हरियाणा के पूर्व सहकारिता मंत्री और 2 बार विधायक रहे सतपाल सांगवान का सोमवार (3 मार्च) को निधन हो गया। लिवर कैंसर की वजह से वह अस्वस्थ चल रहे थे। तड़के 2.45 बजे पर उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। कल मुख्यमंत्री नायब सैनी उन्हें अस्पताल में मिलने पहुंचे थे। आज सुबह साढ़े 8 बजे उनका पार्थिव शरीर चरखी दादरी के लोहारू रोड स्थित उनके निवास स्थान पर लाया गया। यहां लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। दोपहर 3 बजे दादरी से अंतिम यात्रा निकाली गई। शाम को चंदेनी गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। यहां विधायक बेटे सुनील सांगवान ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, पूर्व मंत्री जेपी दलाल, बाढड़ा से भाजपा विधायक उमेद पातुवास, उचाना से विधायक देवेंद्र अत्री और भिवानी महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह समेत अन्य नेता शामिल हुए। सतपाल सांगवान को पूर्व CM चौधरी बंसीलाल ने राजनीति में एंट्री दिलाई थी। वह बंसीलाल के करीबी थे और भारी शरीर के कारण बंसीलाल उन्हें बुलडोजर कहकर बुलाते थे। एक महीने बेटी का निधन हुआ था
इससे पहले 28 जनवरी को सतपाल सांगवान की बेटी उषा सांगवान का निधन हो गया था। वह अपने पिता पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान का हालचाल जानने के लिए दादरी आई थीं। रात को खाना खाने के बाद वह सो गईं। जब सुबह देर तक नहीं उठीं तो तो परिवार के लोग उन्हें जगाने के लिए पहुंचे। इसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया। चेकअप के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों को शक है कि उनका हार्ट फेल हुआ है। उषा करनाल के सेक्टर-7 की रहने वाली थीं। वह सरकारी टीचर थीं, करीब डेढ़ साल पहले ही वो रिटायर हुईं थी। परिवार के मुताबिक बेटी के निधन के बाद पिता की तबीयत और खराब होती चली गई थी। सतपाल सांगवान के निधन और अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स नीचे ब्लॉग में पढ़ें…
हरियाणा के पूर्व सहकारिता मंत्री और 2 बार विधायक रहे सतपाल सांगवान का सोमवार (3 मार्च) को निधन हो गया। लिवर कैंसर की वजह से वह अस्वस्थ चल रहे थे। तड़के 2.45 बजे पर उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अंतिम सांस ली। कल मुख्यमंत्री नायब सैनी उन्हें अस्पताल में मिलने पहुंचे थे। आज सुबह साढ़े 8 बजे उनका पार्थिव शरीर चरखी दादरी के लोहारू रोड स्थित उनके निवास स्थान पर लाया गया। यहां लोगों ने उनके अंतिम दर्शन किए। दोपहर 3 बजे दादरी से अंतिम यात्रा निकाली गई। शाम को चंदेनी गांव में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ। यहां विधायक बेटे सुनील सांगवान ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार में कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह, पूर्व मंत्री जेपी दलाल, बाढड़ा से भाजपा विधायक उमेद पातुवास, उचाना से विधायक देवेंद्र अत्री और भिवानी महेंद्रगढ़ से भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह समेत अन्य नेता शामिल हुए। सतपाल सांगवान को पूर्व CM चौधरी बंसीलाल ने राजनीति में एंट्री दिलाई थी। वह बंसीलाल के करीबी थे और भारी शरीर के कारण बंसीलाल उन्हें बुलडोजर कहकर बुलाते थे। एक महीने बेटी का निधन हुआ था
इससे पहले 28 जनवरी को सतपाल सांगवान की बेटी उषा सांगवान का निधन हो गया था। वह अपने पिता पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान का हालचाल जानने के लिए दादरी आई थीं। रात को खाना खाने के बाद वह सो गईं। जब सुबह देर तक नहीं उठीं तो तो परिवार के लोग उन्हें जगाने के लिए पहुंचे। इसके बाद डॉक्टरों को बुलाया गया। चेकअप के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। डॉक्टरों को शक है कि उनका हार्ट फेल हुआ है। उषा करनाल के सेक्टर-7 की रहने वाली थीं। वह सरकारी टीचर थीं, करीब डेढ़ साल पहले ही वो रिटायर हुईं थी। परिवार के मुताबिक बेटी के निधन के बाद पिता की तबीयत और खराब होती चली गई थी। सतपाल सांगवान के निधन और अंतिम संस्कार से जुड़े अपडेट्स नीचे ब्लॉग में पढ़ें…