उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। इसकी वजह खुद को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर का वह वीडियो है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। उर्मिला सनावर ने जिस ऑडियो का हवाला देते हुए यह दावा किया कि उसमें उनकी और सुरेश राठौर की बातचीत है, उसी बातचीत के संदर्भ में भाजपा के पूर्व सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिया गया। वीडियो सामने आते ही प्रदेश में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। गंभीर आरोपों के बाद से सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर दोनों पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं। पुलिस की ओर से नोटिस जारी कर उन्हें बुलाया जा रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों सामने नहीं आए हैं। इसी बीच यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर सुरेश राठौर ने पूर्व सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम क्यों लिया। पहले जानिए राठौर और दुष्यंत के रिश्ते, यहीं से जुड़ती है कहानी…. सूत्रों के अनुसार सुरेश राठौर और दुष्यंत कुमार गौतम के बीच कभी करीबी संबंध रहे हैं। दोनों ने साथ मिलकर एक धार्मिक संस्था की स्थापना की थी। बाद में इन्हीं रिश्तों में आई दरार को मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि निजी नाराजगी और पुराने मतभेदों के चलते ही दुष्यंत कुमार गौतम पर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, यह सभी बातें दावे और प्रतिदावों के दायरे में हैं। क्या था गुरु रविदास विश्व महापीठ बनाने का उद्देश्य 2016 में दुष्यंत कुमार गौतम ने सुरेश राठौर को साथ लेकर हरिद्वार में ‘गुरु रविदास विश्व महापीठ’ की स्थापना की थी। संस्था का उद्देश्य समाज के बंटे हुए वर्गों को एकजुट करना, समाज के लिए कार्य करना और लोगों को जागरूक कर एक मंच पर लाना बताया गया। महापीठ के पंजीकरण के समय दुष्यंत कुमार गौतम और सुरेश राठौर के संबंध सामान्य थे। इसी कारण महापीठ के रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी दस्तावेज सुरेश राठौर के नाम पर लगाए गए थे। अब पढ़िए आखिर कैसे शुरू हुआ विवाद समय के साथ सुरेश राठौर के उर्मिला सनावर से रिश्तों और उनके कथित गलत आचरण को लेकर महापीठ से जुड़े पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ने लगी। इसी दौरान सुरेश राठौर द्वारा स्वयं को रविदास आचार्य घोषित करने के बाद विवाद और गहरा गया। हालांकि, रजिस्ट्रेशन में सुरेश राठौर के दस्तावेज लगे होने के कारण उनके खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद महापीठ से जुड़े पदाधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि समाज की एकजुटता बनाए रखने और कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक नई पीठ बनाई जाए। समाज का पक्ष- बहिष्कार और साजिश का आरोप धर्म प्रचारक संदीप खत्री का कहना है कि समाज ने करीब दो साल पहले ही सुरेश राठौर का बहिष्कार कर दिया था। उनके अनुसार, सुरेश राठौर के कथित गलत आचरण के कारण उनके साथ लगातार नए विवाद जुड़ते चले गए। संदीप खत्री के मुताबिक, सुरेश राठौर अपने स्वार्थ के चलते न तो पद छोड़ रहे थे और न ही इस्तीफा दे रहे थे। इसी कारण नई पीठ का गठन किया गया। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी सुरेश राठौर को निष्कासित कर दिया गया। उनका आरोप है कि अब उनकी पीठ से जुड़े दुष्यंत कुमार गौतम को बदनाम करने के लिए सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने साजिश रची है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास अपने दावों से जुड़े प्रमाण हैं, जिन्हें समय आने पर सामने रखा जाएगा। नई पीठ का गठन और आरोप शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा का कहना है कि सुरेश राठौर लगातार गलत आचरण कर रहे थे, जिसका समाज खुलकर विरोध कर रहा था। उनके अनुसार, पत्नी से जुड़े विवाद सामने आने के बाद समाज और पीठ दोनों की बदनामी होने लगी थी। पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि इन हालातों को देखते हुए नई पीठ का निर्माण किया गया, जिसका नाम ‘शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ’ रखा गया। इस नई पीठ से समाज के कई प्रतिष्ठित लोग जुड़े। उनका आरोप है कि इसके बाद से दुष्यंत कुमार गौतम को बदनाम करने की साजिश रची गई। ऑडियो की अभी तक नहीं हुई पुष्टि इस पूरे मामले में अहम बात यह है कि जिस ऑडियो के आधार पर विवाद खड़ा हुआ है, उसकी किसी भी जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। खुद सुरेश राठौर उस ऑडियो को AI जनरेटेड बता चुके हैं और इसे अपनी छवि खराब करने की कोशिश करार दे रहे हैं। ऐसे में फिलहाल यह मामला आरोपों, जवाबों और पुराने विवादों के बीच उलझा हुआ है। अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले से जुड़े इस नए घटनाक्रम पर अब पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है। ————–
ये खबर भी पढ़ें… पूर्व BJP विधायक बोले-आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही सनावर:फैक्ट्री बेच उसे ₹50 लाख दिए; उर्मिला ने सोशल मीडिया पर दिया चैलेंज हरिद्वार के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने गुरुवार दोपहर को प्रेस क्लब हरिद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उर्मिला सनावर द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया। राठौर ने दावा किया कि उर्मिला की बार-बार पैसों की मांग के चलते उन्हें अपनी फैक्ट्री तक बेचनी पड़ी और 50 लाख रुपए देने पड़े। उन्होंने कहा कि उर्मिला सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उनकी छवि को खराब कर रही हैं और यदि वह वास्तव में उनकी पत्नी हैं तो न्यायालय का सहारा लें। (पढ़ें पूरी खबर)
उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर ज्वलंत मुद्दा बना हुआ है। इसकी वजह खुद को भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित पत्नी बताने वाली उर्मिला सनावर का वह वीडियो है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। उर्मिला सनावर ने जिस ऑडियो का हवाला देते हुए यह दावा किया कि उसमें उनकी और सुरेश राठौर की बातचीत है, उसी बातचीत के संदर्भ में भाजपा के पूर्व सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिया गया। वीडियो सामने आते ही प्रदेश में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया और अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई। गंभीर आरोपों के बाद से सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर दोनों पुलिस के सामने पेश नहीं हुए हैं। पुलिस की ओर से नोटिस जारी कर उन्हें बुलाया जा रहा है, लेकिन फिलहाल दोनों सामने नहीं आए हैं। इसी बीच यह सवाल भी उठने लगे हैं कि आखिर सुरेश राठौर ने पूर्व सांसद दुष्यंत कुमार गौतम का नाम क्यों लिया। पहले जानिए राठौर और दुष्यंत के रिश्ते, यहीं से जुड़ती है कहानी…. सूत्रों के अनुसार सुरेश राठौर और दुष्यंत कुमार गौतम के बीच कभी करीबी संबंध रहे हैं। दोनों ने साथ मिलकर एक धार्मिक संस्था की स्थापना की थी। बाद में इन्हीं रिश्तों में आई दरार को मौजूदा विवाद की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का मानना है कि निजी नाराजगी और पुराने मतभेदों के चलते ही दुष्यंत कुमार गौतम पर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, यह सभी बातें दावे और प्रतिदावों के दायरे में हैं। क्या था गुरु रविदास विश्व महापीठ बनाने का उद्देश्य 2016 में दुष्यंत कुमार गौतम ने सुरेश राठौर को साथ लेकर हरिद्वार में ‘गुरु रविदास विश्व महापीठ’ की स्थापना की थी। संस्था का उद्देश्य समाज के बंटे हुए वर्गों को एकजुट करना, समाज के लिए कार्य करना और लोगों को जागरूक कर एक मंच पर लाना बताया गया। महापीठ के पंजीकरण के समय दुष्यंत कुमार गौतम और सुरेश राठौर के संबंध सामान्य थे। इसी कारण महापीठ के रजिस्ट्रेशन से जुड़े सभी दस्तावेज सुरेश राठौर के नाम पर लगाए गए थे। अब पढ़िए आखिर कैसे शुरू हुआ विवाद समय के साथ सुरेश राठौर के उर्मिला सनावर से रिश्तों और उनके कथित गलत आचरण को लेकर महापीठ से जुड़े पदाधिकारियों में नाराजगी बढ़ने लगी। इसी दौरान सुरेश राठौर द्वारा स्वयं को रविदास आचार्य घोषित करने के बाद विवाद और गहरा गया। हालांकि, रजिस्ट्रेशन में सुरेश राठौर के दस्तावेज लगे होने के कारण उनके खिलाफ तत्काल कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। इसके बाद महापीठ से जुड़े पदाधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि समाज की एकजुटता बनाए रखने और कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक नई पीठ बनाई जाए। समाज का पक्ष- बहिष्कार और साजिश का आरोप धर्म प्रचारक संदीप खत्री का कहना है कि समाज ने करीब दो साल पहले ही सुरेश राठौर का बहिष्कार कर दिया था। उनके अनुसार, सुरेश राठौर के कथित गलत आचरण के कारण उनके साथ लगातार नए विवाद जुड़ते चले गए। संदीप खत्री के मुताबिक, सुरेश राठौर अपने स्वार्थ के चलते न तो पद छोड़ रहे थे और न ही इस्तीफा दे रहे थे। इसी कारण नई पीठ का गठन किया गया। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी की ओर से भी सुरेश राठौर को निष्कासित कर दिया गया। उनका आरोप है कि अब उनकी पीठ से जुड़े दुष्यंत कुमार गौतम को बदनाम करने के लिए सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर ने साजिश रची है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास अपने दावों से जुड़े प्रमाण हैं, जिन्हें समय आने पर सामने रखा जाएगा। नई पीठ का गठन और आरोप शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ के महामंत्री पुरुषोत्तम शर्मा का कहना है कि सुरेश राठौर लगातार गलत आचरण कर रहे थे, जिसका समाज खुलकर विरोध कर रहा था। उनके अनुसार, पत्नी से जुड़े विवाद सामने आने के बाद समाज और पीठ दोनों की बदनामी होने लगी थी। पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि इन हालातों को देखते हुए नई पीठ का निर्माण किया गया, जिसका नाम ‘शिरोमणि गुरु रविदास विश्व महापीठ’ रखा गया। इस नई पीठ से समाज के कई प्रतिष्ठित लोग जुड़े। उनका आरोप है कि इसके बाद से दुष्यंत कुमार गौतम को बदनाम करने की साजिश रची गई। ऑडियो की अभी तक नहीं हुई पुष्टि इस पूरे मामले में अहम बात यह है कि जिस ऑडियो के आधार पर विवाद खड़ा हुआ है, उसकी किसी भी जांच एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। खुद सुरेश राठौर उस ऑडियो को AI जनरेटेड बता चुके हैं और इसे अपनी छवि खराब करने की कोशिश करार दे रहे हैं। ऐसे में फिलहाल यह मामला आरोपों, जवाबों और पुराने विवादों के बीच उलझा हुआ है। अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले से जुड़े इस नए घटनाक्रम पर अब पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सबकी नजर टिकी है। ————–
ये खबर भी पढ़ें… पूर्व BJP विधायक बोले-आत्महत्या के लिए मजबूर कर रही सनावर:फैक्ट्री बेच उसे ₹50 लाख दिए; उर्मिला ने सोशल मीडिया पर दिया चैलेंज हरिद्वार के पूर्व विधायक सुरेश राठौर ने गुरुवार दोपहर को प्रेस क्लब हरिद्वार में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उर्मिला सनावर द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया। राठौर ने दावा किया कि उर्मिला की बार-बार पैसों की मांग के चलते उन्हें अपनी फैक्ट्री तक बेचनी पड़ी और 50 लाख रुपए देने पड़े। उन्होंने कहा कि उर्मिला सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उनकी छवि को खराब कर रही हैं और यदि वह वास्तव में उनकी पत्नी हैं तो न्यायालय का सहारा लें। (पढ़ें पूरी खबर)