महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा, ‘मुझे हल्के में मत लीजिए, जिन्होंने मुझे हल्के में लिया है, उनसे मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं सामान्य पार्टी कार्यकर्ता हूं, लेकिन मैं बाला साहेब का कार्यकर्ता हूं और सभी को मेरी इस बात को समझ लेना चाहिए।’ शिंदे का यह बयान उनको जान से मारने की धमकी पर आया है। 20 फरवरी को मेल के जरिए शिंदे की कार में बम विस्फोट करने की धमकी दी गई। मंत्रालय और जेजे मार्ग पुलिस थाने को भी धमकी भरा मेल भेजा गया था। मुंबई पुलिस ने धमकी के इस मामले में बुलढाणा से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम मंगेश अच्युतराव वायल (35) और अभय गजानन शिंगणे (22) हैं। दोनों बुलढाणा के देउलगांव माही गांव के रहने वाले हैं। 2022 में हल्के में लिया था, मैंने सरकार बदल दी
उन्होंने कहा- जब आपने (विपक्ष) 2022 में हल्के में लिया, तो घोड़ा पलट गया और मैंने सरकार बदल दी। हम आम लोगों की इच्छाओं की सरकार लाए। विधानसभा में अपने पहले भाषण में मैंने देवेंद्र फडणवीस से कहा था कि 200 से ज्यादा सीटें मिलेंगी और हमें 232 सीटें मिलीं। इसलिए मुझे हल्के में मत लीजिए, जो लोग इस संकेत को समझना चाहते हैं, वे इसे समझ लें, और मैं अपना काम करता रहूंगा। फडणवीस के साथ अनबन की खबरों को खारिज किया था इससे पहले 19 फरवरी को शिंदे ने महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ अनबन की खबरों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन (BJP-NCP-शिवसेना) में सब कुछ ठीक है और उनके बीच किसी भी तरह का कोई कोल्ड वॉर नहीं चल रहा है। दोनों के अनबन की खबरें तब चर्चा में आई जब शिंदे ने मुख्यमंत्री रिलीफ फंड के जैसा मेडिकल सेल बना दिया। शिंदे के इस कदम को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। शिंदे ने मंगलवार को कहा कि यह नया सेल किसी कॉम्पिटिशन व्यवस्था के रूप में नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के वॉर रूम के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। पूरी खबर पढ़ें… ………………………………….. महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शरद ने शिंदे का सम्मान किया, उद्धव गुट नाराज; राउत बोले- पवार को कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था NCP (शरद गुट) के अध्यक्ष शरद पवार ने 11 फरवरी को दिल्ली में महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे को सम्मानित किया था। इस पर महाराष्ट्र की राजनीति में हंगामा हुआ। 12 फरवरी को महाविकास अघाड़ी (MVA) में सहयोगी पार्टी शिवसेना (UBT) ने नाराजगी जताई थी। पूरी खबर पढ़ें…
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा, ‘मुझे हल्के में मत लीजिए, जिन्होंने मुझे हल्के में लिया है, उनसे मैं पहले ही कह चुका हूं कि मैं सामान्य पार्टी कार्यकर्ता हूं, लेकिन मैं बाला साहेब का कार्यकर्ता हूं और सभी को मेरी इस बात को समझ लेना चाहिए।’ शिंदे का यह बयान उनको जान से मारने की धमकी पर आया है। 20 फरवरी को मेल के जरिए शिंदे की कार में बम विस्फोट करने की धमकी दी गई। मंत्रालय और जेजे मार्ग पुलिस थाने को भी धमकी भरा मेल भेजा गया था। मुंबई पुलिस ने धमकी के इस मामले में बुलढाणा से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के नाम मंगेश अच्युतराव वायल (35) और अभय गजानन शिंगणे (22) हैं। दोनों बुलढाणा के देउलगांव माही गांव के रहने वाले हैं। 2022 में हल्के में लिया था, मैंने सरकार बदल दी
उन्होंने कहा- जब आपने (विपक्ष) 2022 में हल्के में लिया, तो घोड़ा पलट गया और मैंने सरकार बदल दी। हम आम लोगों की इच्छाओं की सरकार लाए। विधानसभा में अपने पहले भाषण में मैंने देवेंद्र फडणवीस से कहा था कि 200 से ज्यादा सीटें मिलेंगी और हमें 232 सीटें मिलीं। इसलिए मुझे हल्के में मत लीजिए, जो लोग इस संकेत को समझना चाहते हैं, वे इसे समझ लें, और मैं अपना काम करता रहूंगा। फडणवीस के साथ अनबन की खबरों को खारिज किया था इससे पहले 19 फरवरी को शिंदे ने महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस के साथ अनबन की खबरों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने कहा कि महायुति गठबंधन (BJP-NCP-शिवसेना) में सब कुछ ठीक है और उनके बीच किसी भी तरह का कोई कोल्ड वॉर नहीं चल रहा है। दोनों के अनबन की खबरें तब चर्चा में आई जब शिंदे ने मुख्यमंत्री रिलीफ फंड के जैसा मेडिकल सेल बना दिया। शिंदे के इस कदम को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। शिंदे ने मंगलवार को कहा कि यह नया सेल किसी कॉम्पिटिशन व्यवस्था के रूप में नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के वॉर रूम के साथ मिलकर काम करेगा, ताकि मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकें। पूरी खबर पढ़ें… ………………………………….. महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… शरद ने शिंदे का सम्मान किया, उद्धव गुट नाराज; राउत बोले- पवार को कार्यक्रम में नहीं जाना चाहिए था NCP (शरद गुट) के अध्यक्ष शरद पवार ने 11 फरवरी को दिल्ली में महाराष्ट्र के डिप्टी CM एकनाथ शिंदे को सम्मानित किया था। इस पर महाराष्ट्र की राजनीति में हंगामा हुआ। 12 फरवरी को महाविकास अघाड़ी (MVA) में सहयोगी पार्टी शिवसेना (UBT) ने नाराजगी जताई थी। पूरी खबर पढ़ें…