हिमाचल प्रदेश के वर्ल्ड फेमस टूरिस्ट प्लेस मनाली में इन दिनों सन्नाटा सा पसरा हुआ है। हमेशा टूरिस्ट से भरे होटल, पर्यटन स्थल और बस-टैक्सी स्टैंड खाली-खाली नजर आ रहे है। गुरुवार को वॉल्वो स्टैंड में बच्चे क्रिकेट खेलते दिखाई दिए। हमेशा विदेशी टूरिस्ट से भरा रहने वाला ओल्ड मनाली यानि मिनी इजराइल भी खाली पड़ा है। 16 दिनों से यही हालात हैं। इसके पीछे की वजह है हिमाचल में इस मानसून सीजन आई आपदा। सरकारी आंकड़ों की माने तो इस आपदा में पूरे प्रदेश में 4122 करोड़ का नुकसान हुआ है। 370 लोगों की मौत हो चुकी है। 95 जगह बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। बाढ़ और लैंडस्लाइड की चपेट में आए कई लोकल और नेशनल हाईवे अब तक ठीक नहीं हो सके हैं। मनाली, अटल टनल और आसपास के पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाला इकलौता चंडीगढ़-मनाली फोरलेन भी जगह-जगह ब्यास नदी में बह गया है। हालांकि, यह सड़क छोटे वाहनों के लिए अस्थाई तौर पर बहाल कर दी गई है। मगर, वॉल्वो बसों और बड़े वाहनों के लिए अभी भी प्रतिबंध रखा गया है। इन्हीं हालात को देखते हुए टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें भी दिखाई देने लगी हैं। इनका कहना है कि इस बार 2023 से ज्यादा नुकसान है। यदि रोड नेटवर्क जल्दी नहीं सुधारा गया तो विंटर टूरिज्म पर भी इसका असर पड़ेगा, जोकि अक्टूबर से मार्च तक चलता है। मनाली में वर्तमान में क्या हैं हालात, कैसी है यहां तक पहुंचने वाली सड़कें, क्या कहते हैं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग, इस विंटर सीजन के लिए सरकार क्या उठा रही कदम और टूरिस्ट के लिए क्या है गाइडलाइन? जैसे सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए दैनिक भास्कर एप की ग्राउंड रिपोर्ट…. मनाली में आपदा के बाद की 3 PHOTOS…. अब वे सवाल जो पर्यटकों के लिए जानने जरूरी… सवाल: कौन-कौन से हाईवे क्षतिग्रस्त हैं?
जवाब : मंडी के दवाड़ा, 4 मील, 9 मील, पंडोह और कुल्लू-मनाली के बीच कई जगह फोरलेन ब्यास नदी में समा चुका है। यहां पर पहाड़ी से बार बार लैंडस्लाइड भी हो रहा है। थोड़ी राहत की बात यह है कि पांच-छह दिन से मानसून थोड़ा कमजोर पड़ा है। इससे सरकार की ओर से सड़कों को दुरुस्त करने के जो प्रयास चल रहे हैं, उनमें तेजी आने की उम्मीद है। सवाल : मनाली कैसे पहुंच सकते हैं?
जवाब : आमतौर पर चंडीगढ़ से मनाली पहुंचने में लगभग 5 घंटे का वक्त लगता है। मगर, भारी बारिश से जिस तरह सड़कों को नुकसान पहुंचा है, इसके बाद चंडीगढ़ से मनाली पहुंचने में 7 से 8 घंटे का वक्त लग सकता है। यदि कही लैंडस्लाइड हो जाए तो उससे और ज्यादा वक्त इस सफर को करने में लगेगा। सवाल : वॉल्वो बस, निजी वाहन और टैक्सी की क्या व्यवस्था?
जवाब : देशभर से मनाली और आसपास के पर्यटन स्थलों पर आने वाले टूरिस्ट अभी अपने निजी वाहनों से ही आ सकते हैं, क्योंकि वॉल्वो बसों के लिए सड़क बहाल नहीं हो पाई। फिलहाल, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई एडवाइजरी को देखते हुए ही अपना टूर प्लान करें। सवाल : आपदा का होटल और महंगाई पर कितना असर पड़ा?
जवाब : आपदा से खाने-पीने और होटल के रेट पर कोई असर नहीं पड़ा है। उल्टा कम टूरिस्ट आने की वजह से पर्यटन कारोबारी डिस्काउंट ऑफर कर रहे हैं। इसके अलावा होटलों के कमरों की बुकिंग पर 35 प्रतिशत तक छूट ऑफर की जा रही है। सड़क टूटने की वजह से अभी भी मनाली के होटलों में जीरो ऑक्यूपेंसी है। सवाल : बर्फबारी कब से शुरू होती है?
जवाब : विंटर सीजन में देशभर से टूरिस्ट बर्फ देखते हिमाचल आते हैं। लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर कई बार 15 अक्टूबर के आसपास बर्फबारी हो जाती है। वहीं, कुल्लू की ऊंची चोटियों पर दिसंबर के पहले सप्ताह में भी कई बार स्नोफॉल देखने को मिल जाता है। बीते दो सालों के दौरान शिमला, किन्नौर और चंबा के ऊंचे पहाड़ों की तुलना में मनाली और लाहौल स्पीति की चोटियों पर ज्यादा हिमपात हुआ है। सवाल: टूरिस्ट क्या सावधानी बरते?
जवाब : मनाली प्रशासन की ओर से पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। तीन बातों को टूरिस्ट को बेहद खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। अब जानिए पर्यटन कारोबारियों ने क्या बताया. अब जानिए मनाली में बारिश से क्या हुआ नुकसान…. एनएचएआई इंजीनियर बोले- 3-4 दिन में सिंगल लेन रिस्टोर कर लेंगे
एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि 11 सितंबर तक कुल्लू से मनाली तक दो जगह क्लॉथ हाउस और बिंदु ढांक के पास एनएच अभी रिस्टोर करने को बचता है। काम ज्यादा है, फिर भी 3 से 4 दिन की भीतर अस्थाई तौर पर सिंगल लेन रिस्टोर करने का प्रयास करेंगे। ——————————- हिमाचल प्रदेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM ने हिमाचल को 1500 करोड़ का पैकेज दिया:मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख, कंगना बोलीं- मोदी की आंखों में आए आंसू हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 4122 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी भरपाई के लिए आज (मंगलवार) 1500 रुपए की वित्तीय सहायता का आज ऐलान किया। इससे पहले पीएम ने हिमाचल में बाढ़, लैंडस्लाइड और बादल फटने से हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, कांगड़ा में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। (पूरी खबर पढ़ें)
हिमाचल प्रदेश के वर्ल्ड फेमस टूरिस्ट प्लेस मनाली में इन दिनों सन्नाटा सा पसरा हुआ है। हमेशा टूरिस्ट से भरे होटल, पर्यटन स्थल और बस-टैक्सी स्टैंड खाली-खाली नजर आ रहे है। गुरुवार को वॉल्वो स्टैंड में बच्चे क्रिकेट खेलते दिखाई दिए। हमेशा विदेशी टूरिस्ट से भरा रहने वाला ओल्ड मनाली यानि मिनी इजराइल भी खाली पड़ा है। 16 दिनों से यही हालात हैं। इसके पीछे की वजह है हिमाचल में इस मानसून सीजन आई आपदा। सरकारी आंकड़ों की माने तो इस आपदा में पूरे प्रदेश में 4122 करोड़ का नुकसान हुआ है। 370 लोगों की मौत हो चुकी है। 95 जगह बाढ़ और 45 बादल फटने की घटनाएं हुई हैं। बाढ़ और लैंडस्लाइड की चपेट में आए कई लोकल और नेशनल हाईवे अब तक ठीक नहीं हो सके हैं। मनाली, अटल टनल और आसपास के पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाला इकलौता चंडीगढ़-मनाली फोरलेन भी जगह-जगह ब्यास नदी में बह गया है। हालांकि, यह सड़क छोटे वाहनों के लिए अस्थाई तौर पर बहाल कर दी गई है। मगर, वॉल्वो बसों और बड़े वाहनों के लिए अभी भी प्रतिबंध रखा गया है। इन्हीं हालात को देखते हुए टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के चेहरे पर चिंता की लकीरें भी दिखाई देने लगी हैं। इनका कहना है कि इस बार 2023 से ज्यादा नुकसान है। यदि रोड नेटवर्क जल्दी नहीं सुधारा गया तो विंटर टूरिज्म पर भी इसका असर पड़ेगा, जोकि अक्टूबर से मार्च तक चलता है। मनाली में वर्तमान में क्या हैं हालात, कैसी है यहां तक पहुंचने वाली सड़कें, क्या कहते हैं टूरिज्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग, इस विंटर सीजन के लिए सरकार क्या उठा रही कदम और टूरिस्ट के लिए क्या है गाइडलाइन? जैसे सवालों का जवाब जानने के लिए पढ़िए दैनिक भास्कर एप की ग्राउंड रिपोर्ट…. मनाली में आपदा के बाद की 3 PHOTOS…. अब वे सवाल जो पर्यटकों के लिए जानने जरूरी… सवाल: कौन-कौन से हाईवे क्षतिग्रस्त हैं?
जवाब : मंडी के दवाड़ा, 4 मील, 9 मील, पंडोह और कुल्लू-मनाली के बीच कई जगह फोरलेन ब्यास नदी में समा चुका है। यहां पर पहाड़ी से बार बार लैंडस्लाइड भी हो रहा है। थोड़ी राहत की बात यह है कि पांच-छह दिन से मानसून थोड़ा कमजोर पड़ा है। इससे सरकार की ओर से सड़कों को दुरुस्त करने के जो प्रयास चल रहे हैं, उनमें तेजी आने की उम्मीद है। सवाल : मनाली कैसे पहुंच सकते हैं?
जवाब : आमतौर पर चंडीगढ़ से मनाली पहुंचने में लगभग 5 घंटे का वक्त लगता है। मगर, भारी बारिश से जिस तरह सड़कों को नुकसान पहुंचा है, इसके बाद चंडीगढ़ से मनाली पहुंचने में 7 से 8 घंटे का वक्त लग सकता है। यदि कही लैंडस्लाइड हो जाए तो उससे और ज्यादा वक्त इस सफर को करने में लगेगा। सवाल : वॉल्वो बस, निजी वाहन और टैक्सी की क्या व्यवस्था?
जवाब : देशभर से मनाली और आसपास के पर्यटन स्थलों पर आने वाले टूरिस्ट अभी अपने निजी वाहनों से ही आ सकते हैं, क्योंकि वॉल्वो बसों के लिए सड़क बहाल नहीं हो पाई। फिलहाल, हिमाचल प्रदेश सरकार की ओर से जारी की गई एडवाइजरी को देखते हुए ही अपना टूर प्लान करें। सवाल : आपदा का होटल और महंगाई पर कितना असर पड़ा?
जवाब : आपदा से खाने-पीने और होटल के रेट पर कोई असर नहीं पड़ा है। उल्टा कम टूरिस्ट आने की वजह से पर्यटन कारोबारी डिस्काउंट ऑफर कर रहे हैं। इसके अलावा होटलों के कमरों की बुकिंग पर 35 प्रतिशत तक छूट ऑफर की जा रही है। सड़क टूटने की वजह से अभी भी मनाली के होटलों में जीरो ऑक्यूपेंसी है। सवाल : बर्फबारी कब से शुरू होती है?
जवाब : विंटर सीजन में देशभर से टूरिस्ट बर्फ देखते हिमाचल आते हैं। लाहौल स्पीति की ऊंची चोटियों पर कई बार 15 अक्टूबर के आसपास बर्फबारी हो जाती है। वहीं, कुल्लू की ऊंची चोटियों पर दिसंबर के पहले सप्ताह में भी कई बार स्नोफॉल देखने को मिल जाता है। बीते दो सालों के दौरान शिमला, किन्नौर और चंबा के ऊंचे पहाड़ों की तुलना में मनाली और लाहौल स्पीति की चोटियों पर ज्यादा हिमपात हुआ है। सवाल: टूरिस्ट क्या सावधानी बरते?
जवाब : मनाली प्रशासन की ओर से पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। तीन बातों को टूरिस्ट को बेहद खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। अब जानिए पर्यटन कारोबारियों ने क्या बताया. अब जानिए मनाली में बारिश से क्या हुआ नुकसान…. एनएचएआई इंजीनियर बोले- 3-4 दिन में सिंगल लेन रिस्टोर कर लेंगे
एनएचएआई के रेजिडेंट इंजीनियर अशोक चौहान ने बताया कि 11 सितंबर तक कुल्लू से मनाली तक दो जगह क्लॉथ हाउस और बिंदु ढांक के पास एनएच अभी रिस्टोर करने को बचता है। काम ज्यादा है, फिर भी 3 से 4 दिन की भीतर अस्थाई तौर पर सिंगल लेन रिस्टोर करने का प्रयास करेंगे। ——————————- हिमाचल प्रदेश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… PM ने हिमाचल को 1500 करोड़ का पैकेज दिया:मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख, कंगना बोलीं- मोदी की आंखों में आए आंसू हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से 4122 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी भरपाई के लिए आज (मंगलवार) 1500 रुपए की वित्तीय सहायता का आज ऐलान किया। इससे पहले पीएम ने हिमाचल में बाढ़, लैंडस्लाइड और बादल फटने से हुए नुकसान का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद, कांगड़ा में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। (पूरी खबर पढ़ें)