ग्वालियर से गुरुवार सुबह करीब 8 बजे किडनैप हुआ शक्कर कारोबारी का 6 साल का बेटा शिवाय 14 घंटे बाद रात करीब 10 बजे मिला। बदमाश उसे मुरैना में बंशीपुर के कांजी बसई गांव में ईंट भट्टे के पास छोड़कर भाग गए थे। शिवाय यहां एक जगह पर खड़ा रो रहा था। वहां से गुजरे एक ई-रिक्शा वाले ने उसे पहचान लिया कि वह ग्वालियर से किडनैप हुआ है। उसने बच्चे को कांजी बसई गांव के सरपंच को सौंप दिया। सरपंच ने बच्चे के माता-पिता और पुलिस से संपर्क किया। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने बच्चे को अपनी निगरानी में लिया। उसकी वीडियो कॉल पर मां-पिता से बात कराई। रात में ही पुलिस की टीम शिवाय को लेकर ग्वालियर उसके घर पहुंची। बेटे को देखते ही मां-पिता के आंसू निकल आए। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल ये पता नहीं चल सका है कि अपहरणकर्ता कौन थे और वारदात के पीछे क्या मकसद था? बिस्किट्स और चॉकलेट खाने को दिए
शिवाय ने बताया- बाइक वाले अंकल मुझे एक खेत में ले गए थे। वहां मुझे एक अंकल के पास रखा। मुझे रस्सी से भी बांधा गया था। वह मुझे बिस्किट्स और चॉकलेट खाने के लिए दे रहे थे, लेकिन मैंने नहीं खाए। मैंने मम्मी के पास जाने के लिए कहा तो बाइक वाले अंकल कह रहे थे कि तेरे पापा से पहले पैसे लेंगे। इसके बाद रात होने पर मुझे एक खेत के पास छोड़कर चले गए। मुझसे कहा कि कुछ दूर चलेगा तो तेरा घर आ जाएगा। कुछ दूर चलने के बाद घर नहीं आया तो मैं रोने लगा। फिर वो गांव वाले अंकल आ गए थे। वारदात में 3 आरोपी शामिल हो सकते हैं
शिवाय ने परिजन को बताया कि दो बदमाशों ने पकड़ा और एक अन्य के पास रखा। इस तरह मामले में अब तीन आरोपी शामिल होने की बात सामने आई है। पिता राहुल गुप्ता की गोद में बैठे शिवाय से जब पूछा गया कि आज स्कूल नहीं गए तो वह डर गया। उसने कहा कि वह अब स्कूल नहीं जाएगा। उसने मम्मी-पापा के साथ भी स्कूल जाने से मना कर दिया है। इन सवालों पर भी जांच कर रही पुलिस
पुलिस अब मामले में जांच कर रही है कि कारोबारी की किसी से कोई रंजिश है या नहीं। पुलिस को पता लगा है कि राहुल की ससुराल में किसी ने दो किलो सोना गिरवी रखा था। बाद में वह सोना राहुल के पास आ गया था। वारदात की कड़ी इससे जुड़ सकती है। यह भी पता चला है कि राहुल गुप्ता का कर्मचारियों से बातचीत करने का तरीका थोड़ा तल्ख था। इससे किसी कर्मचारी के दुश्मनी ठान लेने और संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े एंगल पर भी पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने फिरौती के लिए अपहरण किया होगा। क्योंकि बच्चे से बदमाश कह रहे थे कि तेरे पिता से पैसे लेंगे। यह भी आशंका है कि दोनों बदमाश बच्चे को उठाकर किसी गिरोह को सौंपने वाले थे। इसे अपहरण का पेटी कॉन्ट्रेक्ट कहते हैं। मां की आंखों में मिर्ची झोंककर उठा ले गए थे बदमाश
बता दें कि गुरुवार सुबह करीब 8 बजे 6 साल के शिवाय का अपहरण हो गया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि बच्चे को उसकी मां स्कूल बस तक छोड़ने जा रही है। इसी दौरान बाइक पर दो बदमाश पीछे से आए। एक बदमाश महिला और बच्चे के पीछे उतर गया जबकि बाइक चला रहा युवक थोड़ी आगे जाकर रुका। इसके बाद बदमाश ने पीछे से आकर महिला की आंखों में मिर्ची डाली और बिजली की फुर्ती से बच्चे को उठाकर बाइक की ओर भागा। बच्चे को पकड़ने दौड़ी मां सड़क पर गिर गई। दोनों बदमाश बच्चे को लेकर भाग निकले। मां किसी तरह उठी और शोर मचाने लगी। घटना मुरार थाना क्षेत्र की सीपी कॉलोनी में जैन मंदिर के सामने की है। शिवाय अपनी मां आरती गुप्ता के साथ स्कूल बस पकड़ने के लिए सुबह 8 बजे घर से निकला था। वह लिटिल एंजेल स्कूल में यूकेजी का छात्र है। शिवाय के पिता राहुल गुप्ता शक्कर कारोबारी हैं। उनका कहना है कि मेरा किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं है। 14 घंटे की घेराबंदी के बाद पुलिस को मिली सफलता
शिवाय के अपहरण की सूचना मिलने के 10 मिनट में ही पुलिस एक्शन में आई। पुलिस ने जिले की सीमाओं की नाकाबंदी की। तब तक बदमाश हाईवे से शनिचरा का शॉर्टकट पकड़कर मुरैना पहुंच गए थे। सुबह 8.10 बजे से रात 10.10 बजे तक करीब 14 घंटे की घेराबंदी के बाद बदमाश मुरैना से बाहर नहीं निकल सके। खुद को घिरा पाकर बदमाश मुरैना-अम्बाह के बीच कांजी बसई में ईंट भट्टे के पास बच्चे को छोड़कर भाग गए। कांजी बसई के सरपंच ने बच्चे की मां-पिता से वीडियो कॉल पर बात कराई। शिवाय ने मां से कहा- मैं ठीक हूं मम्मी। बाइक वाले मुझे फेंककर भाग गए थे। मुझे आपकी याद आ रही है। मुझे लेने आ जाओ। मां बोलीं- पूरे शहर, पुलिस और मीडिया का शुक्रिया
शिवाय के मिलने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। मां आरती बेटे को सकुशल देखकर बहुत खुश हैं। उन्होंने शहरवासियों, पुलिस और मीडिया का शुक्रिया किया है। ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया- बच्चे को परिजन को सौंप दिया गया है। हम अपहरणकर्ताओं को जल्द पकड़ लेंगे। वारदात की 5 तस्वीरें देखिए… एक साल पहले हुए अपहरण से जुड़ रहे मामले के तार
पूरा मामला शक्कर कारोबारी राहुल गुप्ता के ससुराल से जुड़ता नजर आ रहा है। एक साल पहले राहुल के साले के बेटे के अपहरण का प्रयास करने वालों पर ही संदेह है। उस समय अपहरण का प्रयास करने वालों की पहचान नहीं हो पाई थी, यहां पहचान हो गई है। एक बदमाश बानमोर, मुरैना और दूसरा मेहगांव, भिंड का है। दरअसल, ग्वालियर में अपहरण के बाद पुलिस ने जब करीब 50 CCTV कैमरे खंगाले तो अपहरण करने वालों के फुटेज के आधार पर उनका हुलिया बानमोर और मेहगांव के दो बदमाशों से मिला। पुलिस ने इन बदमाशों का रिकॉर्ड खंगाला। दोनों ही घर से फरार पाए गए तो पुलिस का संदेह यकीन में बदल गया। पुलिस लगातार इनकी घेराबंदी कर रही है। एक साल पहले मामा के बेटे के अपहरण का प्रयास हुआ था
राहुल गुप्ता के मामा राधेश्याम ने बताया- एक साल पहले मुरैना में राहुल के साले गौरव उर्फ ढप्पू के छह साल के बेटे का बाइक सवार बदमाशों ने इसी तरह से अपहरण करने का प्रयास किया था। उसे भी स्कूल जाते समय मां की आंख में मिर्ची पाउडर फेंककर छीन लिया था। बाइक पर तीन नकाबपोश बदमाश सवार थे। बच्चे को लेकर वह बाइक पर बैठ नहीं पाए। एक बदमाश गिर गया। बच्चा छूटकर भागा और एक दुकान में जा घुसा। इसके बाद बदमाश भाग गए थे। तीन-चार दिन से बदमाश कर रहे थे रेकी
जिस तरह बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है, उससे पुलिस को यकीन है कि वारदात से पहले पूरी प्लानिंग की गई है। आसपास रहने वाले लोगों ने भी पुलिस को बताया कि गली में तीन-चार दिन से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की एक बाइक घूम रही थी। कभी एक युवक उस पर सवार रहता था तो कभी दो। उनके चेहरे ढके रहते थे। आशंका है कि वे शक्कर कारोबारी के बेटे पर घात लगाकर बैठे थे। गुरुवार को मौका मिलते ही बच्चे का अपहरण कर लिया। तीन दिन बाद गुरुवार को स्कूल जा रहा था शिवाय
परिजन से पता लगा है कि कुछ दिन से शिवाय की तबीयत ठीक नहीं थी। वह तीन दिन से स्कूल भी नहीं जा रहा था। बुधवार को रविदास जयंती पर अवकाश था। चार दिन बाद गुरुवार को जब वह अपनी मां का हाथ पकड़कर स्कूल के लिए निकला था तो बदमाशों ने धावा बोला और बच्चे को उसकी मां की आंख में मिर्ची झोंककर छीन ले गए। एक बात साफ है कि अपहरणकर्ताओं के निशाने पर शिवाय ही था, क्योंकि कुछ देर पहले इसी घर से दो और बच्चे भी स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन उनको टारगेट नहीं किया गया। ये खबर भी पढ़ें… नीमच में तहसीलदार ने किया जनपद पंचायत सीईओ का अपहरण नीमच में कुछ लोगों ने जावद जनपद पंचायत के सीईओ आकाश धारवे (32) का अपहरण कर लिया। वे उन्हें काली स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर इंदौर की तरफ भागे। नागदा में उज्जैन और नीमच पुलिस ने घेराबंदी कर सीईओ को छुड़ाया। इस मामले में बेटमा तहसीलदार जगदीश रंधावा, 5 पटवारी, एक महिला समेत 13 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पढ़ें पूरी खबर…
ग्वालियर से गुरुवार सुबह करीब 8 बजे किडनैप हुआ शक्कर कारोबारी का 6 साल का बेटा शिवाय 14 घंटे बाद रात करीब 10 बजे मिला। बदमाश उसे मुरैना में बंशीपुर के कांजी बसई गांव में ईंट भट्टे के पास छोड़कर भाग गए थे। शिवाय यहां एक जगह पर खड़ा रो रहा था। वहां से गुजरे एक ई-रिक्शा वाले ने उसे पहचान लिया कि वह ग्वालियर से किडनैप हुआ है। उसने बच्चे को कांजी बसई गांव के सरपंच को सौंप दिया। सरपंच ने बच्चे के माता-पिता और पुलिस से संपर्क किया। जिसके बाद पुलिस वहां पहुंची। पुलिस ने बच्चे को अपनी निगरानी में लिया। उसकी वीडियो कॉल पर मां-पिता से बात कराई। रात में ही पुलिस की टीम शिवाय को लेकर ग्वालियर उसके घर पहुंची। बेटे को देखते ही मां-पिता के आंसू निकल आए। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल ये पता नहीं चल सका है कि अपहरणकर्ता कौन थे और वारदात के पीछे क्या मकसद था? बिस्किट्स और चॉकलेट खाने को दिए
शिवाय ने बताया- बाइक वाले अंकल मुझे एक खेत में ले गए थे। वहां मुझे एक अंकल के पास रखा। मुझे रस्सी से भी बांधा गया था। वह मुझे बिस्किट्स और चॉकलेट खाने के लिए दे रहे थे, लेकिन मैंने नहीं खाए। मैंने मम्मी के पास जाने के लिए कहा तो बाइक वाले अंकल कह रहे थे कि तेरे पापा से पहले पैसे लेंगे। इसके बाद रात होने पर मुझे एक खेत के पास छोड़कर चले गए। मुझसे कहा कि कुछ दूर चलेगा तो तेरा घर आ जाएगा। कुछ दूर चलने के बाद घर नहीं आया तो मैं रोने लगा। फिर वो गांव वाले अंकल आ गए थे। वारदात में 3 आरोपी शामिल हो सकते हैं
शिवाय ने परिजन को बताया कि दो बदमाशों ने पकड़ा और एक अन्य के पास रखा। इस तरह मामले में अब तीन आरोपी शामिल होने की बात सामने आई है। पिता राहुल गुप्ता की गोद में बैठे शिवाय से जब पूछा गया कि आज स्कूल नहीं गए तो वह डर गया। उसने कहा कि वह अब स्कूल नहीं जाएगा। उसने मम्मी-पापा के साथ भी स्कूल जाने से मना कर दिया है। इन सवालों पर भी जांच कर रही पुलिस
पुलिस अब मामले में जांच कर रही है कि कारोबारी की किसी से कोई रंजिश है या नहीं। पुलिस को पता लगा है कि राहुल की ससुराल में किसी ने दो किलो सोना गिरवी रखा था। बाद में वह सोना राहुल के पास आ गया था। वारदात की कड़ी इससे जुड़ सकती है। यह भी पता चला है कि राहुल गुप्ता का कर्मचारियों से बातचीत करने का तरीका थोड़ा तल्ख था। इससे किसी कर्मचारी के दुश्मनी ठान लेने और संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े एंगल पर भी पुलिस जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस को आशंका है कि बदमाशों ने फिरौती के लिए अपहरण किया होगा। क्योंकि बच्चे से बदमाश कह रहे थे कि तेरे पिता से पैसे लेंगे। यह भी आशंका है कि दोनों बदमाश बच्चे को उठाकर किसी गिरोह को सौंपने वाले थे। इसे अपहरण का पेटी कॉन्ट्रेक्ट कहते हैं। मां की आंखों में मिर्ची झोंककर उठा ले गए थे बदमाश
बता दें कि गुरुवार सुबह करीब 8 बजे 6 साल के शिवाय का अपहरण हो गया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि बच्चे को उसकी मां स्कूल बस तक छोड़ने जा रही है। इसी दौरान बाइक पर दो बदमाश पीछे से आए। एक बदमाश महिला और बच्चे के पीछे उतर गया जबकि बाइक चला रहा युवक थोड़ी आगे जाकर रुका। इसके बाद बदमाश ने पीछे से आकर महिला की आंखों में मिर्ची डाली और बिजली की फुर्ती से बच्चे को उठाकर बाइक की ओर भागा। बच्चे को पकड़ने दौड़ी मां सड़क पर गिर गई। दोनों बदमाश बच्चे को लेकर भाग निकले। मां किसी तरह उठी और शोर मचाने लगी। घटना मुरार थाना क्षेत्र की सीपी कॉलोनी में जैन मंदिर के सामने की है। शिवाय अपनी मां आरती गुप्ता के साथ स्कूल बस पकड़ने के लिए सुबह 8 बजे घर से निकला था। वह लिटिल एंजेल स्कूल में यूकेजी का छात्र है। शिवाय के पिता राहुल गुप्ता शक्कर कारोबारी हैं। उनका कहना है कि मेरा किसी से कोई विवाद या दुश्मनी नहीं है। 14 घंटे की घेराबंदी के बाद पुलिस को मिली सफलता
शिवाय के अपहरण की सूचना मिलने के 10 मिनट में ही पुलिस एक्शन में आई। पुलिस ने जिले की सीमाओं की नाकाबंदी की। तब तक बदमाश हाईवे से शनिचरा का शॉर्टकट पकड़कर मुरैना पहुंच गए थे। सुबह 8.10 बजे से रात 10.10 बजे तक करीब 14 घंटे की घेराबंदी के बाद बदमाश मुरैना से बाहर नहीं निकल सके। खुद को घिरा पाकर बदमाश मुरैना-अम्बाह के बीच कांजी बसई में ईंट भट्टे के पास बच्चे को छोड़कर भाग गए। कांजी बसई के सरपंच ने बच्चे की मां-पिता से वीडियो कॉल पर बात कराई। शिवाय ने मां से कहा- मैं ठीक हूं मम्मी। बाइक वाले मुझे फेंककर भाग गए थे। मुझे आपकी याद आ रही है। मुझे लेने आ जाओ। मां बोलीं- पूरे शहर, पुलिस और मीडिया का शुक्रिया
शिवाय के मिलने के बाद परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं है। मां आरती बेटे को सकुशल देखकर बहुत खुश हैं। उन्होंने शहरवासियों, पुलिस और मीडिया का शुक्रिया किया है। ग्वालियर एसपी धर्मवीर सिंह ने बताया- बच्चे को परिजन को सौंप दिया गया है। हम अपहरणकर्ताओं को जल्द पकड़ लेंगे। वारदात की 5 तस्वीरें देखिए… एक साल पहले हुए अपहरण से जुड़ रहे मामले के तार
पूरा मामला शक्कर कारोबारी राहुल गुप्ता के ससुराल से जुड़ता नजर आ रहा है। एक साल पहले राहुल के साले के बेटे के अपहरण का प्रयास करने वालों पर ही संदेह है। उस समय अपहरण का प्रयास करने वालों की पहचान नहीं हो पाई थी, यहां पहचान हो गई है। एक बदमाश बानमोर, मुरैना और दूसरा मेहगांव, भिंड का है। दरअसल, ग्वालियर में अपहरण के बाद पुलिस ने जब करीब 50 CCTV कैमरे खंगाले तो अपहरण करने वालों के फुटेज के आधार पर उनका हुलिया बानमोर और मेहगांव के दो बदमाशों से मिला। पुलिस ने इन बदमाशों का रिकॉर्ड खंगाला। दोनों ही घर से फरार पाए गए तो पुलिस का संदेह यकीन में बदल गया। पुलिस लगातार इनकी घेराबंदी कर रही है। एक साल पहले मामा के बेटे के अपहरण का प्रयास हुआ था
राहुल गुप्ता के मामा राधेश्याम ने बताया- एक साल पहले मुरैना में राहुल के साले गौरव उर्फ ढप्पू के छह साल के बेटे का बाइक सवार बदमाशों ने इसी तरह से अपहरण करने का प्रयास किया था। उसे भी स्कूल जाते समय मां की आंख में मिर्ची पाउडर फेंककर छीन लिया था। बाइक पर तीन नकाबपोश बदमाश सवार थे। बच्चे को लेकर वह बाइक पर बैठ नहीं पाए। एक बदमाश गिर गया। बच्चा छूटकर भागा और एक दुकान में जा घुसा। इसके बाद बदमाश भाग गए थे। तीन-चार दिन से बदमाश कर रहे थे रेकी
जिस तरह बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया है, उससे पुलिस को यकीन है कि वारदात से पहले पूरी प्लानिंग की गई है। आसपास रहने वाले लोगों ने भी पुलिस को बताया कि गली में तीन-चार दिन से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की एक बाइक घूम रही थी। कभी एक युवक उस पर सवार रहता था तो कभी दो। उनके चेहरे ढके रहते थे। आशंका है कि वे शक्कर कारोबारी के बेटे पर घात लगाकर बैठे थे। गुरुवार को मौका मिलते ही बच्चे का अपहरण कर लिया। तीन दिन बाद गुरुवार को स्कूल जा रहा था शिवाय
परिजन से पता लगा है कि कुछ दिन से शिवाय की तबीयत ठीक नहीं थी। वह तीन दिन से स्कूल भी नहीं जा रहा था। बुधवार को रविदास जयंती पर अवकाश था। चार दिन बाद गुरुवार को जब वह अपनी मां का हाथ पकड़कर स्कूल के लिए निकला था तो बदमाशों ने धावा बोला और बच्चे को उसकी मां की आंख में मिर्ची झोंककर छीन ले गए। एक बात साफ है कि अपहरणकर्ताओं के निशाने पर शिवाय ही था, क्योंकि कुछ देर पहले इसी घर से दो और बच्चे भी स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन उनको टारगेट नहीं किया गया। ये खबर भी पढ़ें… नीमच में तहसीलदार ने किया जनपद पंचायत सीईओ का अपहरण नीमच में कुछ लोगों ने जावद जनपद पंचायत के सीईओ आकाश धारवे (32) का अपहरण कर लिया। वे उन्हें काली स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर इंदौर की तरफ भागे। नागदा में उज्जैन और नीमच पुलिस ने घेराबंदी कर सीईओ को छुड़ाया। इस मामले में बेटमा तहसीलदार जगदीश रंधावा, 5 पटवारी, एक महिला समेत 13 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पढ़ें पूरी खबर…