कुत्ते गिनने के आदेश को लेकर गलत जानकारी फैलाने को लेकर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की। यह कार्रवाई शिक्षा निदेशालय (डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन) की शिकायत पर की गई । शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि उसके सर्कुलर में कहीं भी आवारा कुत्तों की गिनती का उल्लेख नहीं है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर झूठ फैलाया। सरकार ने झूठे प्रचार के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। इसी के तहत शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शिकायत दर्ज कराई। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूद ने कहा कि केजरीवाल ने पहले सोशल मीडिया पर मैसेज पोस्ट किया था। इसमें दावा किया गया था कि दिल्ली के शिक्षकों से बच्चों को पढ़ाने के बजाय आवारा कुत्तों की गिनती करवाई जा रही है।
इसी पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिक्षा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश सिविल लाइंस थाने में दी गई शिकायत में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अज्ञात शरारती तत्व झूठी, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण जानकारी फैला रहे हैं कि स्कूल शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती कराई जा रही है। शिकायत में कहा गया कि जानबूझकर झूठी खबरें फैलाने का उद्देश्य शिक्षकों और स्कूल स्टाफ में भ्रम और घबराहट पैदा करना, शिक्षा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाना तथा सरकारी संस्थानों में जनता के भरोसे और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करना है। शिकायत में कहा गया कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग खुद को शिक्षक बताकर आवारा कुत्तों की गिनती करते हुए दिखा रहे हैं। इनकी तुरंत जांच की जानी चाहिए और उचित कानूनी व आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार ने झूठी जानकारी फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स की एक सूची भी शेयर की है। विक्टिम कार्ड भी दिखाया इससे पहले सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AAP के चुनाव चिह्न वाला एक छोटा कार्ड दिखाया, जिस पर विक्टिम कार्ड लिखा था। उन्होंने कहा कि यह AAP की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा,आम आदमी पार्टी सोशल मीडिया पर अपनी ‘शूट एंड स्कूट’ राजनीति जारी रखने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन हम अपनी ओर से हर कानूनी कार्रवाई करेंगे। शिक्षा विभाग के सर्कुलर को पढ़ते हुए सूद ने कहा कि इसमें शिक्षकों को कोई जिम्मेदारी सौंपे जाने का उल्लेख नहीं है। इसमें आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में स्कूल शिक्षकों को कोई भूमिका नहीं दी गई है। ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली के शिक्षकों को कुत्ते गिनने का आदेश नहीं मिला:शिक्षा निदेशालय ने कहा- ऐसा सर्कुलर या नीति कभी जारी नहीं हुई, ये अफवाह है
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर चल रही उस खबर को पूरी तरह झूठा बताया है जिसमें कहा गया था कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा कि ये अफवाह है। पढ़ें पूरी खबर… सुप्रीम कोर्ट का आदेश- स्कूल, अस्पताल से आवारा कुत्ते हटाएं:जहां से पकड़ें, नसबंदी के बाद वहीं न छोड़ें; हाईवे से आवारा जानवर भी हटाएं सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड से दूर रखने के 7 नवंबर को आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों में बाड़ लगाई जाए, ताकि कुत्ते वहां न पहुंच सकें। कोर्ट ने कहा कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें उठाया गया था। उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
कुत्ते गिनने के आदेश को लेकर गलत जानकारी फैलाने को लेकर शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की। यह कार्रवाई शिक्षा निदेशालय (डायरेक्टोरेट ऑफ एजुकेशन) की शिकायत पर की गई । शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट किया कि उसके सर्कुलर में कहीं भी आवारा कुत्तों की गिनती का उल्लेख नहीं है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे पर झूठ फैलाया। सरकार ने झूठे प्रचार के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया है। इसी के तहत शिक्षा निदेशालय (DoE) ने शिकायत दर्ज कराई। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूद ने कहा कि केजरीवाल ने पहले सोशल मीडिया पर मैसेज पोस्ट किया था। इसमें दावा किया गया था कि दिल्ली के शिक्षकों से बच्चों को पढ़ाने के बजाय आवारा कुत्तों की गिनती करवाई जा रही है।
इसी पोस्ट को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिक्षा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश सिविल लाइंस थाने में दी गई शिकायत में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अज्ञात शरारती तत्व झूठी, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण जानकारी फैला रहे हैं कि स्कूल शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती कराई जा रही है। शिकायत में कहा गया कि जानबूझकर झूठी खबरें फैलाने का उद्देश्य शिक्षकों और स्कूल स्टाफ में भ्रम और घबराहट पैदा करना, शिक्षा विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाना तथा सरकारी संस्थानों में जनता के भरोसे और सार्वजनिक व्यवस्था को बाधित करना है। शिकायत में कहा गया कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग खुद को शिक्षक बताकर आवारा कुत्तों की गिनती करते हुए दिखा रहे हैं। इनकी तुरंत जांच की जानी चाहिए और उचित कानूनी व आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। सरकार ने झूठी जानकारी फैलाने वाले सोशल मीडिया हैंडल्स की एक सूची भी शेयर की है। विक्टिम कार्ड भी दिखाया इससे पहले सूद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान AAP के चुनाव चिह्न वाला एक छोटा कार्ड दिखाया, जिस पर विक्टिम कार्ड लिखा था। उन्होंने कहा कि यह AAP की राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा,आम आदमी पार्टी सोशल मीडिया पर अपनी ‘शूट एंड स्कूट’ राजनीति जारी रखने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन हम अपनी ओर से हर कानूनी कार्रवाई करेंगे। शिक्षा विभाग के सर्कुलर को पढ़ते हुए सूद ने कहा कि इसमें शिक्षकों को कोई जिम्मेदारी सौंपे जाने का उल्लेख नहीं है। इसमें आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में स्कूल शिक्षकों को कोई भूमिका नहीं दी गई है। ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली के शिक्षकों को कुत्ते गिनने का आदेश नहीं मिला:शिक्षा निदेशालय ने कहा- ऐसा सर्कुलर या नीति कभी जारी नहीं हुई, ये अफवाह है
दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर चल रही उस खबर को पूरी तरह झूठा बताया है जिसमें कहा गया था कि सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने कहा कि ये अफवाह है। पढ़ें पूरी खबर… सुप्रीम कोर्ट का आदेश- स्कूल, अस्पताल से आवारा कुत्ते हटाएं:जहां से पकड़ें, नसबंदी के बाद वहीं न छोड़ें; हाईवे से आवारा जानवर भी हटाएं सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और बस स्टैंड से दूर रखने के 7 नवंबर को आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा था कि स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों में बाड़ लगाई जाए, ताकि कुत्ते वहां न पहुंच सकें। कोर्ट ने कहा कि पकड़े गए आवारा कुत्तों को उसी जगह पर वापस नहीं छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें उठाया गया था। उन्हें शेल्टर होम में रखा जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…