबंधी मामलों की निष्पक्ष जांच कर समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि वैध रूप से कार्य कर रहे उद्योगों को राहत मिल सके।
मुख्य मांगें:
- सभी वाहनों के लिए अनिवार्य A-Form व्यवस्था
- लखनपुर से एंट्री-एग्जिट की सख्त निगरानी
- बकाया देनदारियों की पारदर्शी जांच
- सभी इकाइयों पर समान नियम और कार्रवाई
उद्योग जगत का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था से ही जिला कठुआ की क्रशर इंडस्ट्री को राहत मिल सकती है।