गुजरात के गांधीनगर में दूषित पानी के कारण टाइफाइड फैला है। सोमवार को यहां के सिविल अस्पताल में एक बच्ची की मौत हो गई है और दो अन्य गंभीर हैं। संदेह है कि मौत टाइफाइड से ही हुई है। उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। अस्पताल में 152 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 50 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल में बिस्तरों की कमी के कारण अतिरिक्त वार्ड खोलना पड़ा है। पीने के पानी में गंदगी मिलने से फैली इस बीमारी से पूरे इलाके में डर का माहौल है। स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। इस संबंध में सिविल अधीक्षक डॉ. पारिख ने बताया कि आज सुबह जिस लड़की की मौत हुई वह सेक्टर 28 (आदिवादा) इलाके की थी। चार दिन से भर्ती थी बच्ची
मृत बच्ची के पिता राजू कनोजिया ने बताया कि बेटी बीमार थी। पहले हमने उसका इलाज सेक्टर 29 में कराया। उसके बाद जब हमें वहां से रिपोर्ट मिली, तो पता चला कि उसे टाइफाइड बुखार था। फिर उन्होंने उसे सिविल अस्पताल ले जाने को कहा। इसलिए हमने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। उसे भर्ती हुए अभी चार दिन भी नहीं हुए थे कि उसकी मौत हो गई। हालांकि डॉक्टर ने इलाज शुरू कर दिया था। बच्चों के वार्ड में बिस्तरों की कमी
गांधीनगर सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से बच्चों के वार्ड में बिस्तरों की कमी हो गई। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तत्काल एक अतिरिक्त वार्ड बनाया है। जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम को गांधीनगर सिविल अस्पताल में बुलाया गया है। अब तक 20,800 से अधिक घरों में सर्वेक्षण पूरा
यह महामारी मुख्य रूप से गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26, 27 के साथ-साथ आदिवाड़ा और जीआईडीसी क्षेत्रों में दूषित पानी के कारण फैली है। निगम की टीमों ने अब तक 20,800 से अधिक घरों में सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। 90,000 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इसके अलावा 30,000 क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राजकोट में 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 367 सेंपल की जांच कर रही है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि इस गंभीर स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिला कलेक्टर से फोन पर बात की और विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिले और नगर निगम की विशेष टीमें तैनात की हैं। ये खबर भी पढ़ें:
इंदौर के बाद गांधीनगर में दूषित पानी, 104 बच्चे बीमार:अस्पताल में नए वार्ड खोलने पड़े; पाइप लाइन में लीकेज से पानी में सीवेज की गंदगी मिली इंदौर के बाद अब गुजरात की राजधानी गांधीनगर में गंदा पानी पीने से पिछले तीन दिनों 104 बच्चे 150 से ज्यादा लोग बीमार हो गए। इनमें से 50% बच्चों को टाइफाइड हुआ है। हालात इतने बिगड़े कि सिविल अस्पताल में बच्चों भर्ती करने के लिए नया वार्ड खोलना पड़ा। पढ़ें पूरी खबर…
गुजरात के गांधीनगर में दूषित पानी के कारण टाइफाइड फैला है। सोमवार को यहां के सिविल अस्पताल में एक बच्ची की मौत हो गई है और दो अन्य गंभीर हैं। संदेह है कि मौत टाइफाइड से ही हुई है। उसकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। अस्पताल में 152 मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 50 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। अस्पताल में बिस्तरों की कमी के कारण अतिरिक्त वार्ड खोलना पड़ा है। पीने के पानी में गंदगी मिलने से फैली इस बीमारी से पूरे इलाके में डर का माहौल है। स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। इस संबंध में सिविल अधीक्षक डॉ. पारिख ने बताया कि आज सुबह जिस लड़की की मौत हुई वह सेक्टर 28 (आदिवादा) इलाके की थी। चार दिन से भर्ती थी बच्ची
मृत बच्ची के पिता राजू कनोजिया ने बताया कि बेटी बीमार थी। पहले हमने उसका इलाज सेक्टर 29 में कराया। उसके बाद जब हमें वहां से रिपोर्ट मिली, तो पता चला कि उसे टाइफाइड बुखार था। फिर उन्होंने उसे सिविल अस्पताल ले जाने को कहा। इसलिए हमने उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। उसे भर्ती हुए अभी चार दिन भी नहीं हुए थे कि उसकी मौत हो गई। हालांकि डॉक्टर ने इलाज शुरू कर दिया था। बच्चों के वार्ड में बिस्तरों की कमी
गांधीनगर सिविल अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने से बच्चों के वार्ड में बिस्तरों की कमी हो गई। इस स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तत्काल एक अतिरिक्त वार्ड बनाया है। जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम को गांधीनगर सिविल अस्पताल में बुलाया गया है। अब तक 20,800 से अधिक घरों में सर्वेक्षण पूरा
यह महामारी मुख्य रूप से गांधीनगर के सेक्टर 24, 25, 26, 27 के साथ-साथ आदिवाड़ा और जीआईडीसी क्षेत्रों में दूषित पानी के कारण फैली है। निगम की टीमों ने अब तक 20,800 से अधिक घरों में सर्वेक्षण पूरा कर लिया है। 90,000 लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। इसके अलावा 30,000 क्लोरीन टैबलेट और 20,600 ओआरएस पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। राजकोट में 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम 367 सेंपल की जांच कर रही है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने बताया कि इस गंभीर स्थिति की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जिला कलेक्टर से फोन पर बात की और विस्तृत जानकारी प्राप्त की। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए जिले और नगर निगम की विशेष टीमें तैनात की हैं। ये खबर भी पढ़ें:
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