हरियाणा के पलवल में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की सभा में अचानक सांड घुस गया। यहां ग्रामीणों का धरना समाप्त कराने पहुंचे मंत्री सभा के बाद मीडिया से बातचीत करने के लिए खड़े हुए थे। तभी बेसहारा सांड मंत्री की टोली की तरफ तेजी से आया। लोगों ने ‘मंत्री जी-हटिये-हटिये, बचिये-बचिये’, चिल्लाना शुरू की दिया। सांड के एकदम आने से मंत्री भी घबरा गए और मीडिया से बातचीत करना छोड़ तुरंत अपनी गाड़ी की तरफ लपके। उसके बाद बिना बात किए ही धरनास्थल से निकल गए। इससे पहले मंत्री के संबोधन के दौरान बिजली गुल हो गई, जिसके बांद मंत्री मे बिना माइक के ही लोगों से संवाद किया। डंपिंग यार्ड के विरोध में 6 दिनों से चल रहा था धरना
गांव फिरोजपुर में नगर परिषद ने 6 साल पहले डंपिंग यार्ड बनाया था। अब कचरे से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सारा दिन बेसहारा पशु यहां घूमते रहते हैं, जिससे सड़क हादसे भी होते हैं। बदबू से जीना दुश्वार है और बीमारियां फैल रही हैं। इससे पहले भी वह यहां से इसको हटाने के लिए धरना दे चुके हैं। तब कुछ समय के यहां कूड़ा डालना बंद कर दिया गया था। अब दोबारा ग्रामीण 6 दिनों से यहां पर धरना दे रहे थे। धरना हटवाने के लिए ही मंत्री 17 सितंबर को पहुंचे थे। खेल मंत्री और ग्रामीणों में बना खींचतान का माहौल
हरियाणा सरकार में खेल मंत्री जब लोगों को संबोधित कर रहे थे तो उस समय भी ग्रामीणों और उनके बीच में खींचतान का माहौल बनता हुआ दिखाई दिया। मंत्री के संबोधन के दौरान बिजली चली गई, जिसके बाद मंत्री को बिना माइक के ही ग्रामीणों से बात करनी पड़ी। अब जानिए ग्रामीणों-मंत्री के बीच क्या बातचीत हुई… मंत्री-डंपिंग यार्ड के लिए नई जगह देखने में समय लगेगा किसी को कोई ऑब्जेक्शन है तो बताओ।
ग्रामीण- हां ऑब्जेक्शन है, पहले आप कहो। मंत्री- आप कुछ लोगों की कमेटी बना लो, समय तो आप दोगे। ऐसा तो है नहीं कि कोरिया में भरकर इसको कहीं डाल दूंगा। मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं था, नहीं तो अब तक व्यवस्था करा देता।
ग्रामीण- मंत्री जी एक प्रार्थना है, प्रोसेस कर लो, जहां प्रोसेस करनी है। लेकिन उसको यहां से उठाकर प्रोसेस करो, यहां कोई प्रोसेस नहीं होगी। ग्रामीण- मंत्री जी, पहले जब गांव ने एतराज उठाया था तो इसको बंद कर दूसरी जगह कूड़ा डालना शुरू कर दिया था। लेकिन हमारे साथ छल करके दोबारा से यहां पर कूड़ा डालना शुरू कर दिया। अब यहां पर कोई कूड़े की गाड़ी नहीं आनी चाहिए और ये कूड़ा उठवा दो, हम आपसे सहमत हैं। उस फाइल को खंगालो जाकर, दूसरी जगह वाली फाइल क्यों रुक गई। गांव मेघपुर और काकराली में सरकार ने डंपिंग यार्ड को लेकर काम किया था।
मंत्री- वहां पर भी समस्या का हल करने के लिए काम शुरू किया था लेकिन एनजीटी ने रोक लगा दी थी। ग्रामीण- मंत्री जी, हमारी 100 एकड़ गांव की जमीन नगर परिषद में गई है। हमें वापस पंचायत में भेज दो, ये नगर परिषद नहीं नरक परिषद है।
मंत्री- मैं आया हूं कुछ तो समाधान लेकर आया हूं। सुनो एक मिनट, मैं आया हूं कुछ तो आपको बोलकर जाउंगा। मैं कहीं बाहर तो रहता नहीं हूं, आप नहीं आओगे तो रिश्तेदार आएंगे। पूरे दिन तो मेरे साथ रहते हैं। ग्रामीण- मैं मर जाऊं जब आना।
मंत्री- आप 11 लोग आ जाएं, कब होगा, कैसे होगा और कब तक होगा सभी पर बात कर लेंगे। ग्रामीण- मंत्री जी, हमें तो ये आश्वासन दीजिए कि मैं इसको हटाकर छोडूंगा। हम 11 नहीं 25 आ जाएंगे आपके पास।
मंत्री- कैसे हटेगा, कब हटेगा ये बता रहा हूं। इसको हटा कर तो छोडूंगा ही। मीडिया से बात करने लगे तो आया सांड, मंत्री निकल गए
ग्रामीणों को आश्वासन देने के बाद मंत्री गौरव गौतम मीडिया से बात करने की तैयारी कर रहे थे। बोले- ये गांव वाले लोग अपने ही हैं, इनकी कुछ समस्या थी…। तभी पीछे खड़े समर्थकों ने चिल्लाना शुरू किया- हटिये-हटिये मंत्री जी, बचिये…। यह सुनकर मंत्री ने पीछे मुड़कर देखा तो सांड तेजी से पास पहुंच गया था। यह देखकर एकदम मंत्री के चेहरे के भाव बदल गए और बचने की कोशिश करते दिखे। सभा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सांड एकदम मंत्री के पीछे से लोगों के बीच से निकल गया। सिक्योरिटी भी देखती रह गई
मंत्री के पास उनकी सिक्योरिटी के जवान खड़े थे। अचानक सांड आया तो वो भी सहमे नजर आए। ये सब इतनी जल्दी हुआ कि सिक्योरिटी के पास भी संभलने का मौका नहीं था। इसके बाद मंत्री मीडिया को बिना जवाब दिए ही तुरंत अपनी गाड़ी की तरफ गए और बैठकर निकल गए। 4 महीने के आश्वासन पर धरना हुआ खत्म
नगर परिषद वार्ड नंबर एक से पार्षद सूरज राणा ने बताया कि खेल मंत्री गौरव गौतम की तरफ से उनको 4 महीने का आश्वासन दिया गया है। इन चार महीनों में कूड़ा यहीं पर डलेगा, लेकिन 4 महीने के बाद यहां से इसको शिफ्ट कर लिया जाएगा । अगर 4 महीने बाद भी डंपिंग यार्ड नहीं हटा तो बड़ा आंदोलन होगा
हरियाणा के पलवल में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की सभा में अचानक सांड घुस गया। यहां ग्रामीणों का धरना समाप्त कराने पहुंचे मंत्री सभा के बाद मीडिया से बातचीत करने के लिए खड़े हुए थे। तभी बेसहारा सांड मंत्री की टोली की तरफ तेजी से आया। लोगों ने ‘मंत्री जी-हटिये-हटिये, बचिये-बचिये’, चिल्लाना शुरू की दिया। सांड के एकदम आने से मंत्री भी घबरा गए और मीडिया से बातचीत करना छोड़ तुरंत अपनी गाड़ी की तरफ लपके। उसके बाद बिना बात किए ही धरनास्थल से निकल गए। इससे पहले मंत्री के संबोधन के दौरान बिजली गुल हो गई, जिसके बांद मंत्री मे बिना माइक के ही लोगों से संवाद किया। डंपिंग यार्ड के विरोध में 6 दिनों से चल रहा था धरना
गांव फिरोजपुर में नगर परिषद ने 6 साल पहले डंपिंग यार्ड बनाया था। अब कचरे से ग्रामीण परेशान हैं। लोगों का कहना है कि सारा दिन बेसहारा पशु यहां घूमते रहते हैं, जिससे सड़क हादसे भी होते हैं। बदबू से जीना दुश्वार है और बीमारियां फैल रही हैं। इससे पहले भी वह यहां से इसको हटाने के लिए धरना दे चुके हैं। तब कुछ समय के यहां कूड़ा डालना बंद कर दिया गया था। अब दोबारा ग्रामीण 6 दिनों से यहां पर धरना दे रहे थे। धरना हटवाने के लिए ही मंत्री 17 सितंबर को पहुंचे थे। खेल मंत्री और ग्रामीणों में बना खींचतान का माहौल
हरियाणा सरकार में खेल मंत्री जब लोगों को संबोधित कर रहे थे तो उस समय भी ग्रामीणों और उनके बीच में खींचतान का माहौल बनता हुआ दिखाई दिया। मंत्री के संबोधन के दौरान बिजली चली गई, जिसके बाद मंत्री को बिना माइक के ही ग्रामीणों से बात करनी पड़ी। अब जानिए ग्रामीणों-मंत्री के बीच क्या बातचीत हुई… मंत्री-डंपिंग यार्ड के लिए नई जगह देखने में समय लगेगा किसी को कोई ऑब्जेक्शन है तो बताओ।
ग्रामीण- हां ऑब्जेक्शन है, पहले आप कहो। मंत्री- आप कुछ लोगों की कमेटी बना लो, समय तो आप दोगे। ऐसा तो है नहीं कि कोरिया में भरकर इसको कहीं डाल दूंगा। मेरे संज्ञान में ये मामला नहीं था, नहीं तो अब तक व्यवस्था करा देता।
ग्रामीण- मंत्री जी एक प्रार्थना है, प्रोसेस कर लो, जहां प्रोसेस करनी है। लेकिन उसको यहां से उठाकर प्रोसेस करो, यहां कोई प्रोसेस नहीं होगी। ग्रामीण- मंत्री जी, पहले जब गांव ने एतराज उठाया था तो इसको बंद कर दूसरी जगह कूड़ा डालना शुरू कर दिया था। लेकिन हमारे साथ छल करके दोबारा से यहां पर कूड़ा डालना शुरू कर दिया। अब यहां पर कोई कूड़े की गाड़ी नहीं आनी चाहिए और ये कूड़ा उठवा दो, हम आपसे सहमत हैं। उस फाइल को खंगालो जाकर, दूसरी जगह वाली फाइल क्यों रुक गई। गांव मेघपुर और काकराली में सरकार ने डंपिंग यार्ड को लेकर काम किया था।
मंत्री- वहां पर भी समस्या का हल करने के लिए काम शुरू किया था लेकिन एनजीटी ने रोक लगा दी थी। ग्रामीण- मंत्री जी, हमारी 100 एकड़ गांव की जमीन नगर परिषद में गई है। हमें वापस पंचायत में भेज दो, ये नगर परिषद नहीं नरक परिषद है।
मंत्री- मैं आया हूं कुछ तो समाधान लेकर आया हूं। सुनो एक मिनट, मैं आया हूं कुछ तो आपको बोलकर जाउंगा। मैं कहीं बाहर तो रहता नहीं हूं, आप नहीं आओगे तो रिश्तेदार आएंगे। पूरे दिन तो मेरे साथ रहते हैं। ग्रामीण- मैं मर जाऊं जब आना।
मंत्री- आप 11 लोग आ जाएं, कब होगा, कैसे होगा और कब तक होगा सभी पर बात कर लेंगे। ग्रामीण- मंत्री जी, हमें तो ये आश्वासन दीजिए कि मैं इसको हटाकर छोडूंगा। हम 11 नहीं 25 आ जाएंगे आपके पास।
मंत्री- कैसे हटेगा, कब हटेगा ये बता रहा हूं। इसको हटा कर तो छोडूंगा ही। मीडिया से बात करने लगे तो आया सांड, मंत्री निकल गए
ग्रामीणों को आश्वासन देने के बाद मंत्री गौरव गौतम मीडिया से बात करने की तैयारी कर रहे थे। बोले- ये गांव वाले लोग अपने ही हैं, इनकी कुछ समस्या थी…। तभी पीछे खड़े समर्थकों ने चिल्लाना शुरू किया- हटिये-हटिये मंत्री जी, बचिये…। यह सुनकर मंत्री ने पीछे मुड़कर देखा तो सांड तेजी से पास पहुंच गया था। यह देखकर एकदम मंत्री के चेहरे के भाव बदल गए और बचने की कोशिश करते दिखे। सभा में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सांड एकदम मंत्री के पीछे से लोगों के बीच से निकल गया। सिक्योरिटी भी देखती रह गई
मंत्री के पास उनकी सिक्योरिटी के जवान खड़े थे। अचानक सांड आया तो वो भी सहमे नजर आए। ये सब इतनी जल्दी हुआ कि सिक्योरिटी के पास भी संभलने का मौका नहीं था। इसके बाद मंत्री मीडिया को बिना जवाब दिए ही तुरंत अपनी गाड़ी की तरफ गए और बैठकर निकल गए। 4 महीने के आश्वासन पर धरना हुआ खत्म
नगर परिषद वार्ड नंबर एक से पार्षद सूरज राणा ने बताया कि खेल मंत्री गौरव गौतम की तरफ से उनको 4 महीने का आश्वासन दिया गया है। इन चार महीनों में कूड़ा यहीं पर डलेगा, लेकिन 4 महीने के बाद यहां से इसको शिफ्ट कर लिया जाएगा । अगर 4 महीने बाद भी डंपिंग यार्ड नहीं हटा तो बड़ा आंदोलन होगा