हरियाणा के राज्यगीत को लेकर लॉन्चिंग से पहले ही विवाद हो गया है। राज्यगीत फाइनल होते ही इसकी जानकारी बाहर आई तो सोनीपत की लेखक-अभिनेत्री गीतू परी ने इसके लिरिक्स पर अपना दावा ठोका है। परी ने कहा कि राज्य गीत में लिखे लिरिक्स उनके गीत से मिलते-जुलते हैं। हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि प्रदेश का अपना राज्य गीत लॉन्च हो रहा है, लेकिन गीत में लिरिक्स उनके हैं तो उन्हें भी क्रेडिट दिया जाना चाहिए। बता दें कि राज्यगीत को सरकार की कमेटी फाइनल कर चुकी है। अब इसे विधानसभा के 7 मार्च से शुरू हुए बजट सेशन में ही पास किया जाना है। सबसे पहले कमेटी का फाइनल राज्यगीत पढ़िए… लेखिका-अभिनेत्री के गीतू परी का गीत… गीतू परी के गीत कॉपी करने काे लेकर 3 दावे… 1. जय-जय हरियाणा टाइटल कॉपी किया
गीतू परी ने कहा- मैंने यह गीत 29 जनवरी 2024 को लिखा था। राज्यगीत का टाइटल मेरे लिखे गीत जैसा है। मैंने उसमें 2 बार जय-जय लिखा था, लेकिन राज्यगीत में इसे 3 बार कर दिया गया। हालांकि, यह लाइन काफी मिलती-जुलती है। 2. राज्यगीत के लिरिक्स मेरे गीत जैसे
मैंने बालकिशन शर्मा द्वारा लिखा हुआ राज्यगीत मीडिया में पढ़ा। तब मैंने देखा कि उसके लिरिक्स मेरे गीत से काफी मिलते-जुलते हैं। राज्यगीत के लिए मेरे गाने से बहुत सारे लिरिक्स उठाए गए हैं। 3. अंतरे उठाए, कई ज्यों के त्यों ही
मेरे गीत के बहुत सारे अंतरे उठाए गए हैं। दीपावली, मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा शब्द भी मेरे लिरिक्स से उठाए गए हैं। मैंने अपने गीत में हरियाणवी सयानी नार के बारे में भी लिखा हुआ है और उसके लिरिक्स ज्यों के त्यों उठाए गए हैं। गीतू परी ने कहा- गीत लिखने में मेहनत लगती है
गीतू परी ने कहा कि इस गाने को लिखने में मेरी मेहनत लगी है। ऐसे में मुझे भी उसमें क्रेडिट दिया जाना चाहिए। कहीं न कहीं यह राज्यगीत मेरे गीत की कॉपी है। मेरे साथ न्याय होना चाहिए। विधानसभा की कमेटी ने फाइनल किया राज्यगीत
हरियाणा विधानसभा ने राज्य गीत फाइनल करने के लिए कमेटी बनाई थी, जिसमें रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को अध्यक्ष बनाया गया। इनके अलावा, झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कमेटी के पास 204 गीत पहुंचे थे। इनमें से कमेटी ने 3 गीत सिलेक्ट किए। आखिरी मंथन के बाद ‘जय जय जय हरियाणा’ गीत को फाइनल किया गया। पानीपत के डॉ. शर्मा ने लिखा, रोहतक की मालविका ने डायरेक्ट किया
कमेटी के मुताबिक, राज्यगीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। 3 मिनट के इस गीत में 21 लाइनें हैं। जिनमें 21 लाइनों में कुरुक्षेत्र की धरती, किसानों, खिलाड़ियों, सैनिकों और दूध दही के खाने का जिक्र किया गया है। इस गीत के सिंगर डॉ. श्याम शर्मा और कंपोजर पारस चोपड़ा हैं। वहीं, रोहतक की मालविका पंडित ने इसे डायरेक्ट किया है। पहले इसे बॉलीवुड सिंगर कैलाश खैर ने गाना था लेकिन उनकी आवाज में हरियाणवी टच न होने पर डॉ. श्याम शर्मा ने आवाज दी है।
हरियाणा के राज्यगीत को लेकर लॉन्चिंग से पहले ही विवाद हो गया है। राज्यगीत फाइनल होते ही इसकी जानकारी बाहर आई तो सोनीपत की लेखक-अभिनेत्री गीतू परी ने इसके लिरिक्स पर अपना दावा ठोका है। परी ने कहा कि राज्य गीत में लिखे लिरिक्स उनके गीत से मिलते-जुलते हैं। हरियाणा के लिए गर्व की बात है कि प्रदेश का अपना राज्य गीत लॉन्च हो रहा है, लेकिन गीत में लिरिक्स उनके हैं तो उन्हें भी क्रेडिट दिया जाना चाहिए। बता दें कि राज्यगीत को सरकार की कमेटी फाइनल कर चुकी है। अब इसे विधानसभा के 7 मार्च से शुरू हुए बजट सेशन में ही पास किया जाना है। सबसे पहले कमेटी का फाइनल राज्यगीत पढ़िए… लेखिका-अभिनेत्री के गीतू परी का गीत… गीतू परी के गीत कॉपी करने काे लेकर 3 दावे… 1. जय-जय हरियाणा टाइटल कॉपी किया
गीतू परी ने कहा- मैंने यह गीत 29 जनवरी 2024 को लिखा था। राज्यगीत का टाइटल मेरे लिखे गीत जैसा है। मैंने उसमें 2 बार जय-जय लिखा था, लेकिन राज्यगीत में इसे 3 बार कर दिया गया। हालांकि, यह लाइन काफी मिलती-जुलती है। 2. राज्यगीत के लिरिक्स मेरे गीत जैसे
मैंने बालकिशन शर्मा द्वारा लिखा हुआ राज्यगीत मीडिया में पढ़ा। तब मैंने देखा कि उसके लिरिक्स मेरे गीत से काफी मिलते-जुलते हैं। राज्यगीत के लिए मेरे गाने से बहुत सारे लिरिक्स उठाए गए हैं। 3. अंतरे उठाए, कई ज्यों के त्यों ही
मेरे गीत के बहुत सारे अंतरे उठाए गए हैं। दीपावली, मस्जिद, मंदिर, गुरुद्वारा शब्द भी मेरे लिरिक्स से उठाए गए हैं। मैंने अपने गीत में हरियाणवी सयानी नार के बारे में भी लिखा हुआ है और उसके लिरिक्स ज्यों के त्यों उठाए गए हैं। गीतू परी ने कहा- गीत लिखने में मेहनत लगती है
गीतू परी ने कहा कि इस गाने को लिखने में मेरी मेहनत लगी है। ऐसे में मुझे भी उसमें क्रेडिट दिया जाना चाहिए। कहीं न कहीं यह राज्यगीत मेरे गीत की कॉपी है। मेरे साथ न्याय होना चाहिए। विधानसभा की कमेटी ने फाइनल किया राज्यगीत
हरियाणा विधानसभा ने राज्य गीत फाइनल करने के लिए कमेटी बनाई थी, जिसमें रेवाड़ी से भाजपा विधायक लक्ष्मण सिंह यादव को अध्यक्ष बनाया गया। इनके अलावा, झज्जर से कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, हांसी से भाजपा विधायक विनोद भयाना, फतेहाबाद से कांग्रेस विधायक बलवान सिंह दौलतपुरिया और रानियां से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कमेटी के पास 204 गीत पहुंचे थे। इनमें से कमेटी ने 3 गीत सिलेक्ट किए। आखिरी मंथन के बाद ‘जय जय जय हरियाणा’ गीत को फाइनल किया गया। पानीपत के डॉ. शर्मा ने लिखा, रोहतक की मालविका ने डायरेक्ट किया
कमेटी के मुताबिक, राज्यगीत को पानीपत के डॉ. बालकिशन शर्मा ने लिखा है। 3 मिनट के इस गीत में 21 लाइनें हैं। जिनमें 21 लाइनों में कुरुक्षेत्र की धरती, किसानों, खिलाड़ियों, सैनिकों और दूध दही के खाने का जिक्र किया गया है। इस गीत के सिंगर डॉ. श्याम शर्मा और कंपोजर पारस चोपड़ा हैं। वहीं, रोहतक की मालविका पंडित ने इसे डायरेक्ट किया है। पहले इसे बॉलीवुड सिंगर कैलाश खैर ने गाना था लेकिन उनकी आवाज में हरियाणवी टच न होने पर डॉ. श्याम शर्मा ने आवाज दी है।