हरियाणा के फतेहाबाद जिले के अंकित जांगड़ा और विजय पुनिया अब यूक्रेन-रूस के युद्ध क्षेत्र यानी जीरो लाइन से सिर्फ 15-20 किलोमीटर दूर रह गए हैं। परिजन उनकी सकुशल वापसी के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हैं। गुरुवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय और चंडीगढ़ में सीएम कार्यालय में फरियाद लेकर पहुंचे। विदेश मंत्रालय से जवाब मिला कि रूस के सभी हेल्प डेस्क पर मेल भेज दी गई है। रूसी विदेश मंत्रालय को भी सारे डॉक्यूमेंट्स और आईडी कार्ड भेजे हैं। अंकित और विजय के साथ पंजाब, जम्मू, राजस्थान, उत्तराखंड और यूपी के युवा भी वहां फंसे हुए हैं। एशिया के कई देशों के युवाओं को रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेला जा रहा है। ये वो युवा हैं, जो स्टडी वीजा या नौकरी की तलाश में रूस जाते हैं। रशियन आर्मी को मैन पावर उपलब्ध कराने वाला बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। यह नेटवर्क केवल भारत ही नहीं बल्कि श्रीलंका, नेपाल, पाकिस्तान जैसे देशों के युवाओं को भी पैसे का लालच देकर फंसाता है। इसके बाद उन्हें जबरदस्ती रशियन आर्मी में भर्ती करवा कर यूक्रेन में युद्ध करने भेज दिया जाता है। कुम्हारिया गांव के अंकित और विजय की तरह ही उनके गांव के ही रमेश कुमार मॉस्को गए थे। रमेश उन कुछ भाग्यशाली युवाओं में हैं, जो समय रहते गांव लौट आए। दैनिक भास्कर एप की टीम ने मॉस्को से लौटे रमेश और रूस में फंसे अंकित-विजय के परिवार से हालात जानने की कोशिश की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मॉस्को से लौटे रमेश ने बताई पूरी कहानी… अब जानिए अंकित-विजय किस हालत में, परिवार ने बताया…
फतेहाबाद के अंकित जांगड़ा और विजय पुनिया को अन्य युवाओं के साथ रूस और यूक्रेन के पुराने बॉर्डर से 300 किलोमीटर दूर आगे डोनेक्सो के जंगल में रोका गया, जहां से जीराे लाइन मात्र 15 किलोमीटर दूर है। जीरो लाइन पर स्थिति बेहद भयावह है। इस जीरो लाइन पर इन युवकों के जो भी साथी गए हैं, वो फिर नहीं लौटे। इन युवकों को भी दो-तीन दिन में जीरो लाइन पर भेजे जाने की बात कही जा रही है। जॉब का झांसा देकर रशियन महिला ने फंसाया : रामप्रसाद बताते हैं कि रूस के मॉस्को शहर में रेलवे स्टेशन पर बेटे को एक महिला मिली, जिसने सिक्योरिटी गार्ड या ड्राइवर की जॉब लगवाने की बात कही। उसने कहा कि तीन महीने की ट्रेनिंग होगी। इसके बाद 15 से 20 लाख रुपए मिलेंगे। फिर हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपए मिलेंगे। अंकित और विजय ने सोचा कि इससे घरवालों की और अच्छी मदद कर पाएंगे। मगर, उस महिला ने रूस की आर्मी में जबरन भर्ती करवा दिया। एग्रीमेंट साइन करवा दिया। इसके बाद उन्हें बंद कंटेनर में रूस से यूक्रेन के शहर सोलीडेव के जंगलों में ले जाया गया, जहां बंकर जैसे कमरे में छोड़ दिया। अब तो पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नायब सैनी से यही आस है कि बेटे को वहां से छुड़वा कर सुरक्षित घर पहुंचा दें। इसके बाद बेटे को कहीं नहीं भेजेंगे। गले से निवाला नहीं उतर रहा : अंकित की मां सुशीला देवी कैमरे के सामने तो नहीं आईं। मगर, बातचीत में कहती हैं कि जब से अंकित के हालातों के बारे में सुना है, तब से परिवार के सदस्यों के गले से खाना भी नहीं उतर रहा है। सुबह-शाम अपने कुलदेवता, लोक देवता और अन्य देवी-देवताओं से बेटे की सलामती और सकुशल वापसी की मन्नतें मांग रहे हैं। अंकित के परिवार को उसके दोस्त, पड़ोसी और अन्य ग्रामीण लगातार दिलासा दिला रहे हैं। जब से विजय ने बताया है कि तीन दिन बाद युद्ध में भेज देंगे, तब से चिंता और बढ़ गई है। दूसरे प्रदेशों के ये युवक भी फंसे
कुम्हारिया के युवकों के साथ इस चंगुल में पंजाब के लुधियाना जिले के अमरपुरी ढाबा पिंड के समरजीत सिंह, पंजाब के ही मोगा जिला निवासी बूटा सिंह, पंजाब के ही जालंधर जिले के बोहजा निवासी गुरसेवक सिंह, उत्तराखंड के हलद्वानी निवासी तसलीम, यूपी के बरेली जिले के माजरा फतेहगंज निवासी सावेद भी फंसे हैं। विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी…. —————————- रूस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें हरियाणा-पंजाब के युवकों को जबरन रूसी सेना में भर्ती किया:परिवार को कहा- महिला ने नौकरी का लालच दिया, यूक्रेन जंग में भेजा, बचा लो हरियाणा और पंजाब के कई युवक यूक्रेन में फंस गए हैं। उन्हें जबरदस्ती रूसी सेना में भर्ती कर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भेजा जा रहा है। इनमें शामिल हरियाणा के फतेहाबाद जिले के 2 युवकों ने अपने परिजनों को दो वीडियो भेजे हैं, जिनमें मदद की गुहार लगाई है। (पूरी खबर पढ़ें) रूसी सेना ने जबरन भर्ती भारतीयों का वॉट्सऐप डिलीट करवाया:हरियाणवी बोला- 3 दिन बाद जंग में ले जाएंगे; केंद्र सरकार-रूस में बातचीत शुरू यूक्रेन में फंसे और रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए भारतीय युवकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रूसी आर्मी को पता चल गया कि युवक वीडियो बनाकर भारत में अपने परिवारों को भेज रहे हैं। जिसके बाद अब उनके मोबाइल से वॉट्सऐप डिलीट कर दिया गया। (पूरी खबर पढ़ें)
हरियाणा के फतेहाबाद जिले के अंकित जांगड़ा और विजय पुनिया अब यूक्रेन-रूस के युद्ध क्षेत्र यानी जीरो लाइन से सिर्फ 15-20 किलोमीटर दूर रह गए हैं। परिजन उनकी सकुशल वापसी के लिए हर संभव कोशिश में जुटे हैं। गुरुवार को दिल्ली में विदेश मंत्रालय और चंडीगढ़ में सीएम कार्यालय में फरियाद लेकर पहुंचे। विदेश मंत्रालय से जवाब मिला कि रूस के सभी हेल्प डेस्क पर मेल भेज दी गई है। रूसी विदेश मंत्रालय को भी सारे डॉक्यूमेंट्स और आईडी कार्ड भेजे हैं। अंकित और विजय के साथ पंजाब, जम्मू, राजस्थान, उत्तराखंड और यूपी के युवा भी वहां फंसे हुए हैं। एशिया के कई देशों के युवाओं को रूस-यूक्रेन युद्ध में धकेला जा रहा है। ये वो युवा हैं, जो स्टडी वीजा या नौकरी की तलाश में रूस जाते हैं। रशियन आर्मी को मैन पावर उपलब्ध कराने वाला बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। यह नेटवर्क केवल भारत ही नहीं बल्कि श्रीलंका, नेपाल, पाकिस्तान जैसे देशों के युवाओं को भी पैसे का लालच देकर फंसाता है। इसके बाद उन्हें जबरदस्ती रशियन आर्मी में भर्ती करवा कर यूक्रेन में युद्ध करने भेज दिया जाता है। कुम्हारिया गांव के अंकित और विजय की तरह ही उनके गांव के ही रमेश कुमार मॉस्को गए थे। रमेश उन कुछ भाग्यशाली युवाओं में हैं, जो समय रहते गांव लौट आए। दैनिक भास्कर एप की टीम ने मॉस्को से लौटे रमेश और रूस में फंसे अंकित-विजय के परिवार से हालात जानने की कोशिश की तो कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… मॉस्को से लौटे रमेश ने बताई पूरी कहानी… अब जानिए अंकित-विजय किस हालत में, परिवार ने बताया…
फतेहाबाद के अंकित जांगड़ा और विजय पुनिया को अन्य युवाओं के साथ रूस और यूक्रेन के पुराने बॉर्डर से 300 किलोमीटर दूर आगे डोनेक्सो के जंगल में रोका गया, जहां से जीराे लाइन मात्र 15 किलोमीटर दूर है। जीरो लाइन पर स्थिति बेहद भयावह है। इस जीरो लाइन पर इन युवकों के जो भी साथी गए हैं, वो फिर नहीं लौटे। इन युवकों को भी दो-तीन दिन में जीरो लाइन पर भेजे जाने की बात कही जा रही है। जॉब का झांसा देकर रशियन महिला ने फंसाया : रामप्रसाद बताते हैं कि रूस के मॉस्को शहर में रेलवे स्टेशन पर बेटे को एक महिला मिली, जिसने सिक्योरिटी गार्ड या ड्राइवर की जॉब लगवाने की बात कही। उसने कहा कि तीन महीने की ट्रेनिंग होगी। इसके बाद 15 से 20 लाख रुपए मिलेंगे। फिर हर महीने डेढ़ से दो लाख रुपए मिलेंगे। अंकित और विजय ने सोचा कि इससे घरवालों की और अच्छी मदद कर पाएंगे। मगर, उस महिला ने रूस की आर्मी में जबरन भर्ती करवा दिया। एग्रीमेंट साइन करवा दिया। इसके बाद उन्हें बंद कंटेनर में रूस से यूक्रेन के शहर सोलीडेव के जंगलों में ले जाया गया, जहां बंकर जैसे कमरे में छोड़ दिया। अब तो पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम नायब सैनी से यही आस है कि बेटे को वहां से छुड़वा कर सुरक्षित घर पहुंचा दें। इसके बाद बेटे को कहीं नहीं भेजेंगे। गले से निवाला नहीं उतर रहा : अंकित की मां सुशीला देवी कैमरे के सामने तो नहीं आईं। मगर, बातचीत में कहती हैं कि जब से अंकित के हालातों के बारे में सुना है, तब से परिवार के सदस्यों के गले से खाना भी नहीं उतर रहा है। सुबह-शाम अपने कुलदेवता, लोक देवता और अन्य देवी-देवताओं से बेटे की सलामती और सकुशल वापसी की मन्नतें मांग रहे हैं। अंकित के परिवार को उसके दोस्त, पड़ोसी और अन्य ग्रामीण लगातार दिलासा दिला रहे हैं। जब से विजय ने बताया है कि तीन दिन बाद युद्ध में भेज देंगे, तब से चिंता और बढ़ गई है। दूसरे प्रदेशों के ये युवक भी फंसे
कुम्हारिया के युवकों के साथ इस चंगुल में पंजाब के लुधियाना जिले के अमरपुरी ढाबा पिंड के समरजीत सिंह, पंजाब के ही मोगा जिला निवासी बूटा सिंह, पंजाब के ही जालंधर जिले के बोहजा निवासी गुरसेवक सिंह, उत्तराखंड के हलद्वानी निवासी तसलीम, यूपी के बरेली जिले के माजरा फतेहगंज निवासी सावेद भी फंसे हैं। विदेश मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी…. —————————- रूस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें हरियाणा-पंजाब के युवकों को जबरन रूसी सेना में भर्ती किया:परिवार को कहा- महिला ने नौकरी का लालच दिया, यूक्रेन जंग में भेजा, बचा लो हरियाणा और पंजाब के कई युवक यूक्रेन में फंस गए हैं। उन्हें जबरदस्ती रूसी सेना में भर्ती कर यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में भेजा जा रहा है। इनमें शामिल हरियाणा के फतेहाबाद जिले के 2 युवकों ने अपने परिजनों को दो वीडियो भेजे हैं, जिनमें मदद की गुहार लगाई है। (पूरी खबर पढ़ें) रूसी सेना ने जबरन भर्ती भारतीयों का वॉट्सऐप डिलीट करवाया:हरियाणवी बोला- 3 दिन बाद जंग में ले जाएंगे; केंद्र सरकार-रूस में बातचीत शुरू यूक्रेन में फंसे और रूस की सेना में जबरन भर्ती किए गए भारतीय युवकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रूसी आर्मी को पता चल गया कि युवक वीडियो बनाकर भारत में अपने परिवारों को भेज रहे हैं। जिसके बाद अब उनके मोबाइल से वॉट्सऐप डिलीट कर दिया गया। (पूरी खबर पढ़ें)