तेलंगाना के नागरकुर्नूल में सुरंग ढहने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन का आज (3 मार्च) 10वां दिन है। वैज्ञानिकों का सुझाव था कि अंदर फंसे हुए 8 लोगों को निकालने के लिए नई जगह तलाशनी चाहिए। लिहाजा रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए खुदाई के लिए नई जगह ढूंढी जा रही है। हैदराबाद स्थित नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) ने सुरंग के अंदर लोगों का पता लगाने के लिए ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार सर्वे किया था। इसमें सिर्फ मेटल का पता चला। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को सुरंग स्थल का दौरा किया और बचाव अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा- 8 फंसे हुए मजदूरों का सही स्थान अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है, ताकि बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके। जैसे ही कन्वेयर बेल्ट की मरम्मत पूरी हो जाएगी बचाव कार्य में तेजी आएगी। कन्वेयर बेल्ट सिल्ट निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसकी मरम्मत सोमवार तक पूरी हो जाने की उम्मीद है। के कविता बोली- मजदूरों को बचाने के लिए सरकार ने कोशिश नहीं की भारत राष्ट्र समिति (BRS) की MLC के कविता ने सोमवार को तेलंगाना सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि SLBC टनल हादसे में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए सरकार ने पूरी कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी कहा- यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि कई राज्यों के मजदूर कई दिनों से फंसे हैं। बचाव कार्य और बेहतर समन्वय के साथ किया जा सकता था। मुझे लगता है कि राज्य सरकार ने अपनी पूरी ताकत नहीं लगाई। मुख्यमंत्री घटना के सात दिन बाद पहुंचे और वहां भी उन्होंने राजनीतिक भाषण दिया। फंसे लोगों के परिजन बोले- अंदर की कोई खबर नहीं टनल के अंदर फंसे पंजाब के गुरप्रीत सिंह के चाचा ने बताया था, अंदर की कोई खबर नहीं है। सरकार से निवेदन है कि हमें जल्दी बताया जाए कि सरकार कब तक उन्हें बाहर निकालेगी। उन्होंने कहा कि गांव में हमारे परिवार के लोग परेशान हैं और खाना नहीं खा रहे हैं। हम लोग चाह रहे थे कि टनल के अंदर जाकर देखे कि हालात क्या है। मुझे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। बोल रहे हैं कि जो टीमें अंदर जा रही हैं, वहीं बताएंगे कि अंदर क्या हो रहा है। झारखंड के संतोष साहू के परिजन सरवन ने बताया कि 22 फरवरी को जानकारी मिली थी कि मेरे जीजा टनल में फंस गए हैं। घटना के बाद से हमें कोई जानकारी नहीं मिली है कि वो ठीक हैं या नहीं। हम लोग उम्मीद लगा के बैठे हैं कि कब वो बाहर निकलें और उन्हें घर लेकर जाएं। तेलंगाना सरकार काम तो कर रही है। तेलंगाना सरकार से गुजारिश है कि वे जल्द से जल्द उन्हें बाहर निकाले और हमें उन्हें घर ले कर जाएं। हमारी झारखंड सरकार ने भी दो ऑफिसर को यहां भेजा है। ये लोग भी हमारी सहायता कर रहे हैं। ———————————————- यह खबर भी पढ़ें…. तेलंगाना टनल हादसा, 8 मजदूरों के रेस्क्यू का 9वां दिन:CM ने घटना स्थल का दौरा किया; भाजपा बोली- सरकार की लापरवाही से हादसा हुआ तेलंगाना के नागरकुर्नूल में निर्माणाधीन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल में फंसे 8 मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का रविवार को 9वां दिन है। 22 फरवरी को सुरंग का एक हिस्सा ढहने के बाद से बचाव कार्य जारी है। पूरी खबर पढ़ें
तेलंगाना के नागरकुर्नूल में सुरंग ढहने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन का आज (3 मार्च) 10वां दिन है। वैज्ञानिकों का सुझाव था कि अंदर फंसे हुए 8 लोगों को निकालने के लिए नई जगह तलाशनी चाहिए। लिहाजा रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए खुदाई के लिए नई जगह ढूंढी जा रही है। हैदराबाद स्थित नेशनल जियोफिजिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट (NGRI) ने सुरंग के अंदर लोगों का पता लगाने के लिए ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार सर्वे किया था। इसमें सिर्फ मेटल का पता चला। मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रविवार को सुरंग स्थल का दौरा किया और बचाव अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा- 8 फंसे हुए मजदूरों का सही स्थान अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन सरकार सभी जरूरी कदम उठा रही है, ताकि बचाव कार्य में तेजी लाई जा सके। जैसे ही कन्वेयर बेल्ट की मरम्मत पूरी हो जाएगी बचाव कार्य में तेजी आएगी। कन्वेयर बेल्ट सिल्ट निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसकी मरम्मत सोमवार तक पूरी हो जाने की उम्मीद है। के कविता बोली- मजदूरों को बचाने के लिए सरकार ने कोशिश नहीं की भारत राष्ट्र समिति (BRS) की MLC के कविता ने सोमवार को तेलंगाना सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि SLBC टनल हादसे में फंसे मजदूरों को बचाने के लिए सरकार ने पूरी कोशिश नहीं की। उन्होंने यह भी कहा- यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है कि कई राज्यों के मजदूर कई दिनों से फंसे हैं। बचाव कार्य और बेहतर समन्वय के साथ किया जा सकता था। मुझे लगता है कि राज्य सरकार ने अपनी पूरी ताकत नहीं लगाई। मुख्यमंत्री घटना के सात दिन बाद पहुंचे और वहां भी उन्होंने राजनीतिक भाषण दिया। फंसे लोगों के परिजन बोले- अंदर की कोई खबर नहीं टनल के अंदर फंसे पंजाब के गुरप्रीत सिंह के चाचा ने बताया था, अंदर की कोई खबर नहीं है। सरकार से निवेदन है कि हमें जल्दी बताया जाए कि सरकार कब तक उन्हें बाहर निकालेगी। उन्होंने कहा कि गांव में हमारे परिवार के लोग परेशान हैं और खाना नहीं खा रहे हैं। हम लोग चाह रहे थे कि टनल के अंदर जाकर देखे कि हालात क्या है। मुझे अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। बोल रहे हैं कि जो टीमें अंदर जा रही हैं, वहीं बताएंगे कि अंदर क्या हो रहा है। झारखंड के संतोष साहू के परिजन सरवन ने बताया कि 22 फरवरी को जानकारी मिली थी कि मेरे जीजा टनल में फंस गए हैं। घटना के बाद से हमें कोई जानकारी नहीं मिली है कि वो ठीक हैं या नहीं। हम लोग उम्मीद लगा के बैठे हैं कि कब वो बाहर निकलें और उन्हें घर लेकर जाएं। तेलंगाना सरकार काम तो कर रही है। तेलंगाना सरकार से गुजारिश है कि वे जल्द से जल्द उन्हें बाहर निकाले और हमें उन्हें घर ले कर जाएं। हमारी झारखंड सरकार ने भी दो ऑफिसर को यहां भेजा है। ये लोग भी हमारी सहायता कर रहे हैं। ———————————————- यह खबर भी पढ़ें…. तेलंगाना टनल हादसा, 8 मजदूरों के रेस्क्यू का 9वां दिन:CM ने घटना स्थल का दौरा किया; भाजपा बोली- सरकार की लापरवाही से हादसा हुआ तेलंगाना के नागरकुर्नूल में निर्माणाधीन श्रीशैलम लेफ्ट बैंक कैनाल (SLBC) टनल में फंसे 8 मजदूरों के रेस्क्यू ऑपरेशन का रविवार को 9वां दिन है। 22 फरवरी को सुरंग का एक हिस्सा ढहने के बाद से बचाव कार्य जारी है। पूरी खबर पढ़ें