अयोध्या में 42 किमी लंबी 14 कोसी परिक्रमा चल रही है। प्रशासन के मुताबिक, गुरुवार तड़के से करीब 10 लाख श्रद्धालु सरयू स्नान करने के बाद परिक्रमा कर रहे हैं। यहां जोरदार बारिश हो रही है। रास्ते में कहीं जलभराव है तो कहीं कीचड़ हो गया है। इसके बावजूद श्रद्धालु रुक नहीं रहे। पॉलीथिन, बोरी और तिरपाल ओढ़कर “जय श्रीराम” के जयकारों के बीच नंगे पांव आगे बढ़ रहे हैं। बीच-बीच में रास्ते की रज (मिट्टी) को माथे पर लगाकर हाथ जोड़कर आशीर्वाद ले रहे हैं। मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड समेत 10 राज्यों से लोग परिक्रमा करने पहुंचे हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। डॉग स्क्वायड टीम ने मार्ग की चेकिंग की। राम मंदिर, कनक भवन और हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी है। दरअसल, कार्तिक महीने में सनातन सनातन धर्म को मानने वाले लोग 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा करते हैं। 14 कोसी परिक्रमा के ठीक 24 घंटे बाद पंचकोसी परिक्रमा शुरू होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार 14 कोसी परिक्रमा अक्षय नवमी के दिन यानी 30 अक्टूबर तड़के 4:51 बजे शुरू हुई। यह 31 अक्टूबर तड़के 4:40 बजे तक चलेगी। वहीं पंचकोसी परिक्रमा देव उठनी एकादशी तिथि पर 1 नवंबर तड़के 4 बजे से शुरू होगी, जो 2 नवंबर रात 2:57 बजे तक चलेगी। मान्यता है कि परिक्रमा का हर एक कदम जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति दिलाता है। तस्वीरें देखिए…. परिक्रमा से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…
अयोध्या में 42 किमी लंबी 14 कोसी परिक्रमा चल रही है। प्रशासन के मुताबिक, गुरुवार तड़के से करीब 10 लाख श्रद्धालु सरयू स्नान करने के बाद परिक्रमा कर रहे हैं। यहां जोरदार बारिश हो रही है। रास्ते में कहीं जलभराव है तो कहीं कीचड़ हो गया है। इसके बावजूद श्रद्धालु रुक नहीं रहे। पॉलीथिन, बोरी और तिरपाल ओढ़कर “जय श्रीराम” के जयकारों के बीच नंगे पांव आगे बढ़ रहे हैं। बीच-बीच में रास्ते की रज (मिट्टी) को माथे पर लगाकर हाथ जोड़कर आशीर्वाद ले रहे हैं। मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड समेत 10 राज्यों से लोग परिक्रमा करने पहुंचे हैं। पुलिस और खुफिया एजेंसियां अलर्ट हैं। ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। डॉग स्क्वायड टीम ने मार्ग की चेकिंग की। राम मंदिर, कनक भवन और हनुमानगढ़ी में दर्शन के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ लगी है। दरअसल, कार्तिक महीने में सनातन सनातन धर्म को मानने वाले लोग 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा करते हैं। 14 कोसी परिक्रमा के ठीक 24 घंटे बाद पंचकोसी परिक्रमा शुरू होती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार 14 कोसी परिक्रमा अक्षय नवमी के दिन यानी 30 अक्टूबर तड़के 4:51 बजे शुरू हुई। यह 31 अक्टूबर तड़के 4:40 बजे तक चलेगी। वहीं पंचकोसी परिक्रमा देव उठनी एकादशी तिथि पर 1 नवंबर तड़के 4 बजे से शुरू होगी, जो 2 नवंबर रात 2:57 बजे तक चलेगी। मान्यता है कि परिक्रमा का हर एक कदम जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति दिलाता है। तस्वीरें देखिए…. परिक्रमा से जुड़ी अपडेट्स के लिए नीचे एक-एक ब्लॉग से गुजर जाइए…