हरियाणा में निकाय चुनाव के लिए आज (11 फरवरी) से नामांकन की शुरुआत हो गई है। आवेदन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लिए जाएंगे। नामांकन की प्रक्रिया 19 फरवरी तक चलेगी। हालांकि पानीपत नगर निगम में नामांकन 21 फरवरी से शुरू होने हैं। BJP और कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। इनेलो आज ही सिरसा में मीटिंग करेगी। JJP ने अभी चुनाव को लेकर कोई हलचल नहीं दिखाई है। उधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कांग्रेस की बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग को खारिज कर दिया है। निकाय चुनाव EVM से ही होंगे। BJP सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने मेयर और चेयरमैन के नामों के पैनल बना लिए हैं। उम्मीदवारों के एक पैनल में 3 से 5 नामों को शामिल किया गया है। पैनल फाइनल करने के लिए आज दिल्ली में मीटिंग बुलाई गई है। बैठक में पैनल फाइनल करके केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाएंगे। BJP निकाय चुनाव में मेयर, नगर परिषद का चुनाव सिंबल पर लड़ेगी। हालांकि नगर पालिका पर अभी पार्टी ने कोई फैसला नहीं किया है। प्रदेश में 8 नगर निगमों में मेयर-पार्षदों का चुनाव होना है। 2 नगर निगमों में सिर्फ मेयर चुने जाएंगे। वहीं 4 नगर परिषद और 21 नगर पालिकाओं के लिए भी चुनाव होंगे। उदयभान बोले- उत्तराखंड में हो सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं?
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने कहा था, ‘उत्तराखंड में बैलेट पेपर से चुनाव हो सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं? भाजपा सरकार डर रही है कि यदि बैलट पेपर से चुनाव होंगे तो उसे हार का सामना करना पड़ सकता है। नगर निकाय चुनाव में एससी आरक्षण ठीक ढंग से नहीं किया गया है, SC समाज के साथ अन्याय किया है।’ कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा था पत्र निकाय चुनाव से जुड़ी 5 अहम बातें… 1. उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी बतानी होगी
सभी उम्मीदवारों को घोषणा पत्र जारी कर अपना आपराधिक रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी का ब्यौरा देना होगा। यह घोषणा पत्र अखबारों में छपवाना होगा। 2. बैलेट पेपर पर उम्मीदवार की फोटो होगी
वोटर को किसी तरह की कन्फ्यूजन न हो, इसके लिए बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के फोटो भी होंगे। वोटिंग के लिए 4500 बूथ बनाए जाएंगे। चुनाव में करीब 10 हजार EVM मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। 3. मेयर के लिए 10 हजार सिक्योरिटी, 30 लाख खर्च कर सकेंगे
उम्मीदवारों को सिक्योरिटी भी जमा करानी होगी। मेयर उम्मीदवार को 10 हजार, पार्षद को 3 हजार, नगर परिषद अध्यक्ष को 5 हजार, नगर परिषद मेंबर को डेढ़ हजार, नगर पालिका अध्यक्ष काे 3 हजार और मेंबर को डेढ़ हजार सिक्योरिटी देनी होगी। 4. मेयर चुनाव प्रचार में 30 लाख खर्च कर सकेंगे
मेयर पद के उम्मीदवार चुनाव में 30 लाख तक खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा निगम पार्षद उम्मीदवार साढ़े 7 लाख, नगर परिषद अध्यक्ष उम्मीदवार 20 लाख, नगर परिषद मेंबर उम्मीदवार साढ़े 4 लाख, नगर पालिका 12.50 लाख, मेंबर साढ़े 4 लाख तक खर्च कर सकेंगे। 5. सामान्य वर्ग से दसवीं पास होना जरूरी
नगर निगम के मेयर और नगर परिषद व नगर पालिका प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष के लिए 10वीं और महिला, अनुसूचित जाति की महिला एवं अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए आठवीं कक्षा पास होना जरूरी है। पार्षद पद के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष के लिए 10वीं, महिलाओं और अनुसूचित जाति के लिए आठवीं और अनुसूचित जाति की महिला के लिए पांचवीं पास होना जरूरी है। BJP और कांग्रेस पार्टी चिन्ह पर लड़ेगी, हेलिकॉप्टर किसी को नहीं मिलेगा
BJP नगर निगम और नगर पालिका चुनाव पार्टी के चिन्ह कमल के फूल पर ही लड़ेगी। कांग्रेस निगम चुनाव पार्टी के चुनाव चिन्ह पंजे पर लड़ेगी। बाकी के लिए अभी फैसला नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) भी सभी निकाय चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़ने की घोषणा कर चुकी है। वहीं आयोग ने निर्दलियों को हेलिकॉप्टर चुनाव चिन्ह देने पर रोक लगा दी है। यह चुनाव चिन्ह बिहार के क्षेत्रीय दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामबिलास पासवान) ने रिजर्व करा लिया है।
हरियाणा में निकाय चुनाव के लिए आज (11 फरवरी) से नामांकन की शुरुआत हो गई है। आवेदन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक लिए जाएंगे। नामांकन की प्रक्रिया 19 फरवरी तक चलेगी। हालांकि पानीपत नगर निगम में नामांकन 21 फरवरी से शुरू होने हैं। BJP और कांग्रेस ने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। इनेलो आज ही सिरसा में मीटिंग करेगी। JJP ने अभी चुनाव को लेकर कोई हलचल नहीं दिखाई है। उधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कांग्रेस की बैलट पेपर से चुनाव कराए जाने की मांग को खारिज कर दिया है। निकाय चुनाव EVM से ही होंगे। BJP सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने मेयर और चेयरमैन के नामों के पैनल बना लिए हैं। उम्मीदवारों के एक पैनल में 3 से 5 नामों को शामिल किया गया है। पैनल फाइनल करने के लिए आज दिल्ली में मीटिंग बुलाई गई है। बैठक में पैनल फाइनल करके केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाएंगे। BJP निकाय चुनाव में मेयर, नगर परिषद का चुनाव सिंबल पर लड़ेगी। हालांकि नगर पालिका पर अभी पार्टी ने कोई फैसला नहीं किया है। प्रदेश में 8 नगर निगमों में मेयर-पार्षदों का चुनाव होना है। 2 नगर निगमों में सिर्फ मेयर चुने जाएंगे। वहीं 4 नगर परिषद और 21 नगर पालिकाओं के लिए भी चुनाव होंगे। उदयभान बोले- उत्तराखंड में हो सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं?
हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदयभान ने कहा था, ‘उत्तराखंड में बैलेट पेपर से चुनाव हो सकता है तो हरियाणा में क्यों नहीं? भाजपा सरकार डर रही है कि यदि बैलट पेपर से चुनाव होंगे तो उसे हार का सामना करना पड़ सकता है। नगर निकाय चुनाव में एससी आरक्षण ठीक ढंग से नहीं किया गया है, SC समाज के साथ अन्याय किया है।’ कांग्रेस ने चुनाव आयोग को लिखा था पत्र निकाय चुनाव से जुड़ी 5 अहम बातें… 1. उम्मीदवारों को आपराधिक रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी बतानी होगी
सभी उम्मीदवारों को घोषणा पत्र जारी कर अपना आपराधिक रिकॉर्ड, प्रॉपर्टी का ब्यौरा देना होगा। यह घोषणा पत्र अखबारों में छपवाना होगा। 2. बैलेट पेपर पर उम्मीदवार की फोटो होगी
वोटर को किसी तरह की कन्फ्यूजन न हो, इसके लिए बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के फोटो भी होंगे। वोटिंग के लिए 4500 बूथ बनाए जाएंगे। चुनाव में करीब 10 हजार EVM मशीनों का प्रयोग किया जाएगा। 3. मेयर के लिए 10 हजार सिक्योरिटी, 30 लाख खर्च कर सकेंगे
उम्मीदवारों को सिक्योरिटी भी जमा करानी होगी। मेयर उम्मीदवार को 10 हजार, पार्षद को 3 हजार, नगर परिषद अध्यक्ष को 5 हजार, नगर परिषद मेंबर को डेढ़ हजार, नगर पालिका अध्यक्ष काे 3 हजार और मेंबर को डेढ़ हजार सिक्योरिटी देनी होगी। 4. मेयर चुनाव प्रचार में 30 लाख खर्च कर सकेंगे
मेयर पद के उम्मीदवार चुनाव में 30 लाख तक खर्च कर सकेंगे। इसके अलावा निगम पार्षद उम्मीदवार साढ़े 7 लाख, नगर परिषद अध्यक्ष उम्मीदवार 20 लाख, नगर परिषद मेंबर उम्मीदवार साढ़े 4 लाख, नगर पालिका 12.50 लाख, मेंबर साढ़े 4 लाख तक खर्च कर सकेंगे। 5. सामान्य वर्ग से दसवीं पास होना जरूरी
नगर निगम के मेयर और नगर परिषद व नगर पालिका प्रधान पद के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष के लिए 10वीं और महिला, अनुसूचित जाति की महिला एवं अनुसूचित जाति के पुरुष के लिए आठवीं कक्षा पास होना जरूरी है। पार्षद पद के लिए सामान्य वर्ग के पुरुष के लिए 10वीं, महिलाओं और अनुसूचित जाति के लिए आठवीं और अनुसूचित जाति की महिला के लिए पांचवीं पास होना जरूरी है। BJP और कांग्रेस पार्टी चिन्ह पर लड़ेगी, हेलिकॉप्टर किसी को नहीं मिलेगा
BJP नगर निगम और नगर पालिका चुनाव पार्टी के चिन्ह कमल के फूल पर ही लड़ेगी। कांग्रेस निगम चुनाव पार्टी के चुनाव चिन्ह पंजे पर लड़ेगी। बाकी के लिए अभी फैसला नहीं हुआ है। आम आदमी पार्टी (AAP) भी सभी निकाय चुनाव पार्टी चिन्ह पर लड़ने की घोषणा कर चुकी है। वहीं आयोग ने निर्दलियों को हेलिकॉप्टर चुनाव चिन्ह देने पर रोक लगा दी है। यह चुनाव चिन्ह बिहार के क्षेत्रीय दल लोक जनशक्ति पार्टी (रामबिलास पासवान) ने रिजर्व करा लिया है।