अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना और आरती की। फिर राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। आरती के बाद रक्षामंत्री ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया। शंख-मंजीरों की गूंज और ‘सीता राम, सीता राम’ के भजन के बीच राजनाथ सिंह माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। परकोटा के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराई। पूरी रामनगरी भक्ति भाव में डूबी नजर आई। माहौल दो साल पहले प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन जैसा महसूस हुआ। इस बीच दोनों नेता अंगद टीला पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। योगी ने कहा- अयोध्या, जिसके नाम को सुनकर लगता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ। लेकिन, कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए अयोध्या को भी संघर्ष और उपद्रव का अड्डा बना दिया था। पिछली सरकार ने अयोध्या को लहूलुहान करने का काम किया था। लेकिन, प्रभु की कृपा और बजरंगबली खुद जिसकी रक्षा कर रहे हो, वहां कोई क्या बिगाड़ पाएगा। 2005 में आतंकियों ने अयोध्या में घुसने का दुस्साहस किया था। लेकिन, PAC के जवानों ने ठक-ठक-ठक कर उन्हें मार गिराया था। दरअसल, 5 जुलाई, 2005 की सुबह अयोध्या पर 5 आतंकियों ने हमला कर दिया था। लेकिन, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने सभी आतंकियों को मार गिराया था। वहीं, राजनाथ सिंह ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने भगवान राम की मर्यादा का पालन किया। जैसे राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था। हमारा भी वही लक्ष्य था कि हम आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखा कर आएंगे। हमने बस वही किया। कुछ तस्वीरें देख लीजिए… जानिए राजनाथ और योगी ने क्या-क्या किया योगी के संबोधन की 2 बड़ी बातें राजनाथ के संबोधन की 2 बड़ी बातें परकोटे के मंदिरों के बारे में जानिए… रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…
अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ मनाई गई। इस मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी ने सबसे पहले हनुमानगढ़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना और आरती की। फिर राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए। आरती के बाद रक्षामंत्री ने प्रभु श्रीराम को दंडवत प्रणाम किया। शंख-मंजीरों की गूंज और ‘सीता राम, सीता राम’ के भजन के बीच राजनाथ सिंह माता अन्नपूर्णा मंदिर पहुंचे। परकोटा के मंदिरों में पहली बार धर्म ध्वजा फहराई। पूरी रामनगरी भक्ति भाव में डूबी नजर आई। माहौल दो साल पहले प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन जैसा महसूस हुआ। इस बीच दोनों नेता अंगद टीला पहुंचे और जनसभा को संबोधित किया। योगी ने कहा- अयोध्या, जिसके नाम को सुनकर लगता है कि यहां कभी युद्ध नहीं हुआ। लेकिन, कुछ लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए अयोध्या को भी संघर्ष और उपद्रव का अड्डा बना दिया था। पिछली सरकार ने अयोध्या को लहूलुहान करने का काम किया था। लेकिन, प्रभु की कृपा और बजरंगबली खुद जिसकी रक्षा कर रहे हो, वहां कोई क्या बिगाड़ पाएगा। 2005 में आतंकियों ने अयोध्या में घुसने का दुस्साहस किया था। लेकिन, PAC के जवानों ने ठक-ठक-ठक कर उन्हें मार गिराया था। दरअसल, 5 जुलाई, 2005 की सुबह अयोध्या पर 5 आतंकियों ने हमला कर दिया था। लेकिन, वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने सभी आतंकियों को मार गिराया था। वहीं, राजनाथ सिंह ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने भगवान राम की मर्यादा का पालन किया। जैसे राम का लक्ष्य रावण का संहार नहीं, बल्कि अधर्म का अंत था। हमारा भी वही लक्ष्य था कि हम आतंकियों और उनके आकाओं को सबक सिखा कर आएंगे। हमने बस वही किया। कुछ तस्वीरें देख लीजिए… जानिए राजनाथ और योगी ने क्या-क्या किया योगी के संबोधन की 2 बड़ी बातें राजनाथ के संबोधन की 2 बड़ी बातें परकोटे के मंदिरों के बारे में जानिए… रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…