पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की आज (मंगलवार) को कोर्ट में 12वीं पेशी होंगी। पेशी के दौरान ज्योति मल्होत्रा व्यक्तिगत रूप से पेश होंगी। कोर्ट में वकील को अधूरे चालान की कॉपी मिल सकती है। पुलिस ने 14 अगस्त को कोर्ट में चालान पेश किया था मगर अब तक वकील को चालान की कॉपी नहीं मिली है। ज्योति के वकील कुमार मुकेश का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो मंगलवार को अधूरे चालान की कॉपी मिल जाएगी। इससे पहले 10 सितंबर को कोर्ट में ज्योति की पेशी थी, मगर जज के छुट्टी पर चले जाने के कारण मजिस्ट्रेट के सामने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। इस दौरान चालान की कॉपी वकील को नहीं दी गई। वकील कुमार मुकेश ने इससे पहले अधूरे चालान की कॉपी देने का कोर्ट में विरोध किया था। 25 अगस्त को वकील को चार्जशीट सौंपने की तैयारी चल रही थी, मगर हरियाणा की हिसार पुलिस ने इसका विरोध करते हुए एप्लिकेशन दायर करते हुए कहा कि वकील को पूरे चालान की कॉपी ना दी जाए। क्योंकि यह मामला देश से जुड़ा और काफी संवेदनशील है। वकील की एप्लिकेशन कोर्ट ने खारिज कर दी थी
इसके जवाब में वकील कुमार मुकेश ने कोर्ट में डिफॉल्ट बेल की एप्लिकेशन लगाई और कहा कि पुलिस की जांच 90 दिन बाद भी अधूरी है। वकील ने कोर्ट में दलील दी कि पुलिस खुद मान रही है कि इस मामले में अभी और जांच करना बाकी है। 30 सितंबर को डिफॉल्ट बेल की एप्लिकेशन लगाई मगर कोर्ट ने बेल को खारिज कर दी। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि अब ज्योति मल्होत्रा को अधूरी चार्जशीट दी जाएगी और चालान के पार्ट को प्रकाशित नहीं किया जा सकेगा। हालांकि रूटीन मीडिया ब्रीफिंग पर कोर्ट ने रोक नहीं लगाई है। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि अदालत के फैसले का सम्मान है, लेकिन मैं इनसे संतुष्ट नहीं हूं। चारों आदेशों की कॉपियां शीघ्र लेकर उनके खिलाफ रिविजन फाइल की जाएगी। 25 अगस्त से चार्जशीट को लेकर चल रहा विवाद
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की चार्जशीट को लेकर विवाद चल रहा है। 25 अगस्त को ज्योति को चार्जशीट सौंपने के लिए कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। कोर्ट में चार्जशीट सौंपने की प्रक्रिया चल ही रही थी, इस दौरान हिसार पुलिस ने कोर्ट में 3 एप्लिकेशन दी कि ज्योति के वकील कुमार मुकेश को चार्जशीट के कुछ हिस्से न दिए जाएं। पुलिस ने इसके पीछे तर्क दिया है कि वकील को चार्जशीट कॉपी देने से रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती है, जो काफी संवेदनशील है। पुलिस ने कहा कि पंचकूला सीएफएल का डेटा गोपनीय है और देश की सुरक्षा के लिए इसे सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। पुलिस ने कहा कि पाक एजेंटों के साथ ज्योति की चैटिंग सार्वजनिक नहीं की जा सकती। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले के मीडिया ब्रीफिंग पर रोक लगाई जाए। वहीं कुमार मुकेश ने कोर्ट में कहा था कि यह एप्लिकेशन अवैध हैं। कुछ प्रावधानों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। इसका कोई प्रावधान नहीं है। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति
ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल के काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोपों में पकड़ी गई यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की आज (मंगलवार) को कोर्ट में 12वीं पेशी होंगी। पेशी के दौरान ज्योति मल्होत्रा व्यक्तिगत रूप से पेश होंगी। कोर्ट में वकील को अधूरे चालान की कॉपी मिल सकती है। पुलिस ने 14 अगस्त को कोर्ट में चालान पेश किया था मगर अब तक वकील को चालान की कॉपी नहीं मिली है। ज्योति के वकील कुमार मुकेश का कहना है कि सब कुछ ठीक रहा तो मंगलवार को अधूरे चालान की कॉपी मिल जाएगी। इससे पहले 10 सितंबर को कोर्ट में ज्योति की पेशी थी, मगर जज के छुट्टी पर चले जाने के कारण मजिस्ट्रेट के सामने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी हुई। इस दौरान चालान की कॉपी वकील को नहीं दी गई। वकील कुमार मुकेश ने इससे पहले अधूरे चालान की कॉपी देने का कोर्ट में विरोध किया था। 25 अगस्त को वकील को चार्जशीट सौंपने की तैयारी चल रही थी, मगर हरियाणा की हिसार पुलिस ने इसका विरोध करते हुए एप्लिकेशन दायर करते हुए कहा कि वकील को पूरे चालान की कॉपी ना दी जाए। क्योंकि यह मामला देश से जुड़ा और काफी संवेदनशील है। वकील की एप्लिकेशन कोर्ट ने खारिज कर दी थी
इसके जवाब में वकील कुमार मुकेश ने कोर्ट में डिफॉल्ट बेल की एप्लिकेशन लगाई और कहा कि पुलिस की जांच 90 दिन बाद भी अधूरी है। वकील ने कोर्ट में दलील दी कि पुलिस खुद मान रही है कि इस मामले में अभी और जांच करना बाकी है। 30 सितंबर को डिफॉल्ट बेल की एप्लिकेशन लगाई मगर कोर्ट ने बेल को खारिज कर दी। कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि अब ज्योति मल्होत्रा को अधूरी चार्जशीट दी जाएगी और चालान के पार्ट को प्रकाशित नहीं किया जा सकेगा। हालांकि रूटीन मीडिया ब्रीफिंग पर कोर्ट ने रोक नहीं लगाई है। ज्योति के वकील कुमार मुकेश ने बताया कि अदालत के फैसले का सम्मान है, लेकिन मैं इनसे संतुष्ट नहीं हूं। चारों आदेशों की कॉपियां शीघ्र लेकर उनके खिलाफ रिविजन फाइल की जाएगी। 25 अगस्त से चार्जशीट को लेकर चल रहा विवाद
पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की चार्जशीट को लेकर विवाद चल रहा है। 25 अगस्त को ज्योति को चार्जशीट सौंपने के लिए कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। कोर्ट में चार्जशीट सौंपने की प्रक्रिया चल ही रही थी, इस दौरान हिसार पुलिस ने कोर्ट में 3 एप्लिकेशन दी कि ज्योति के वकील कुमार मुकेश को चार्जशीट के कुछ हिस्से न दिए जाएं। पुलिस ने इसके पीछे तर्क दिया है कि वकील को चार्जशीट कॉपी देने से रिपोर्ट सार्वजनिक हो सकती है, जो काफी संवेदनशील है। पुलिस ने कहा कि पंचकूला सीएफएल का डेटा गोपनीय है और देश की सुरक्षा के लिए इसे सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। पुलिस ने कहा कि पाक एजेंटों के साथ ज्योति की चैटिंग सार्वजनिक नहीं की जा सकती। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले के मीडिया ब्रीफिंग पर रोक लगाई जाए। वहीं कुमार मुकेश ने कोर्ट में कहा था कि यह एप्लिकेशन अवैध हैं। कुछ प्रावधानों को तरोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है। इसका कोई प्रावधान नहीं है। पाकिस्तान और चीन की यात्रा से शक के घेरे में आई थी ज्योति
ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा सुरक्षा एजेंसियों की नजर में तब आई जब वह पिछले साल 2024 में 2 महीने के भीतर पाकिस्तान और फिर चीन गई थी। ज्योति मल्होत्रा के यूट्यूब पर अपलोड वीडियो की डेट के अनुसार वह 17 अप्रैल 2024 को पाकिस्तान गई थी। 15 मई तक वह पाकिस्तान में ही रही। इसके बाद भारत लौटी। पाकिस्तान से लौटने के 25 दिन बाद ही 10 जून को वह चीन चली गई। 9 जुलाई तक चीन में रही और फिर वहीं से 10 जुलाई को नेपाल के काठमांडू पहुंच गई। इससे पहले वह करतारपुर कॉरिडोर से पाकिस्तान गई तो वहां पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री और पूर्व पीएम नवाज शरीफ की बेटी मरियम नवाज शरीफ से मिली और उनका इंटरव्यू तक किया।