हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम जिला भ्रष्टाचार की जननी बन चुका है। अधिकारी कहते हैं कि एक साल में रिटायरमेंट है, गुरुग्राम लगा दो। पुलिस वाले कहते हैं, थाना नंबर 29 में लगवा दो। मगर, राव नरबीर ये सब नहीं करता। जो भी गुरुग्राम को लूट रहे हैं, उन्हें यहां से भगाऊंगा। जल्दी यहां से कई अधिकारियों–कर्मचारियों की फेरबदल होगी। वह पालम बिहार में लोगों को संबोधित कर रहे थे। जिसका वीडियो सामने आया है। राव नरबीर सिंह इस बार बादशाहपुर से दूसरी बार विधायक बने हैं। इससे पहले एक मीटिंग में वह पुलिस कमिश्नर की गैरहाजिरी पर भी भड़क चुके हैं। मंत्री राव नरबीर की 5 अहम बातें.. 1. मैंने कहा– गुरुग्राम को लूटकर खा ले
राव नरबीर ने कहा- गुरुग्राम जिला भ्रष्टाचार की जननी है। कई अधिकारी तो कहते हैं कि साहब मेरी रिटायरमेंट है, मुझे यहां लगा दो। मैंने कहा– इसे लूटकर खा ले। सोचो, उसके कहने का तरीका कि एक साल में रिटायरमेंट है तो यहां लगा दो। पता नहीं लोगों की मेंटिलिटी कैसी हो गई?। कोई कहता है, मैं रिटायरमेंट पर बैठा हूं, मुझे थाना दिला दो। तनख्वाह तो लाइन में बैठे भी मिल रही है ना। लेकिन ना, थाने में लगवा दे। और 29 नंबर थाने में लगवा दे। नरबीर को ऐसा समझा है कि 29 नंबर थाने में थानेदार लगवाएगा। 2. राव नरबीर काम न करने वालों को चलता करता है
मैं ऐसा किसी का काम नहीं करता। मैं तो जो काम नहीं करता, उसको चलता करने का इलाज करता हूं। गुरुग्राम में वो आदमी नहीं रहेगा, जो गुरुग्राम को लूटने का काम करेगा। ये ठीक है कि मेरे बगैर कई आ जाते हैं, थोड़ा–बहुत लूटकर। मैं फिर भगाऊंगा। जहां मुझे पता लग जाए कि ये अधिकारी निकम्मा है। काम नहीं कर रहा। रिश्वत खा रहा है। वह अधिकारी गुरुग्राम में नहीं रहेगा। ये नरबीर सिंह का वादा है आपसे। इस वादे पर मैं खरा उतरूंगा। 3. राजनीतिक नुकसान होता है, दिक्कत तो उठानी पड़ेगी
मगर, इसमें नुकसान बहुत होता है राजनीतिक तौर पर। क्योंकि जितने बड़े अधिकारी या छोटा कर्मचारी गुरुग्राम में लगते हैं, सबके आका हैं। सबकी सिफारिश है। चपरासी से लेकर कमिश्नर तक, बिना सिफारिश के कोई नहीं आ सकता गुरुग्राम में। एक आदमी लड़ाई लड़ेगा तो दिक्कत तो उसको उठानी पड़ेगी। 4. सबको दिवाली से पहले ट्रांसफर की वॉर्निंग दी थी
मैंने सभी विभागों से मीटिंग की थी। उन्हें वॉर्निंग दी थी कि जो सिर्फ गुरुग्राम को लूटकर पैसा बनाना चाहते हैं, वह दीवाली से पहले ट्रांसफर करा लें। इसके बावजूद कई अभी भी डटे हुए हैं। अब मैं लिस्ट बना रहा हूं। जल्द ही आप लोग अफसरों–कर्मचारियों के बड़े फेरबदल देखोगे। 5. गुरुग्राम को करप्शन हब नहीं बनने दूंगा
गुरुग्राम हरियाणा का चेहरा है। वह प्रदेश के रेवेन्यू में 70% हिस्सेदारी देता है। हम इसे करप्शन के हब में तब्दील नहीं होने दे सकते। मैंने जब कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू की तो पता चला कि सबकी सिफारिशें हैं। पहले अधिकारियों को हड़का चुके मंत्री नरबीर 1. ग्रीवेंस कमेटी में पुलिस कमिश्नर के आने पर भड़के
13 जनवरी को फरीदाबाद में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता के न पहुंचने पर मंत्री राव नरबीर भड़क गए थे। उन्होंने बैठक में मौजूद डीसी विक्रम सिंह यादव और अन्य अधिकारियों से सख्त लहजे में एतराज जताया था। मंत्री ने कहा था कि क्या पुलिस कमिश्नर मंत्री से भी बड़ा हो गया है। जो मंत्री के आने पर भी बैठक से गायब है। जब जिला उपायुक्त और नगर निगम कमिश्नर जैसे अधिकारी बैठक में मौजूद हैं तो पुलिस कमिश्नर की अनुपस्थिति पूरी तरह अनुचित है। आगे से ध्यान रखें कि हर बैठक में पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी जरूरी है। इस बात को नोट कीजिए। 2. अधिकारियों से बोले- पैसे लिए तो जेल में डालूंगा
राव नरबीर ने मंत्री बनने के बाद 18 अक्टूबर 2024 को गुरुग्राम में अधिकारियों की मीटिंग ली थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था- जो अधिकारी पैसे लेकर काम करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। जेल के अंदर कराऊंगा और पैसे वसूल करूंगा। जिस भी अधिकारी की शिकायत आई, मेरे से बुरा कोई नहीं होगा। सभी के पास दिवाली तक का टाइम है। अपने-अपने आकाओं से बात करलो। कोई बचाने वाला नहीं होगा। या तो नरबीर मंत्री रहेगा या आप लोग रहोगे। पैसा बर्दाश्त नहीं करूंगा। आप लोगों ने गुरुग्राम को बुरा हाल कर दिया।
हरियाणा के उद्योग मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि गुरुग्राम जिला भ्रष्टाचार की जननी बन चुका है। अधिकारी कहते हैं कि एक साल में रिटायरमेंट है, गुरुग्राम लगा दो। पुलिस वाले कहते हैं, थाना नंबर 29 में लगवा दो। मगर, राव नरबीर ये सब नहीं करता। जो भी गुरुग्राम को लूट रहे हैं, उन्हें यहां से भगाऊंगा। जल्दी यहां से कई अधिकारियों–कर्मचारियों की फेरबदल होगी। वह पालम बिहार में लोगों को संबोधित कर रहे थे। जिसका वीडियो सामने आया है। राव नरबीर सिंह इस बार बादशाहपुर से दूसरी बार विधायक बने हैं। इससे पहले एक मीटिंग में वह पुलिस कमिश्नर की गैरहाजिरी पर भी भड़क चुके हैं। मंत्री राव नरबीर की 5 अहम बातें.. 1. मैंने कहा– गुरुग्राम को लूटकर खा ले
राव नरबीर ने कहा- गुरुग्राम जिला भ्रष्टाचार की जननी है। कई अधिकारी तो कहते हैं कि साहब मेरी रिटायरमेंट है, मुझे यहां लगा दो। मैंने कहा– इसे लूटकर खा ले। सोचो, उसके कहने का तरीका कि एक साल में रिटायरमेंट है तो यहां लगा दो। पता नहीं लोगों की मेंटिलिटी कैसी हो गई?। कोई कहता है, मैं रिटायरमेंट पर बैठा हूं, मुझे थाना दिला दो। तनख्वाह तो लाइन में बैठे भी मिल रही है ना। लेकिन ना, थाने में लगवा दे। और 29 नंबर थाने में लगवा दे। नरबीर को ऐसा समझा है कि 29 नंबर थाने में थानेदार लगवाएगा। 2. राव नरबीर काम न करने वालों को चलता करता है
मैं ऐसा किसी का काम नहीं करता। मैं तो जो काम नहीं करता, उसको चलता करने का इलाज करता हूं। गुरुग्राम में वो आदमी नहीं रहेगा, जो गुरुग्राम को लूटने का काम करेगा। ये ठीक है कि मेरे बगैर कई आ जाते हैं, थोड़ा–बहुत लूटकर। मैं फिर भगाऊंगा। जहां मुझे पता लग जाए कि ये अधिकारी निकम्मा है। काम नहीं कर रहा। रिश्वत खा रहा है। वह अधिकारी गुरुग्राम में नहीं रहेगा। ये नरबीर सिंह का वादा है आपसे। इस वादे पर मैं खरा उतरूंगा। 3. राजनीतिक नुकसान होता है, दिक्कत तो उठानी पड़ेगी
मगर, इसमें नुकसान बहुत होता है राजनीतिक तौर पर। क्योंकि जितने बड़े अधिकारी या छोटा कर्मचारी गुरुग्राम में लगते हैं, सबके आका हैं। सबकी सिफारिश है। चपरासी से लेकर कमिश्नर तक, बिना सिफारिश के कोई नहीं आ सकता गुरुग्राम में। एक आदमी लड़ाई लड़ेगा तो दिक्कत तो उसको उठानी पड़ेगी। 4. सबको दिवाली से पहले ट्रांसफर की वॉर्निंग दी थी
मैंने सभी विभागों से मीटिंग की थी। उन्हें वॉर्निंग दी थी कि जो सिर्फ गुरुग्राम को लूटकर पैसा बनाना चाहते हैं, वह दीवाली से पहले ट्रांसफर करा लें। इसके बावजूद कई अभी भी डटे हुए हैं। अब मैं लिस्ट बना रहा हूं। जल्द ही आप लोग अफसरों–कर्मचारियों के बड़े फेरबदल देखोगे। 5. गुरुग्राम को करप्शन हब नहीं बनने दूंगा
गुरुग्राम हरियाणा का चेहरा है। वह प्रदेश के रेवेन्यू में 70% हिस्सेदारी देता है। हम इसे करप्शन के हब में तब्दील नहीं होने दे सकते। मैंने जब कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू की तो पता चला कि सबकी सिफारिशें हैं। पहले अधिकारियों को हड़का चुके मंत्री नरबीर 1. ग्रीवेंस कमेटी में पुलिस कमिश्नर के आने पर भड़के
13 जनवरी को फरीदाबाद में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक में पुलिस कमिश्नर सतेंद्र कुमार गुप्ता के न पहुंचने पर मंत्री राव नरबीर भड़क गए थे। उन्होंने बैठक में मौजूद डीसी विक्रम सिंह यादव और अन्य अधिकारियों से सख्त लहजे में एतराज जताया था। मंत्री ने कहा था कि क्या पुलिस कमिश्नर मंत्री से भी बड़ा हो गया है। जो मंत्री के आने पर भी बैठक से गायब है। जब जिला उपायुक्त और नगर निगम कमिश्नर जैसे अधिकारी बैठक में मौजूद हैं तो पुलिस कमिश्नर की अनुपस्थिति पूरी तरह अनुचित है। आगे से ध्यान रखें कि हर बैठक में पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी जरूरी है। इस बात को नोट कीजिए। 2. अधिकारियों से बोले- पैसे लिए तो जेल में डालूंगा
राव नरबीर ने मंत्री बनने के बाद 18 अक्टूबर 2024 को गुरुग्राम में अधिकारियों की मीटिंग ली थी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा था- जो अधिकारी पैसे लेकर काम करेगा, उस पर सख्त कार्रवाई होगी। जेल के अंदर कराऊंगा और पैसे वसूल करूंगा। जिस भी अधिकारी की शिकायत आई, मेरे से बुरा कोई नहीं होगा। सभी के पास दिवाली तक का टाइम है। अपने-अपने आकाओं से बात करलो। कोई बचाने वाला नहीं होगा। या तो नरबीर मंत्री रहेगा या आप लोग रहोगे। पैसा बर्दाश्त नहीं करूंगा। आप लोगों ने गुरुग्राम को बुरा हाल कर दिया।