कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर केस में पीड़ित के पिता ने CBI को लेकर गुस्सा और नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने मंगलवार को दावा किया कि CBI को उनकी बेटी के अपराधियों के बारे में पता है, लेकिन एजेंसी सच नहीं बता रही है। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा- CBI ने कोलकाता हाईकोर्ट और सियालदह जिला कोर्ट में दो अलग-अलग रिपोर्ट पेश की है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के जज भी उनकी रिपोर्ट पर यकीन नहीं कर रहे है। हमें CBI पर भरोसा था, लेकिन अब हमें उन पर कोई विश्वास नहीं है। पीड़ित के पिता ने ये भी कहा- मेरी बेटी के दोस्त दो दिन पहले मुझसे मिलने आए। उन्होंने मुझे दिखाया कि मेरी बेटी ने उनके वॉट्सएप ग्रुप से खुद को बाहर किया है। यानी किसी ने मेरी बेटी का फोन एक्सेस किया। उसका फोन CBI के पास है, लेकिन वे इससे इनकार रहे हैं। उसके मोबाइल फोन में सभी जवाब हैं। मुझे अब भारतीय कानून व्यवस्था पर यकीन नहीं है। इस केस के बारे में जानिए… आरजी कर हॉस्पिटल में 8 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को अरेस्ट किया था। इस घटना के बाद कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं। 222 दिन बाद पीड़ित का डेथ सर्टिफिकेट जारी हुआ था
घटना के 222 दिन बाद कोलकाता म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (KMC) ने पीड़ित का डेथ सर्टिफिकेट जारी किया था। 19 मार्च को हेल्थ सेक्रेटरी ने इसे पीड़ित के घर जाकर पेरेंट्स को सौंपा था। इससे पहले 23 फरवरी को पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया था कि कोलकाता नगर निगम डेथ सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रही, जबकि पानीहाटी नगरपालिका बेटी के दाह संस्कार का सर्टिफिकेट जारी कर चुकी है। मनोचिकित्सक ने बताया था- पीड़ित मानसिक तनाव में थी
एक कंसल्टेंट मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने एक बंगाली चैनल के इंटरव्यू में दावा किया था कि पीड़ित को लगातार 36 घंटे ड्यूटी करनी पड़ी थी। उसके साथ शिफ्ट अलॉटमेंट में भेदभाव होता था। उसने दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कई गड़बड़ियां देखी थीं। इसके बाद उसे परेशान किया जा रहा था। रणदीप ने ये भी बताया कि मैंने ट्रेनी डॉक्टर को कुछ सलाह दी थी और फॉलोअप काउंसलिंग के लिए दोबारा आने को कहा था, लेकिन वह नहीं आईं। यदि आवश्यक हुआ तो मैं CBI के सामने गवाही देने के लिए तैयार हूं। ———————————————————- कोलकाता रेप-मर्डर केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कोलकाता रेप-मर्डर केस में संजय रॉय दोषी करार:सजा का ऐलान 20 जनवरी को, संजय बोला- मुझे फंसाया गया, इसमें IPS शामिल कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर केस में सियालदह कोर्ट ने 18 जनवरी को मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया। सजा का ऐलान सोमवार (20 जनवरी) को किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप-मर्डर केस में पीड़ित के पिता ने CBI को लेकर गुस्सा और नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने मंगलवार को दावा किया कि CBI को उनकी बेटी के अपराधियों के बारे में पता है, लेकिन एजेंसी सच नहीं बता रही है। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा- CBI ने कोलकाता हाईकोर्ट और सियालदह जिला कोर्ट में दो अलग-अलग रिपोर्ट पेश की है। यहां तक कि सुप्रीम कोर्ट के जज भी उनकी रिपोर्ट पर यकीन नहीं कर रहे है। हमें CBI पर भरोसा था, लेकिन अब हमें उन पर कोई विश्वास नहीं है। पीड़ित के पिता ने ये भी कहा- मेरी बेटी के दोस्त दो दिन पहले मुझसे मिलने आए। उन्होंने मुझे दिखाया कि मेरी बेटी ने उनके वॉट्सएप ग्रुप से खुद को बाहर किया है। यानी किसी ने मेरी बेटी का फोन एक्सेस किया। उसका फोन CBI के पास है, लेकिन वे इससे इनकार रहे हैं। उसके मोबाइल फोन में सभी जवाब हैं। मुझे अब भारतीय कानून व्यवस्था पर यकीन नहीं है। इस केस के बारे में जानिए… आरजी कर हॉस्पिटल में 8 अगस्त की रात ट्रेनी डॉक्टर का रेप-मर्डर हुआ था। 9 अगस्त की सुबह डॉक्टर की लाश सेमिनार हॉल में मिली थी। CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने संजय रॉय नाम के सिविक वॉलंटियर को 10 अगस्त को अरेस्ट किया था। इस घटना के बाद कोलकाता समेत देशभर में प्रदर्शन हुए। बंगाल में 2 महीने से भी ज्यादा समय तक स्वास्थ्य सेवाएं ठप रही थीं। 222 दिन बाद पीड़ित का डेथ सर्टिफिकेट जारी हुआ था
घटना के 222 दिन बाद कोलकाता म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन (KMC) ने पीड़ित का डेथ सर्टिफिकेट जारी किया था। 19 मार्च को हेल्थ सेक्रेटरी ने इसे पीड़ित के घर जाकर पेरेंट्स को सौंपा था। इससे पहले 23 फरवरी को पीड़ित के परिवार ने आरोप लगाया था कि कोलकाता नगर निगम डेथ सर्टिफिकेट जारी नहीं कर रही, जबकि पानीहाटी नगरपालिका बेटी के दाह संस्कार का सर्टिफिकेट जारी कर चुकी है। मनोचिकित्सक ने बताया था- पीड़ित मानसिक तनाव में थी
एक कंसल्टेंट मनोचिकित्सक मोहित रणदीप ने एक बंगाली चैनल के इंटरव्यू में दावा किया था कि पीड़ित को लगातार 36 घंटे ड्यूटी करनी पड़ी थी। उसके साथ शिफ्ट अलॉटमेंट में भेदभाव होता था। उसने दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कई गड़बड़ियां देखी थीं। इसके बाद उसे परेशान किया जा रहा था। रणदीप ने ये भी बताया कि मैंने ट्रेनी डॉक्टर को कुछ सलाह दी थी और फॉलोअप काउंसलिंग के लिए दोबारा आने को कहा था, लेकिन वह नहीं आईं। यदि आवश्यक हुआ तो मैं CBI के सामने गवाही देने के लिए तैयार हूं। ———————————————————- कोलकाता रेप-मर्डर केस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कोलकाता रेप-मर्डर केस में संजय रॉय दोषी करार:सजा का ऐलान 20 जनवरी को, संजय बोला- मुझे फंसाया गया, इसमें IPS शामिल कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर से रेप और मर्डर केस में सियालदह कोर्ट ने 18 जनवरी को मुख्य आरोपी संजय रॉय को दोषी करार दिया। सजा का ऐलान सोमवार (20 जनवरी) को किया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें…