हरियाणा में दो महीने पहले प्रमोट हुए 15 अफसरों की सिनियोरिटी बदल गई है। इसकी वजह तीन हरियाणा सिविल सर्विस ऑफिसर (HCS) का आईएएस प्रमोट होना। हाल ही में राज्य के तीन और एचसीएस को IAS के पद पर प्रमोशन मिला है। इन्हें बैच भी अलॉट कर दिया गया है। बैच अलॉट होने से दो माह पहले प्रमोट होकर आईएएस बने 15 अधिकारियों की सीनियारिटी भी बदल गई है। अब प्रमोशन होने वाले एचसीएस में रिटायर हो चुके 2003 बैच के अमरदीप सिंह और 2004 बैच की एचसीएस डॉ. शुभिता ढाका शामिल हैं। जबकि 2002 बैच के एचसीएस महावीर प्रसाद को भी बैच अलॉट हो गया है। यानी अब प्रमोशन पाने वालों की संख्या 18 हो गई है। अब विस्तार से पढ़िए सबसे सीनियर और सबसे जूनियर…
महावीर प्रसाद को 5 साल की सिनियोरिटी मिली है। उन्हें 2017 बैच मिला है। वे प्रमोशन पाने वालों में 2017 बैच में सबसे सीनियर हो गए हैं। महेंद्रपाल का नाम उनसे नीचे आ गया है। अमरदीप सिंह को भी 2017 बैच मिला है। वे प्रमोशन लेने वालों में चौथे नंबर पर आ गए हैं। पहले इस नंबर पर सुशील कुमार थे। अब वे इनसे जूनियर हो गए हैं। वहीं डॉ. शुभिता ढाका को 2018 बैच मिला है, इसमें वे सबसे जूनियर रहेंगी। रिटायर के बाद जॉइन करने वाले अब 60 वर्ष की आयु तक नौकरी करेंगे। हरियाणा में रिटायर होने की उम्र 58 साल तय की हुई है। 11 प्रमोट IAS को नहीं मिली पोस्टिंग
सरकार ने 15 एचसीएस को अगस्त में प्रमोट किया था। इनमें से अभी आईएएस मुनीष नागपाल को डीसी चरखी दादरी, महेंद्रपाल को रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसाइटी, सतपाल शर्मा को डीसी पंचकूला और सुशील कुमार को प्रशासक एचएसवीपी हिसार लगाया है। इन अफसरों को 2017 बैच मिला था। 2018 बैच पाने वाले वर्षा खंगवाल, वीरेंद्र सिंह सहरावत, सत्येंद्र दूहन, मनिता मलिक, सतबीर सिंह, अमृता सिंह, योगेश कुमार व वंदना और 2019 बैच वाले जयदीप कुमार व संवर्तक सिंह खंगवाल को आईएएस के पद पर नहीं लगाया है। इनमें सबसे सीनियर 2014 बैच पाने वाले आईएएस विवेक पदम सिंह भी अभी एचसीएस के पद पर ही काम कर रहे हैं। रिटायरमेंट के 10 साल बाद मिला प्रमोशन
एचसीएस के पद से 10 साल पहले रिटायर हो चुके सत्यपाल अरोड़ा को अब आईएएस का दर्जा मिला है। उनका बैच 2005 तय हुआ है। 2011 की सलेक्ट लिस्ट में कुछ एचसीएस अफसरों का प्रमोशन हुआ था, इसमें एचसीएस अरोड़ा का नाम नहीं था। वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे। अब कोर्ट के फैसले के बाद उनका प्रमोशन 2011 की सलेक्ट लिस्ट के अनुसार 2005 से माना गया है। अरोड़ा अब अपने नाम के आगे आईएएस लगा सकेंगे। साथ ही उन्हें 2005 से आईएएस पद के अनुसार लाभ मिलेंगे। उनकी 2017 में 60 वर्ष पूरी हुई। इसलिए उसके अनुसार रिटायरमेंट मानकर लाभ तय होंगे।
हरियाणा में दो महीने पहले प्रमोट हुए 15 अफसरों की सिनियोरिटी बदल गई है। इसकी वजह तीन हरियाणा सिविल सर्विस ऑफिसर (HCS) का आईएएस प्रमोट होना। हाल ही में राज्य के तीन और एचसीएस को IAS के पद पर प्रमोशन मिला है। इन्हें बैच भी अलॉट कर दिया गया है। बैच अलॉट होने से दो माह पहले प्रमोट होकर आईएएस बने 15 अधिकारियों की सीनियारिटी भी बदल गई है। अब प्रमोशन होने वाले एचसीएस में रिटायर हो चुके 2003 बैच के अमरदीप सिंह और 2004 बैच की एचसीएस डॉ. शुभिता ढाका शामिल हैं। जबकि 2002 बैच के एचसीएस महावीर प्रसाद को भी बैच अलॉट हो गया है। यानी अब प्रमोशन पाने वालों की संख्या 18 हो गई है। अब विस्तार से पढ़िए सबसे सीनियर और सबसे जूनियर…
महावीर प्रसाद को 5 साल की सिनियोरिटी मिली है। उन्हें 2017 बैच मिला है। वे प्रमोशन पाने वालों में 2017 बैच में सबसे सीनियर हो गए हैं। महेंद्रपाल का नाम उनसे नीचे आ गया है। अमरदीप सिंह को भी 2017 बैच मिला है। वे प्रमोशन लेने वालों में चौथे नंबर पर आ गए हैं। पहले इस नंबर पर सुशील कुमार थे। अब वे इनसे जूनियर हो गए हैं। वहीं डॉ. शुभिता ढाका को 2018 बैच मिला है, इसमें वे सबसे जूनियर रहेंगी। रिटायर के बाद जॉइन करने वाले अब 60 वर्ष की आयु तक नौकरी करेंगे। हरियाणा में रिटायर होने की उम्र 58 साल तय की हुई है। 11 प्रमोट IAS को नहीं मिली पोस्टिंग
सरकार ने 15 एचसीएस को अगस्त में प्रमोट किया था। इनमें से अभी आईएएस मुनीष नागपाल को डीसी चरखी दादरी, महेंद्रपाल को रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसाइटी, सतपाल शर्मा को डीसी पंचकूला और सुशील कुमार को प्रशासक एचएसवीपी हिसार लगाया है। इन अफसरों को 2017 बैच मिला था। 2018 बैच पाने वाले वर्षा खंगवाल, वीरेंद्र सिंह सहरावत, सत्येंद्र दूहन, मनिता मलिक, सतबीर सिंह, अमृता सिंह, योगेश कुमार व वंदना और 2019 बैच वाले जयदीप कुमार व संवर्तक सिंह खंगवाल को आईएएस के पद पर नहीं लगाया है। इनमें सबसे सीनियर 2014 बैच पाने वाले आईएएस विवेक पदम सिंह भी अभी एचसीएस के पद पर ही काम कर रहे हैं। रिटायरमेंट के 10 साल बाद मिला प्रमोशन
एचसीएस के पद से 10 साल पहले रिटायर हो चुके सत्यपाल अरोड़ा को अब आईएएस का दर्जा मिला है। उनका बैच 2005 तय हुआ है। 2011 की सलेक्ट लिस्ट में कुछ एचसीएस अफसरों का प्रमोशन हुआ था, इसमें एचसीएस अरोड़ा का नाम नहीं था। वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचे। अब कोर्ट के फैसले के बाद उनका प्रमोशन 2011 की सलेक्ट लिस्ट के अनुसार 2005 से माना गया है। अरोड़ा अब अपने नाम के आगे आईएएस लगा सकेंगे। साथ ही उन्हें 2005 से आईएएस पद के अनुसार लाभ मिलेंगे। उनकी 2017 में 60 वर्ष पूरी हुई। इसलिए उसके अनुसार रिटायरमेंट मानकर लाभ तय होंगे।