संभल में भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की जहरीला इंजेक्शन देकर हत्या कर दी गई। वारदात को बाइक से आए 3 युवकों ने अंजाम दिया। इंजेक्शन लगने के बाद गुलफाम सिंह तड़पने लगे। इसके बाद उन्हें CHC ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर अलीगढ़ रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मामला तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव दबथरा हिमाचल का है। हत्या के बाद पुलिस बाइक सवार तीनों युवकों की तलाश में जुटी है। गुलफाम सिंह यादव (65) ने 2004 के विधानसभा उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव के खिलाफ गुन्नौर से चुनाव लड़ा था। पहले 3 तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला
गुलफाम सिंह के घर वालों ने बताया- सोमवार दोपहर वह अपने घर में, जहां उनके पशु बंधे थे, वहीं बैठे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार 3 युवक आए। भाजपा नेता से बातचीत करने के दौरान उनके पेट में जहरीला इंजेक्शन लगा दिया और भाग गए। गुलफाम सिंह के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद उनको इलाज के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर गए। जहां हालत गंभीर पर उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। लेकिन, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। भाजपा नेता की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके समर्थकों का गांव पहुंचना शुरू हो गया है। वहीं, परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद है। एसपी कृष्ण विश्नोई भी मौके पर हैं। लोगों से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया- भाजपा नेता की हत्या की गई है। उनको जहरीला इंजेक्शन दिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। आसपास के CCTV खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पत्नी प्रधान, बेटा पूर्व ब्लॉक प्रमुख
गुलफाम सिंह यादव अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव- 2022 में संभल विधानसभा के प्रभारी थे। इसके पहले लोकसभा चुनाव में भी प्रभारी रह चुके हैं। पत्नी जावित्री लगातार 3 बार से गांव की प्रधान हैं। उनके 8 बच्चे हैं। इनमें 2 बेटे और 6 बेटियां हैं। सभी बेटियों की शादी हो गई है। दो बेटे दिव्य प्रकाश यादव और विकास यादव हैं। छोटे बेटे विकास की शादी हो गई है। वह घर पर रहकर खेती करता है। वहीं बड़े बेटे ने शादी नहीं की है। वह पिता के साथ राजनीति करता है। दिव्य प्रकाश जुनावई ब्लॉक प्रमुख रह चुका है। 2004 के उपचुनाव में हार गए थे गुलफाम
संभल जिले में 4 विधानसभा सीटें हैं- गुन्नौर, असमोली, संभल और चंदौसी (अनुसूचित जाति)। गुन्नौर विधानसभा सीट यादव बहुल है। 2004 में इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए। तब सपा के कद्दावर नेता शफीकुर्रहमान बर्क ने जातीय समीकरण साधते हुए यहां से मुलायम सिंह यादव से चुनाव लड़ने की अपील की। मुलायम सिंह यादव यहां से मैदान में उतरे। उनके सामने भाजपा के गुलफाम सिंह यादव और बसपा के आरिफ अली थे। उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव को कुल 91.77% यानी 1 लाख 95 हजार 213 वोट मिले। गुलफाम सिंह यादव को मात्र 6 हजार 941 वोट मिले। दूसरे नंबर पर बसपा के आरिफ अली रहे थे, जिन्हें 11 हजार 314 वोट मिले थे। ———————— ये खबर भी पढ़ें… अयोध्या में सुहागरात पर पत्नी को मारकर फंदे पर लटका, पत्नी पर शक था, अपने दूसरे नंबर से खुद को मैसेज कर उससे सच जानना चाहता था अयोध्या में सुहागरात पर पति-पत्नी की लाश मिली। पहले इसे सुसाइड समझा जा रहा था, लेकिन ये सुसाइड नहीं, बल्कि हत्या के बाद सुसाइड है। पति ने पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या की, फिर खुद फांसी लगा ली। ये खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ है। CO शैलेंद्र सिंह के मुताबिक- प्रदीप के मोबाइल में एक मैसेज मिला है, जो उसने खुद अपने दूसरे नंबर से किया था। आशंका है कि मैसेज के माध्यम से वह पत्नी शिवानी से उसके पुराने रिलेशनशिप को जानने की कोशिश कर रहा था। शिवानी अपने मायके से मोबाइल नहीं लाई थीं। पढ़ें पूरी खबर…
संभल में भाजपा नेता गुलफाम सिंह यादव की जहरीला इंजेक्शन देकर हत्या कर दी गई। वारदात को बाइक से आए 3 युवकों ने अंजाम दिया। इंजेक्शन लगने के बाद गुलफाम सिंह तड़पने लगे। इसके बाद उन्हें CHC ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर अलीगढ़ रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। मामला तहसील गुन्नौर के थाना जुनावई क्षेत्र के गांव दबथरा हिमाचल का है। हत्या के बाद पुलिस बाइक सवार तीनों युवकों की तलाश में जुटी है। गुलफाम सिंह यादव (65) ने 2004 के विधानसभा उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव के खिलाफ गुन्नौर से चुनाव लड़ा था। पहले 3 तस्वीरें… अब जानिए पूरा मामला
गुलफाम सिंह के घर वालों ने बताया- सोमवार दोपहर वह अपने घर में, जहां उनके पशु बंधे थे, वहीं बैठे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार 3 युवक आए। भाजपा नेता से बातचीत करने के दौरान उनके पेट में जहरीला इंजेक्शन लगा दिया और भाग गए। गुलफाम सिंह के चीखने-चिल्लाने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। इसके बाद उनको इलाज के लिए पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) लेकर गए। जहां हालत गंभीर पर उन्हें अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। लेकिन, रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। भाजपा नेता की मौत की सूचना मिलने के बाद उनके समर्थकों का गांव पहुंचना शुरू हो गया है। वहीं, परिजनों का भी रो-रोकर बुरा हाल है। मौके पर भारी पुलिस फोर्स मौजूद है। एसपी कृष्ण विश्नोई भी मौके पर हैं। लोगों से पूछताछ की जा रही है। एसपी ने बताया- भाजपा नेता की हत्या की गई है। उनको जहरीला इंजेक्शन दिया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। आसपास के CCTV खंगाले जा रहे हैं। आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। पत्नी प्रधान, बेटा पूर्व ब्लॉक प्रमुख
गुलफाम सिंह यादव अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य रह चुके हैं। विधानसभा चुनाव- 2022 में संभल विधानसभा के प्रभारी थे। इसके पहले लोकसभा चुनाव में भी प्रभारी रह चुके हैं। पत्नी जावित्री लगातार 3 बार से गांव की प्रधान हैं। उनके 8 बच्चे हैं। इनमें 2 बेटे और 6 बेटियां हैं। सभी बेटियों की शादी हो गई है। दो बेटे दिव्य प्रकाश यादव और विकास यादव हैं। छोटे बेटे विकास की शादी हो गई है। वह घर पर रहकर खेती करता है। वहीं बड़े बेटे ने शादी नहीं की है। वह पिता के साथ राजनीति करता है। दिव्य प्रकाश जुनावई ब्लॉक प्रमुख रह चुका है। 2004 के उपचुनाव में हार गए थे गुलफाम
संभल जिले में 4 विधानसभा सीटें हैं- गुन्नौर, असमोली, संभल और चंदौसी (अनुसूचित जाति)। गुन्नौर विधानसभा सीट यादव बहुल है। 2004 में इस विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए। तब सपा के कद्दावर नेता शफीकुर्रहमान बर्क ने जातीय समीकरण साधते हुए यहां से मुलायम सिंह यादव से चुनाव लड़ने की अपील की। मुलायम सिंह यादव यहां से मैदान में उतरे। उनके सामने भाजपा के गुलफाम सिंह यादव और बसपा के आरिफ अली थे। उपचुनाव में मुलायम सिंह यादव को कुल 91.77% यानी 1 लाख 95 हजार 213 वोट मिले। गुलफाम सिंह यादव को मात्र 6 हजार 941 वोट मिले। दूसरे नंबर पर बसपा के आरिफ अली रहे थे, जिन्हें 11 हजार 314 वोट मिले थे। ———————— ये खबर भी पढ़ें… अयोध्या में सुहागरात पर पत्नी को मारकर फंदे पर लटका, पत्नी पर शक था, अपने दूसरे नंबर से खुद को मैसेज कर उससे सच जानना चाहता था अयोध्या में सुहागरात पर पति-पत्नी की लाश मिली। पहले इसे सुसाइड समझा जा रहा था, लेकिन ये सुसाइड नहीं, बल्कि हत्या के बाद सुसाइड है। पति ने पहले पत्नी की गला दबाकर हत्या की, फिर खुद फांसी लगा ली। ये खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में हुआ है। CO शैलेंद्र सिंह के मुताबिक- प्रदीप के मोबाइल में एक मैसेज मिला है, जो उसने खुद अपने दूसरे नंबर से किया था। आशंका है कि मैसेज के माध्यम से वह पत्नी शिवानी से उसके पुराने रिलेशनशिप को जानने की कोशिश कर रहा था। शिवानी अपने मायके से मोबाइल नहीं लाई थीं। पढ़ें पूरी खबर…