पवित्र रमजान की सोमवार से शुरुआत हुई। इस बीच सोशल मीडिया पर रमजान में सिर्फ मुस्लिम दुकानदारों से सामान खरीदने का मैसेज वायरल हो रहा है। इसे लेकर मध्यप्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसे नफरती लोगों का काम बताया। वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिंदुओं को चुनौती मत दो। अगर चुनौती दी तो मुसीबत में पड़ जाओगे। सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम
बता दें कि रमज़ान के महीने में 30 दिन तक रोज़ेदार अल्लाह की इबादत कर ईद का त्योहार मनाकर रमजान पूरा करेंगे। सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों के द्वारा एक कैंपेन चलाया जा रहा है। जिसमें केवल मुस्लिम दुकानदारों से सामान खरीदने की अपील हो रही है। ऐसे मैसेज हो रहे वायरल
इबरार अहमद नाम से एक X यूज़र ने अपने हैंडल पर लिखा ‘Assalamualaikum, हम सबकी खुश नसीबी रमज़ान का मुबारक महीना आ गया है। साथियों रमज़ान मुबारक खरीदारी देखभाल कर करें। ख़ास तौर पर उन लोगों से खरीदें जो आपकी खरीदारी से अपना रमज़ान और ईद खुशी के साथ मना सके। अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त रमज़ान की बरकत से हमारे गुनाह माफ फरमाये। आमीन।। तनवीर नाम के X यूजर ने लिखा- हिंद के सभी मुस्लिम भाई बहन को #RamadanMubarak, बस आप सभी करोड़ों मुस्लिम भाई-बहन से इतनी ही गुजारिश करनी है कि इफ्तार का सामान सिर्फ और सिर्फ अपने मुस्लिम भाई से ख़रीदें। किसी हिंदू के दुकान या ठेले से गलती से भी इफ्तार का सामान न ख़रीदें। यह लोग आपको कुछ भी खिला सकते है नफरत में। कांग्रेस विधायक बोले- ये मुस्लिम समाज का फैसला नहीं
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि, कुछ न्यूज चैनल्स पर ये खबर चल रही है कि, मुस्लिम समाज के लोग दूसरे समाज के लोगों से कोई खरीदारी न करें। अभी मुस्लिम तंजीम, न ही उलेमा इकराम ने कोई फैसला लिया है। ये किसी व्यक्ति विशेष का हो सकता है। हिन्दू बायकाट कर देगा तो मुश्किल हो जाएगी
रामेश्वर शर्मा ने कहा- ये ध्यान रखिए कि ये देश बाबा साहब के संविधान से चलता है। ये देश मान बिंदुओं से चलता है। इस देश में यदि हिन्दू आपका बायकाट कर देगा तो मुश्किल हो जाएगी। हिन्दू सबको जीने का अधिकार देता है। हिन्दू सबके सुख की कामना करता है। संगम का तट अलग है। संगम और रमजान एक दम नहीं हो सकता। आगे उन्होंने कहा रमजान तो गली-गली, चौक-चौराहे पर मनाए जाने वाला पर्व है। जहां मुसलमान हैं, वहां नमाज पढ़ेगा और अपने रोजे खोलेगा। वो संगम की भूमि नहीं है। संगम की भूमि तो एक छत्र सनातनियों की है, क्योंकि वहां सनातनी इकट्ठे हो रहे हैं। साधु-संत, नागा, दिगंबर सन्यासी इकट्ठे हो रहे हैं। वहां गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। सुबह से वेद मंत्र उच्चारण हो रहे हैं, इसलिए वह अलग पर्व था, यह अलग पर्व है। लेकिन इस पर्व पर भी अगर आप यह मुहिम चलाओगे तो यह ठीक नहीं है।
पवित्र रमजान की सोमवार से शुरुआत हुई। इस बीच सोशल मीडिया पर रमजान में सिर्फ मुस्लिम दुकानदारों से सामान खरीदने का मैसेज वायरल हो रहा है। इसे लेकर मध्यप्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई है। भोपाल में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसे नफरती लोगों का काम बताया। वहीं भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि हिंदुओं को चुनौती मत दो। अगर चुनौती दी तो मुसीबत में पड़ जाओगे। सोशल मीडिया पर चल रही मुहिम
बता दें कि रमज़ान के महीने में 30 दिन तक रोज़ेदार अल्लाह की इबादत कर ईद का त्योहार मनाकर रमजान पूरा करेंगे। सोशल मीडिया पर भी कुछ लोगों के द्वारा एक कैंपेन चलाया जा रहा है। जिसमें केवल मुस्लिम दुकानदारों से सामान खरीदने की अपील हो रही है। ऐसे मैसेज हो रहे वायरल
इबरार अहमद नाम से एक X यूज़र ने अपने हैंडल पर लिखा ‘Assalamualaikum, हम सबकी खुश नसीबी रमज़ान का मुबारक महीना आ गया है। साथियों रमज़ान मुबारक खरीदारी देखभाल कर करें। ख़ास तौर पर उन लोगों से खरीदें जो आपकी खरीदारी से अपना रमज़ान और ईद खुशी के साथ मना सके। अल्लाह रब्बुल इज़्ज़त रमज़ान की बरकत से हमारे गुनाह माफ फरमाये। आमीन।। तनवीर नाम के X यूजर ने लिखा- हिंद के सभी मुस्लिम भाई बहन को #RamadanMubarak, बस आप सभी करोड़ों मुस्लिम भाई-बहन से इतनी ही गुजारिश करनी है कि इफ्तार का सामान सिर्फ और सिर्फ अपने मुस्लिम भाई से ख़रीदें। किसी हिंदू के दुकान या ठेले से गलती से भी इफ्तार का सामान न ख़रीदें। यह लोग आपको कुछ भी खिला सकते है नफरत में। कांग्रेस विधायक बोले- ये मुस्लिम समाज का फैसला नहीं
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि, कुछ न्यूज चैनल्स पर ये खबर चल रही है कि, मुस्लिम समाज के लोग दूसरे समाज के लोगों से कोई खरीदारी न करें। अभी मुस्लिम तंजीम, न ही उलेमा इकराम ने कोई फैसला लिया है। ये किसी व्यक्ति विशेष का हो सकता है। हिन्दू बायकाट कर देगा तो मुश्किल हो जाएगी
रामेश्वर शर्मा ने कहा- ये ध्यान रखिए कि ये देश बाबा साहब के संविधान से चलता है। ये देश मान बिंदुओं से चलता है। इस देश में यदि हिन्दू आपका बायकाट कर देगा तो मुश्किल हो जाएगी। हिन्दू सबको जीने का अधिकार देता है। हिन्दू सबके सुख की कामना करता है। संगम का तट अलग है। संगम और रमजान एक दम नहीं हो सकता। आगे उन्होंने कहा रमजान तो गली-गली, चौक-चौराहे पर मनाए जाने वाला पर्व है। जहां मुसलमान हैं, वहां नमाज पढ़ेगा और अपने रोजे खोलेगा। वो संगम की भूमि नहीं है। संगम की भूमि तो एक छत्र सनातनियों की है, क्योंकि वहां सनातनी इकट्ठे हो रहे हैं। साधु-संत, नागा, दिगंबर सन्यासी इकट्ठे हो रहे हैं। वहां गंगा में डुबकी लगा रहे हैं। सुबह से वेद मंत्र उच्चारण हो रहे हैं, इसलिए वह अलग पर्व था, यह अलग पर्व है। लेकिन इस पर्व पर भी अगर आप यह मुहिम चलाओगे तो यह ठीक नहीं है।