छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ के आरोपियों को जमानत मिल गई है। नए साल के पहले दिन 1 जनवरी की रात बजरंग दल के 6 कार्यकर्ता सेंट्रल जेल से बाहर निकले। संगठन के लोगों और परिजनों ने उनकी आरती उतारी। ढोल नगाड़ों और माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। 24 दिसंबर को धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मॉल में तोड़फोड़ की थी। जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग समेत 7 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इसके विरोध में 27 दिसंबर को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। पहले देखिए ये तस्वीरें- बजरंग दल बोला- अपने कार्यकर्ताओं पर गर्व जेल से बाहर निकलने पर बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं ने इन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। फिर परिवार के लोगों ने इन कार्यकर्ताओं की आरती उतारी। इस दौरान बजरंग दल के कई पदाधिकारी भी स्वागत के लिए पहुंचे थे। इसे लेकर बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा है कि संगठन को अपने इन कार्यकर्ताओं पर गर्व है। जो धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए जेल गए थे। 27 दिसंबर को बजरंग दल के थाने के बाहर प्रदर्शन से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… गिरफ्तारी के विरोध में 10 घंटे हुआ था प्रदर्शन बजरंग दल ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में 27 दिसंबर को बड़ा प्रदर्शन किया था। जिसमें करीब 10 घंटे तक तेलीबांधा थाने के सामने सैकड़ों बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया था। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने के सामने सड़क पर हवन पूजन का कार्यक्रम किया था। देर रात पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं की सांकेतिक गिरफ्तारी की थी। अब जानिए 24 दिसंबर को मैग्नेटो मॉल में हुआ विवाद दरअसल, क्रिसमस से एक दिन पहले 24 दिसंबर को कांकेर हिंसा और धर्मांतरण के मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने छत्तीसगढ़ बंद बुलाया था। इस दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई। आरोप है कि बजरंग दल के 30-40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसे। मॉल कर्मचारियों से धर्म और जाति पूछकर सामानों में तोड़फोड़ की गई। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल पूरी तरह बंद था। उन्होंने बंद का समर्थन भी किया था। इसके बावजूद 50 से 100 लोग जबरदस्ती मॉल में घुस आए। उनके हाथों में लाठी, हॉकी स्टिक थे। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड ने बताया कि वे कर्मचारियों और मौजूद लोगों से पूछ रहे थे ‘आप हिंदू हो या क्रिश्चियन?’, आपकी जाति क्या है?’ यहां तक कि आईडी कार्ड और बैच देखकर सवाल किए जा रहे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले लाखों का नुकसान मार्केटिंग हेड के मुताबिक, वो लोग अग्रेसिव थे, डर था कहीं किसी को मार ना दे। यहां मौजूद कई स्टाफ रोने भी लगे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले काफी चीजें डैमेज हो गई थीं। सब से कास्ट पूछ रहे थे। लग रहा था कि मार ही देंगे। इस तोड़फोड़ में मॉल को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान से ज्यादा डर का माहौल बना। ऐसा लग रहा था कि हालात और बिगड़ सकते हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कई चीजें तोड़ी जा चुकी थीं। CCTV में कैद हुई घटना, 40 लोगों पर केस दर्ज मैग्नेटो मॉल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग हाथ में डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसते हैं और हंगामा करते हैं। तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 30 से 40 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। ब्लिंकिट के ऑफिस में घुसकर भी की गुंडागर्दी इससे पहले बंद के दौरान रायपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ब्लिंकिट के ऑफिस में घुसकर कर्मचारियों को लाठी से पीटा था। एक कार्यकर्ता कर्मचारी को मारते हुए CCTV कैमरे में कैद हो गया। अंबुजा मॉल खाली कराया गया था मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ की घटना के बाद विधानसभा रोड स्थित अंबुजा मॉल खाली कराया गया था। पुलिस की मौजूदगी में लोगों को बाहर निकाला गया। शाम के समय आने वाले लोगों को वापस लौटा दिया गया। किसी भी तरह की स्थिति से पहले ही मॉल के बाहर डंडे लेकर सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए थे। …………………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ बंद…रायपुर में मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़: बजरंग दल कार्यकर्ता ने ब्लिंकिट-कर्मी को पीटा, कांकेर में महिला का घर तोड़ा, लाठी-डंडे लेकर निकले हिंदू संगठन कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन के विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने आज छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। प्रदेशभर में बंद का असर दिखा। रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर में स्कूल, दुकानें और कई कॉमर्शियल प्रतिष्ठान सुबह से बंद हैं। वहीं MCB जिले में बंद बेअसर रहा। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ के आरोपियों को जमानत मिल गई है। नए साल के पहले दिन 1 जनवरी की रात बजरंग दल के 6 कार्यकर्ता सेंट्रल जेल से बाहर निकले। संगठन के लोगों और परिजनों ने उनकी आरती उतारी। ढोल नगाड़ों और माला पहनाकर उनका स्वागत किया गया। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है। 24 दिसंबर को धर्मांतरण के विरोध में छत्तीसगढ़ बंद के दौरान बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मॉल में तोड़फोड़ की थी। जिसके बाद पुलिस ने नाबालिग समेत 7 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। इसके विरोध में 27 दिसंबर को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चक्काजाम कर प्रदर्शन किया था। पहले देखिए ये तस्वीरें- बजरंग दल बोला- अपने कार्यकर्ताओं पर गर्व जेल से बाहर निकलने पर बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं ने इन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। फिर परिवार के लोगों ने इन कार्यकर्ताओं की आरती उतारी। इस दौरान बजरंग दल के कई पदाधिकारी भी स्वागत के लिए पहुंचे थे। इसे लेकर बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने कहा है कि संगठन को अपने इन कार्यकर्ताओं पर गर्व है। जो धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए जेल गए थे। 27 दिसंबर को बजरंग दल के थाने के बाहर प्रदर्शन से जुड़ी ये तस्वीरें देखिए… गिरफ्तारी के विरोध में 10 घंटे हुआ था प्रदर्शन बजरंग दल ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के विरोध में 27 दिसंबर को बड़ा प्रदर्शन किया था। जिसमें करीब 10 घंटे तक तेलीबांधा थाने के सामने सैकड़ों बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने धरना दिया था। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस थाने के सामने सड़क पर हवन पूजन का कार्यक्रम किया था। देर रात पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं की सांकेतिक गिरफ्तारी की थी। अब जानिए 24 दिसंबर को मैग्नेटो मॉल में हुआ विवाद दरअसल, क्रिसमस से एक दिन पहले 24 दिसंबर को कांकेर हिंसा और धर्मांतरण के मामले को लेकर हिंदू संगठनों ने छत्तीसगढ़ बंद बुलाया था। इस दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ हुई। आरोप है कि बजरंग दल के 30-40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसे। मॉल कर्मचारियों से धर्म और जाति पूछकर सामानों में तोड़फोड़ की गई। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल पूरी तरह बंद था। उन्होंने बंद का समर्थन भी किया था। इसके बावजूद 50 से 100 लोग जबरदस्ती मॉल में घुस आए। उनके हाथों में लाठी, हॉकी स्टिक थे। मैग्नेटो मॉल की मार्केटिंग हेड ने बताया कि वे कर्मचारियों और मौजूद लोगों से पूछ रहे थे ‘आप हिंदू हो या क्रिश्चियन?’, आपकी जाति क्या है?’ यहां तक कि आईडी कार्ड और बैच देखकर सवाल किए जा रहे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले लाखों का नुकसान मार्केटिंग हेड के मुताबिक, वो लोग अग्रेसिव थे, डर था कहीं किसी को मार ना दे। यहां मौजूद कई स्टाफ रोने भी लगे थे। पुलिस के पहुंचने से पहले काफी चीजें डैमेज हो गई थीं। सब से कास्ट पूछ रहे थे। लग रहा था कि मार ही देंगे। इस तोड़फोड़ में मॉल को करीब 15 से 20 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि नुकसान से ज्यादा डर का माहौल बना। ऐसा लग रहा था कि हालात और बिगड़ सकते हैं। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक कई चीजें तोड़ी जा चुकी थीं। CCTV में कैद हुई घटना, 40 लोगों पर केस दर्ज मैग्नेटो मॉल के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कुछ लोग हाथ में डंडे लेकर मॉल के अंदर घुसते हैं और हंगामा करते हैं। तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने 30 से 40 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 190, 191(2), 324(2) और 331(3) के तहत केस दर्ज किया गया था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आगे सख्त कार्रवाई की जाएगी। ब्लिंकिट के ऑफिस में घुसकर भी की गुंडागर्दी इससे पहले बंद के दौरान रायपुर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने ब्लिंकिट के ऑफिस में घुसकर कर्मचारियों को लाठी से पीटा था। एक कार्यकर्ता कर्मचारी को मारते हुए CCTV कैमरे में कैद हो गया। अंबुजा मॉल खाली कराया गया था मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़ की घटना के बाद विधानसभा रोड स्थित अंबुजा मॉल खाली कराया गया था। पुलिस की मौजूदगी में लोगों को बाहर निकाला गया। शाम के समय आने वाले लोगों को वापस लौटा दिया गया। किसी भी तरह की स्थिति से पहले ही मॉल के बाहर डंडे लेकर सिक्योरिटी गार्ड तैनात किए गए थे। …………………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… छत्तीसगढ़ बंद…रायपुर में मैग्नेटो मॉल में तोड़फोड़: बजरंग दल कार्यकर्ता ने ब्लिंकिट-कर्मी को पीटा, कांकेर में महिला का घर तोड़ा, लाठी-डंडे लेकर निकले हिंदू संगठन कांकेर जिले के आमाबेड़ा में हुई हिंसा और कथित धर्म परिवर्तन के विरोध में कई सामाजिक संगठनों ने आज छत्तीसगढ़ बंद का आह्वान किया है। प्रदेशभर में बंद का असर दिखा। रायपुर, दुर्ग और जगदलपुर में स्कूल, दुकानें और कई कॉमर्शियल प्रतिष्ठान सुबह से बंद हैं। वहीं MCB जिले में बंद बेअसर रहा। पढ़ें पूरी खबर…