हरियाणा के बिजली एवं परिवहन मंत्री अनिल विज और पार्टी अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के बीच की नाराजगी के बीच तस्वीरें सामने आई हैं। इनमें विज और बड़ौली एक किनारे होकर बातचीत करते नजर आ रहे हैं। किसी बात पर दोनों खिलखिलाकर हंस भी रहे हैं। इसके बाद उन्होंने साथ बैठकर खाना भी खाया। जींद में भाजपा नेता की भतीजी के शादी समारोह से ये तस्वीरें सामने आईं। बता दें कि अनिल विज ने पिछले डेढ़ महीने में अपनी ही सरकार और पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। एक तरफ विज ने CM नायब सैनी के सरकार बनने के बाद उड़नखटोले में रहने की बात की। वहीं दूसरी तरफ हिमाचल में दर्ज हुए गैंगरेप केस में 2 बार अध्यक्ष बड़ौली का इस्तीफा मांग लिया। जिसके बाद बड़ौली ने उन्हें नोटिस तक जारी कर दिया। दरअसल, शुक्रवार को जींद के ढाठरथ गांव में भाजपा नेता प्रमोद कौशिक की भतीजी की शादी थी। इस समारोह में अनिल विज पहुंचे हुए थे। तभी जुलाना के दौरे पर निकले भाजपा अध्यक्ष मोहन बड़ौली भी वहां आ गए। वहां दोनों के बीच अच्छे माहौल में मुलाकात हुई। दोनों बातचीत करते हुए सबसे अलग जाकर खड़े हो गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने घेरा बना लिया और किसी को उनके पास नहीं जाने दिया। इस दौरान बीच में किसी बात पर दोनों हंसते हुए भी नजर आए। करीब एक घंटे तक वे एक–दूसरे से बात करते रहे। विज–बड़ौली की लड़ाई कैसे शुरू हुई 1. बड़ौली पर कसौली में गैंगरेप केस दर्ज हुआ
भाजपा अध्यक्ष मोहन बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल पर कसौली में 13 दिसंबर 2024 का गैंगरेप का केस दर्ज हुआ था। हालांकि, बड़ौली ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। इसके बाद भाजपा के कुछ नेता बड़ौली के समर्थन में आए। वहीं बाकी नेताओं ने चुप्पी साध ली। 2. विज ने कहा था– बड़ौली को इस्तीफा देना चाहिए
इस मामले पर जब चंडीगढ़ में अनिल विज से पूछा गया तो उन्होंने कहा-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पर लगे आरोपों की जांच हो रही है। गवाह ने कहा है कि वह निर्दोष हैं और बड़ौली भी कह रहे हैं कि मैं निर्दोष हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि हिमाचल पुलिस की जांच में वे निर्दोष साबित होंगे। 3. विज ने फिर कहा– बड़ौली आडवाणी से बड़े नहीं
इसी बीच विज की सरकार से भी तल्खी बढ़ती चली गई। तब सोनीपत के गोहाना पहुंचकर विज ने कहा- मोहन लाल बड़ौली को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए। जिस पर IPC की धारा-376D (महिला से गैंगरेप) के आरोप हों, वह महिलाओं की मीटिंग किस तरह ले सकता है। अब हम यह तो कह नहीं सकते कि महिलाओं को BJP से बैन कर दिया गया है। हम तो महिलाओं को 30% बढ़ा रहे हैं। ऐसे में धारा-376 का आरोपी शख्स प्रदेशाध्यक्ष नहीं रह सकता। हमारे बड़े-बड़े नेताओं पर भी आरोप लगे थे। आडवाणी पर भी आरोप लगे थे, उनका नाम आया था और उन्होंने त्यागपत्र दे दिया था। मोहन लाल बड़ौली उनसे बड़े तो नहीं हैं। उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए। मेरा यह मानना है कि पार्टी की पवित्रता, सिद्धांत को बनाए रखने के लिए बड़ौली को तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए। वह बातें उनकी, मानें या ना मानें। बड़ौली ने विज को नोटिस जारी किया
इसके बाद मोहन बड़ौली ने अनिल विज को नोटिस जारी कर दिया। जिसमें कहा गया कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और सीएम के खिलाफ बयान दिए हैं। विज से 3 दिन में जवाबतलबी की गई। विज उस वक्त बैंगलोर में थे। वह चंडीगढ़ लौटे तो उन्होंने नोटिस लीक करने पर भी सवाल खड़े किए। विज ने नोटिस का जवाब भेज कॉपी फाड़ी
इसके बाद अनिल विज ने अगले दिन अंबाला में मीडिया से बात कर कहा कि उन्होंने समय पर पार्टी को जवाब भेज दिया है। जवाब के बारे में पूछे जाने पर विज ने उसकी फटी कॉपी दिखाते हुए कहा कि मैंने जवाब भेजकर इसे नष्ट कर दिया है, अब इसे जाकर आग लगा दूंगा। बड़ौली बोले- विज ने मुद्दा जला दिया
जुलाना में जब मोहन बड़ौली से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि अनिल विज ने उनके नोटिस के जवाब को जला दिया। जो मुद्दा था, उसे जला दिया। अनिल विज की भाजपा से और मुझसे कोई नाराजगी नहीं है। उनकी भी अनिल विज से कोई नाराजगी नहीं है। लोग घुमा-फिराकर प्रचार करते हैं।
हरियाणा के बिजली एवं परिवहन मंत्री अनिल विज और पार्टी अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के बीच की नाराजगी के बीच तस्वीरें सामने आई हैं। इनमें विज और बड़ौली एक किनारे होकर बातचीत करते नजर आ रहे हैं। किसी बात पर दोनों खिलखिलाकर हंस भी रहे हैं। इसके बाद उन्होंने साथ बैठकर खाना भी खाया। जींद में भाजपा नेता की भतीजी के शादी समारोह से ये तस्वीरें सामने आईं। बता दें कि अनिल विज ने पिछले डेढ़ महीने में अपनी ही सरकार और पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी थीं। एक तरफ विज ने CM नायब सैनी के सरकार बनने के बाद उड़नखटोले में रहने की बात की। वहीं दूसरी तरफ हिमाचल में दर्ज हुए गैंगरेप केस में 2 बार अध्यक्ष बड़ौली का इस्तीफा मांग लिया। जिसके बाद बड़ौली ने उन्हें नोटिस तक जारी कर दिया। दरअसल, शुक्रवार को जींद के ढाठरथ गांव में भाजपा नेता प्रमोद कौशिक की भतीजी की शादी थी। इस समारोह में अनिल विज पहुंचे हुए थे। तभी जुलाना के दौरे पर निकले भाजपा अध्यक्ष मोहन बड़ौली भी वहां आ गए। वहां दोनों के बीच अच्छे माहौल में मुलाकात हुई। दोनों बातचीत करते हुए सबसे अलग जाकर खड़े हो गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों ने घेरा बना लिया और किसी को उनके पास नहीं जाने दिया। इस दौरान बीच में किसी बात पर दोनों हंसते हुए भी नजर आए। करीब एक घंटे तक वे एक–दूसरे से बात करते रहे। विज–बड़ौली की लड़ाई कैसे शुरू हुई 1. बड़ौली पर कसौली में गैंगरेप केस दर्ज हुआ
भाजपा अध्यक्ष मोहन बड़ौली और सिंगर रॉकी मित्तल पर कसौली में 13 दिसंबर 2024 का गैंगरेप का केस दर्ज हुआ था। हालांकि, बड़ौली ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया। इसके बाद भाजपा के कुछ नेता बड़ौली के समर्थन में आए। वहीं बाकी नेताओं ने चुप्पी साध ली। 2. विज ने कहा था– बड़ौली को इस्तीफा देना चाहिए
इस मामले पर जब चंडीगढ़ में अनिल विज से पूछा गया तो उन्होंने कहा-भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली पर लगे आरोपों की जांच हो रही है। गवाह ने कहा है कि वह निर्दोष हैं और बड़ौली भी कह रहे हैं कि मैं निर्दोष हूं। मुझे पूरा भरोसा है कि हिमाचल पुलिस की जांच में वे निर्दोष साबित होंगे। 3. विज ने फिर कहा– बड़ौली आडवाणी से बड़े नहीं
इसी बीच विज की सरकार से भी तल्खी बढ़ती चली गई। तब सोनीपत के गोहाना पहुंचकर विज ने कहा- मोहन लाल बड़ौली को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना चाहिए। जिस पर IPC की धारा-376D (महिला से गैंगरेप) के आरोप हों, वह महिलाओं की मीटिंग किस तरह ले सकता है। अब हम यह तो कह नहीं सकते कि महिलाओं को BJP से बैन कर दिया गया है। हम तो महिलाओं को 30% बढ़ा रहे हैं। ऐसे में धारा-376 का आरोपी शख्स प्रदेशाध्यक्ष नहीं रह सकता। हमारे बड़े-बड़े नेताओं पर भी आरोप लगे थे। आडवाणी पर भी आरोप लगे थे, उनका नाम आया था और उन्होंने त्यागपत्र दे दिया था। मोहन लाल बड़ौली उनसे बड़े तो नहीं हैं। उन्हें त्यागपत्र दे देना चाहिए। मेरा यह मानना है कि पार्टी की पवित्रता, सिद्धांत को बनाए रखने के लिए बड़ौली को तुरंत त्यागपत्र दे देना चाहिए। वह बातें उनकी, मानें या ना मानें। बड़ौली ने विज को नोटिस जारी किया
इसके बाद मोहन बड़ौली ने अनिल विज को नोटिस जारी कर दिया। जिसमें कहा गया कि उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और सीएम के खिलाफ बयान दिए हैं। विज से 3 दिन में जवाबतलबी की गई। विज उस वक्त बैंगलोर में थे। वह चंडीगढ़ लौटे तो उन्होंने नोटिस लीक करने पर भी सवाल खड़े किए। विज ने नोटिस का जवाब भेज कॉपी फाड़ी
इसके बाद अनिल विज ने अगले दिन अंबाला में मीडिया से बात कर कहा कि उन्होंने समय पर पार्टी को जवाब भेज दिया है। जवाब के बारे में पूछे जाने पर विज ने उसकी फटी कॉपी दिखाते हुए कहा कि मैंने जवाब भेजकर इसे नष्ट कर दिया है, अब इसे जाकर आग लगा दूंगा। बड़ौली बोले- विज ने मुद्दा जला दिया
जुलाना में जब मोहन बड़ौली से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात है कि अनिल विज ने उनके नोटिस के जवाब को जला दिया। जो मुद्दा था, उसे जला दिया। अनिल विज की भाजपा से और मुझसे कोई नाराजगी नहीं है। उनकी भी अनिल विज से कोई नाराजगी नहीं है। लोग घुमा-फिराकर प्रचार करते हैं।