पानीपत जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला सचिव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कथित रूप से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल वाला पानी डालने की एवज में यह पैसे लिए। वीडियो वायरल होने के बाद सियासी गलियारों में खलबली मच गई। इसके बाद मामले की शिकायत और वीडियो पुलिस तक भी पहुंच गया। बताया जा रहा है कि मामला बढ़ता देख भाजपा सचिव रविंद्र रावल ने पैसे लौटा दिए। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में रविंद्र रावल ने कहा- मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। राजनीति में मेरी टांग खिंचाई की जा रही है। उन वीडियो को भी तरोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। असल बात ये है कि इन ट्रैक्टर चालकों से मेरा बहुत पुराना लेन-देन है। उस दिन इन्होंने मुझे कॉल कर पैसे देने के लिए बुलाया था। मैंने इन्हें ड्रेन में केमिकल युक्त पानी डालते पकड़ लिया था। इसी के बाद इन्होंने ये कहानी बना दी है। मैं जल्द ही इनके खिलाफ एक्शन लूंगा। यहां पढ़िए, क्या है पूरा मामला… SHO बोले- थाने तक पहुंचे लोग, लेकिन शिकायत नहीं मिली
बापौली थाना प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि दोनों पक्ष थाने तक जरूर पहुंचे थे, लेकिन मामले की शिकायत नहीं दी गई है। अगर अभी भी हमारे पास कोई शिकायत आ जाए, तो हम निश्चित तौर पर जांच-पड़ताल कर कार्रवाई अमल में लाएंगे। हमें भी मामला वायरल हो रही वीडियो के माध्यम से पता लगा था। गंदे पानी से क्या नुकसान होगा जानिए… भूजल प्रदूषण, बीमारियों का खतरा
केमिकल ड्रेन के माध्यम से रसायन ज़मीन के अंदर रिस रहे हैं, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों का पीने का पानी जहरीला हो गया है। हैंडपंपों से अब रंगीन और बदबूदार पानी निकल रहा है। ड्रेन के पास बसे गांवों, जैसे भलौर, बापौली और सनौली, में कैंसर, किडनी फेलियर, लीवर की बीमारियां और गंभीर चर्म रोगों के मामले बढ़ने की आशंका बनी हुई है। खेती और पशुओं पर असर
इसी ड्रेन के पानी का अनजाने में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और जमीन की उपजाऊ शक्ति खत्म हो रही है। जहरीला पानी पीने से ग्रामीणों के मवेशी आए दिन मर रहे हैं।
पानीपत जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के जिला सचिव का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कथित रूप से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि ड्रेन में अवैध रूप से केमिकल वाला पानी डालने की एवज में यह पैसे लिए। वीडियो वायरल होने के बाद सियासी गलियारों में खलबली मच गई। इसके बाद मामले की शिकायत और वीडियो पुलिस तक भी पहुंच गया। बताया जा रहा है कि मामला बढ़ता देख भाजपा सचिव रविंद्र रावल ने पैसे लौटा दिए। दैनिक भास्कर एप से बातचीत में रविंद्र रावल ने कहा- मेरे खिलाफ साजिश रची गई है। राजनीति में मेरी टांग खिंचाई की जा रही है। उन वीडियो को भी तरोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। असल बात ये है कि इन ट्रैक्टर चालकों से मेरा बहुत पुराना लेन-देन है। उस दिन इन्होंने मुझे कॉल कर पैसे देने के लिए बुलाया था। मैंने इन्हें ड्रेन में केमिकल युक्त पानी डालते पकड़ लिया था। इसी के बाद इन्होंने ये कहानी बना दी है। मैं जल्द ही इनके खिलाफ एक्शन लूंगा। यहां पढ़िए, क्या है पूरा मामला… SHO बोले- थाने तक पहुंचे लोग, लेकिन शिकायत नहीं मिली
बापौली थाना प्रभारी वीरेंद्र ने बताया कि दोनों पक्ष थाने तक जरूर पहुंचे थे, लेकिन मामले की शिकायत नहीं दी गई है। अगर अभी भी हमारे पास कोई शिकायत आ जाए, तो हम निश्चित तौर पर जांच-पड़ताल कर कार्रवाई अमल में लाएंगे। हमें भी मामला वायरल हो रही वीडियो के माध्यम से पता लगा था। गंदे पानी से क्या नुकसान होगा जानिए… भूजल प्रदूषण, बीमारियों का खतरा
केमिकल ड्रेन के माध्यम से रसायन ज़मीन के अंदर रिस रहे हैं, जिससे आसपास के दर्जनों गांवों का पीने का पानी जहरीला हो गया है। हैंडपंपों से अब रंगीन और बदबूदार पानी निकल रहा है। ड्रेन के पास बसे गांवों, जैसे भलौर, बापौली और सनौली, में कैंसर, किडनी फेलियर, लीवर की बीमारियां और गंभीर चर्म रोगों के मामले बढ़ने की आशंका बनी हुई है। खेती और पशुओं पर असर
इसी ड्रेन के पानी का अनजाने में सिंचाई के लिए भी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे फसलें बर्बाद हो रही हैं और जमीन की उपजाऊ शक्ति खत्म हो रही है। जहरीला पानी पीने से ग्रामीणों के मवेशी आए दिन मर रहे हैं।