उत्तराखंड में गुरुवार को 321 पदों के लिए त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है, परिणाम शनिवार को आने हैं। लेकिन पिथौरागढ़ जिले की खेतार कन्याल ग्राम पंचायत में रिजल्ट के बाद भी कोई प्रधान नहीं बनेगा। दरअसल, इस ग्राम पंचायत में प्रधान की सीट अनुसूचित जनजाति (ST) महिला के लिए आरक्षित थी और शर्त थी कि महिला कम से कम आठवीं पास हो। लेकिन, पूरे गांव में कोई भी वनराजी (राजी जनजाति) महिला 8वीं पास नहीं मिली जिससे उपचुनाव में भी नामांकन नहीं हो सका। इस संबंध में पिथौरागढ़ के पंचस्थानिक अधिकारी भुवन उप्रेती कहते हैं कि उच्च अधिकारियों को इस समस्या के संबंध में बता दिया गया है जो भी आगे से निर्देश मिलेंगे उसी के आधार पर आगे का फैसला होगा। सिर्फ एक पुरुष ने किया है इंटर पास
खेतार कन्याल पिथौरागढ़ के डीडीहाट ब्लॉक में आता है। 2011 में आखिरी बार हुई जनगणना की मानें तो इसकी कुल आबादी 920 है। वहीं गांव में 162 वनराजी हैं, लेकिन इस जनजाति की कोई भी महिला यहां पर 8वीं पास नहीं है, शिक्षा की दयनीय स्थिति सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, इस गांव में सिर्फ एक ही वनराजी पुरुष है जिसने इंटर तक की पढ़ाई की है। पंचायत राज विभाग के अनुसार इस ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के चुनाव के लिए आरक्षण में बदलाव ही एकमात्र विकल्प है। आरक्षण में बदलाव करने पर अन्य सीटों का आरक्षण भी प्रभावित होगा। ऐसे में इस ग्राम पंचायत को अगले पांच वर्ष तक ग्राम प्रधान विहीन ही रहना पड़ सकता है। 2 प्वॉइंट्स में जानिए कौन हैं वनराजी 5 जनजातियों में से सबसे कम बचे वनराजी…
राज्य में कुल 5 नोटिफाइड जनजातियां हैं, जिसमें, राजी के साथ भोटिया, बुक्सा, जौनसारी और थारू शामिल हैं। 2011 में हुई जनगणना के अनुसार थारू सबसे बड़ी जनजाति है, जबकि पूरी प्रदेश में वनराजी सिर्फ 690 लोग हैं।
उत्तराखंड में गुरुवार को 321 पदों के लिए त्रिस्तरीय पंचायत उपचुनाव के लिए वोटिंग हो चुकी है, परिणाम शनिवार को आने हैं। लेकिन पिथौरागढ़ जिले की खेतार कन्याल ग्राम पंचायत में रिजल्ट के बाद भी कोई प्रधान नहीं बनेगा। दरअसल, इस ग्राम पंचायत में प्रधान की सीट अनुसूचित जनजाति (ST) महिला के लिए आरक्षित थी और शर्त थी कि महिला कम से कम आठवीं पास हो। लेकिन, पूरे गांव में कोई भी वनराजी (राजी जनजाति) महिला 8वीं पास नहीं मिली जिससे उपचुनाव में भी नामांकन नहीं हो सका। इस संबंध में पिथौरागढ़ के पंचस्थानिक अधिकारी भुवन उप्रेती कहते हैं कि उच्च अधिकारियों को इस समस्या के संबंध में बता दिया गया है जो भी आगे से निर्देश मिलेंगे उसी के आधार पर आगे का फैसला होगा। सिर्फ एक पुरुष ने किया है इंटर पास
खेतार कन्याल पिथौरागढ़ के डीडीहाट ब्लॉक में आता है। 2011 में आखिरी बार हुई जनगणना की मानें तो इसकी कुल आबादी 920 है। वहीं गांव में 162 वनराजी हैं, लेकिन इस जनजाति की कोई भी महिला यहां पर 8वीं पास नहीं है, शिक्षा की दयनीय स्थिति सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, इस गांव में सिर्फ एक ही वनराजी पुरुष है जिसने इंटर तक की पढ़ाई की है। पंचायत राज विभाग के अनुसार इस ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान के चुनाव के लिए आरक्षण में बदलाव ही एकमात्र विकल्प है। आरक्षण में बदलाव करने पर अन्य सीटों का आरक्षण भी प्रभावित होगा। ऐसे में इस ग्राम पंचायत को अगले पांच वर्ष तक ग्राम प्रधान विहीन ही रहना पड़ सकता है। 2 प्वॉइंट्स में जानिए कौन हैं वनराजी 5 जनजातियों में से सबसे कम बचे वनराजी…
राज्य में कुल 5 नोटिफाइड जनजातियां हैं, जिसमें, राजी के साथ भोटिया, बुक्सा, जौनसारी और थारू शामिल हैं। 2011 में हुई जनगणना के अनुसार थारू सबसे बड़ी जनजाति है, जबकि पूरी प्रदेश में वनराजी सिर्फ 690 लोग हैं।