यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली दौरे पर हैं। उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। योगी ने मोदी को राम मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट किया। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात हुई। बैठक के दौरान योगी के पास एक फाइल दिखी। माना जा रहा है कि इसमें यूपी में SIR के आंकड़े थे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच SIR और प्रदेश सरकार के आगामी कामकाज को लेकर बात हुई। योगी ने पीएम को SIR के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंगलवार, 6 जनवरी को यूपी में SIR के आंकड़े जारी किए जाएंगे। पीएम मोदी के साथ संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा हुई। योगी ने पीएम को जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण समारोह और अगले महीने संभावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का न्योता भी दिया। सीएम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की। नितिन नबीन के साथ योगी की पहली मुलाकात थी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य पहले से ही दिल्ली में हैं। पाठक ने भी भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मुलाकात की। तीनों दिग्गजों का दिल्ली में जमावड़ा होने से सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दरअसल, योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार होना है। इसमें कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। वहीं, कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। इससे पहले योगी पिछले साल 25 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे थे। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी से मुलाकात की थी। सीएम ने पीएम को श्रीराम की प्रतिमा भेंट की थी। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने सियासी सरगर्मियां बढ़ाईं अब योगी और ब्रजेश पाठक की मुलाकातों के मायने समझिए
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रजेश पाठक यूपी में भाजपा का ब्राह्मण चेहरा है। संभवत: पाठक की मुलाकात में यूपी में ब्राह्मण विधायकों की बैठक और उसके बाद उपजे असंतोष पर भी बात हो सकती है। उधर, सीएम योगी की पीएम मोदी और नितिन नबीन से मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार पर बात जरूर हुई होगी। योगी के दिल्ली दौरे पर क्या-क्या हुआ, सीएम ने किस-किस से मुलाकात की? जानने के लिए स्क्रोल करिए…
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सोमवार को दिल्ली दौरे पर हैं। उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की। योगी ने मोदी को राम मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट किया। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक मुलाकात हुई। बैठक के दौरान योगी के पास एक फाइल दिखी। माना जा रहा है कि इसमें यूपी में SIR के आंकड़े थे। सूत्रों के मुताबिक, दोनों के बीच SIR और प्रदेश सरकार के आगामी कामकाज को लेकर बात हुई। योगी ने पीएम को SIR के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मंगलवार, 6 जनवरी को यूपी में SIR के आंकड़े जारी किए जाएंगे। पीएम मोदी के साथ संभावित मंत्रिमंडल विस्तार पर भी चर्चा हुई। योगी ने पीएम को जेवर एयरपोर्ट और गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण समारोह और अगले महीने संभावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का न्योता भी दिया। सीएम ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से भी मुलाकात की। नितिन नबीन के साथ योगी की पहली मुलाकात थी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य पहले से ही दिल्ली में हैं। पाठक ने भी भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन, राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह मुलाकात की। तीनों दिग्गजों का दिल्ली में जमावड़ा होने से सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। दरअसल, योगी सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार होना है। इसमें कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा। वहीं, कुछ मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। इससे पहले योगी पिछले साल 25 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचे थे। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और पीएम मोदी से मुलाकात की थी। सीएम ने पीएम को श्रीराम की प्रतिमा भेंट की थी। मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं ने सियासी सरगर्मियां बढ़ाईं अब योगी और ब्रजेश पाठक की मुलाकातों के मायने समझिए
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रजेश पाठक यूपी में भाजपा का ब्राह्मण चेहरा है। संभवत: पाठक की मुलाकात में यूपी में ब्राह्मण विधायकों की बैठक और उसके बाद उपजे असंतोष पर भी बात हो सकती है। उधर, सीएम योगी की पीएम मोदी और नितिन नबीन से मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार पर बात जरूर हुई होगी। योगी के दिल्ली दौरे पर क्या-क्या हुआ, सीएम ने किस-किस से मुलाकात की? जानने के लिए स्क्रोल करिए…