हरियाणा में बाढ़-बारिश या जलभराव से खराब हुई फसलों का मुआवजा मिलने की उम्मीद में बैठे किसानों को झटका लग सकता है। सरकार ने खराब फसलों का ब्योरा दर्ज कराने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था। इस पर 15 सितंबर तक 5 लाख किसानों ने 29.49 लाख एकड़ में खड़ी फसलों को नुकसान बताते हुए क्लेम किया। अब इसकी गिरदावरी और वेरिफिकेशन चल रही है, जिसके बाद मुआवजा तय होगा। अब दिक्कत उन किसानों के साथ है, जिनकी मेरी फसल मेरा ब्योरा पंजीकरण में गड़बड़ी हो गई। पोर्टल पर हरियाणा के किसानों की फसल के पंजीकरण राजस्थान और उत्तरप्रदेश के किसानों के नाम दिख रहे हैं। ऐसे में किसानों को आशंका है कि कहीं उनकी जगह उन लोगों के खाते में मुआवजा न चला जाए, जिनके नाम पोर्टल में दिख रहे है। अब ये किसान अपनी जमीन पर ही फसल चढ़वाने के लिए तहसीलदार और कृषि विभाग के दफ्तरों में चक्कर काट रहे हैं। अब जानिए…किसान कैसे दोहरी मार से परेशान यहां जानिए कैसे हुआ पंजीकरण और क्या बोले अफसर… अभी 25 सितंबर तक होगा सत्यापन होगा
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दावों का बहुस्तरीय सत्यापन हो रहा है। पहले चरण में पटवारी जांच कर रहे हैं। इसके बाद कानूनगो, सर्किल राजस्व अधिकारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदारों द्वारा पुनः सत्यापन किया जाएगा। जिला राजस्व अधिकारी और एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारी आगे सत्यापन करेंगे। जिलों के डीसी भी लगभग 5 प्रतिशत क्षेत्र का पुनः सत्यापन करेंगे और लगभग 2 प्रतिशत क्षेत्र का सत्यापन संभागीय आयुक्त द्वारा किया जाएगा। सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर तय की है।
हरियाणा में बाढ़-बारिश या जलभराव से खराब हुई फसलों का मुआवजा मिलने की उम्मीद में बैठे किसानों को झटका लग सकता है। सरकार ने खराब फसलों का ब्योरा दर्ज कराने के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला था। इस पर 15 सितंबर तक 5 लाख किसानों ने 29.49 लाख एकड़ में खड़ी फसलों को नुकसान बताते हुए क्लेम किया। अब इसकी गिरदावरी और वेरिफिकेशन चल रही है, जिसके बाद मुआवजा तय होगा। अब दिक्कत उन किसानों के साथ है, जिनकी मेरी फसल मेरा ब्योरा पंजीकरण में गड़बड़ी हो गई। पोर्टल पर हरियाणा के किसानों की फसल के पंजीकरण राजस्थान और उत्तरप्रदेश के किसानों के नाम दिख रहे हैं। ऐसे में किसानों को आशंका है कि कहीं उनकी जगह उन लोगों के खाते में मुआवजा न चला जाए, जिनके नाम पोर्टल में दिख रहे है। अब ये किसान अपनी जमीन पर ही फसल चढ़वाने के लिए तहसीलदार और कृषि विभाग के दफ्तरों में चक्कर काट रहे हैं। अब जानिए…किसान कैसे दोहरी मार से परेशान यहां जानिए कैसे हुआ पंजीकरण और क्या बोले अफसर… अभी 25 सितंबर तक होगा सत्यापन होगा
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दावों का बहुस्तरीय सत्यापन हो रहा है। पहले चरण में पटवारी जांच कर रहे हैं। इसके बाद कानूनगो, सर्किल राजस्व अधिकारी, नायब तहसीलदार और तहसीलदारों द्वारा पुनः सत्यापन किया जाएगा। जिला राजस्व अधिकारी और एसडीएम सहित वरिष्ठ अधिकारी आगे सत्यापन करेंगे। जिलों के डीसी भी लगभग 5 प्रतिशत क्षेत्र का पुनः सत्यापन करेंगे और लगभग 2 प्रतिशत क्षेत्र का सत्यापन संभागीय आयुक्त द्वारा किया जाएगा। सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 25 सितंबर तय की है।