हरियाणा के नारनौल में आर्यवर्त सेवा न्यास द्वारा जोरासी में आयोजित 151 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ एवं श्रीराम कथा शनिवार से शुरू हो गई। सबसे पहले मंच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज हनुमानगढ़ी, अयोध्या ने दीप प्रज्ज्वलित किया। जिसके बाद जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने श्रीराम कथा की शुरुआत की। श्रीराम कथा के पहले दिन जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शिव विवाह का गुणगान किया। पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने श्री राम कथा का श्रवण किया। इस दौरान कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। ये संत रहे मौजूद मंच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र संजय दास महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के महंत महंत मुरली दास महाराज एवं एनी के महामंत्री सत्यदेव दास, नंद रामदास महाराज, सार्वभौम रामानंदाचार्य प्रतिष्ठित तुलसी पीठ आदिश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज, पश्चिम पीठाधीश्वर शेष मठ सिंगडा कौशलेंद्र मठ पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य महाराज जोधपुर रहे। भाजपा-कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पहुंचे कथा के पहले दिन हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी पहुंचे। मोहनलाल बडोली ने कथा सुनकर कहा कि इस तरह का भव्य आयोजन सनातन को मजबूती प्रदान करता है। मोहनलाल बडोली ने कहा कि सनातन में ही हमारी संस्कृति निवास करती है। बता दें कि, कथा का आयोजन करवा रहे माइनिंग कारोबारी विनीत पिलानिया पर 6 दिसंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड हुई थी। ED की यह कार्रवाई तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू के करीबियों पर हुई थी। सबसे पहले जानिए कौन करवा रहा यह आयोजन हरिद्वार के नाम से संस्था, हरियाणा के खनन कारोबारी अध्यक्ष
यह आयोजन आर्यवर्त सेवा न्यास हरिद्वार की ओर करवाया जा रहा है। नारनौल से सात किलोमीटर दूर स्थित जोरासी गांव में बने श्याम बाबा के मंदिर के पास आयोजन हो रहा है। यह रामकथा रोजाना शाम को तीन बजे से छह बजे तक होगी। कथा से पहले शुक्रवार को शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। संस्था मूलरूप से हरिद्वार की है, जिसके संस्थापक विनीत पिलानिया हैं, जो माइनिंग का काम करते हैं। वे मूलरूप से चरखी दादरी के रहने वाले हैं। उनका यहां पर माइनिंग का कारोबार है। संस्था का गठन करीब एक साल पूर्व ही हुआ था। इसके अन्य पदाधिकारी भी माइनिंग से जुड़े लोग हैं। 3 महीने की तैयारियों में जानिए क्या 6 खास इंतजाम हुए एंट्री पाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
संस्था के पदाधिकारियों ने शहर की अन्य धार्मिक संस्थाओं के साथ मिलकर आयोजन का जिम्मा लिया हुआ है। करीब तीन माह से इसकी तैयारियां की जा रही थीं। संस्था की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुए हैं। अब उन्हीं लोगों को एंट्री मिलेगी, जिनका रजिस्ट्रेशन हुआ है। सात अलग-अलग रंग के पास जारी किए गए हैं। ये पास अलग-अलग दिन के लिए अलग-अलग रंगों के हैं। इन पास को दिखाने के बाद ही कथा स्थल पर एंट्री मिलेगी। 30 एकड़ में पंडाल, जयपुर से लाइटें मंगवाई
करीब 30 एकड़ में पंडाल लगा हुआ है। कथास्थल व हवन स्थल को वाटर प्रूफ पंडाल से ढका है, ताकि बारिश व सर्दी से बचाव हो सके। लाइटिंग के लिए अलवर व जयपुर से विशेष लाइटें मंगाई गई हैं। 35 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पंडाल के बाहर ग्राउंड भी काफी बड़ा बनाया गया है, जहां पर लोगों के सुनने के लिए स्क्रीन लगाई गई हैं। 50 जगह कैमरे, विशेष कंट्रोल रूम में कनेक्शन
सिक्योरिटी के लिए 50 जगह कैमरे लगाए गए हैं। पंडाल में जगह-जगह कैमरों के अलावा रास्तों पर भी कैमरे लगे हैं। जिनके संचालन के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। नारनौल व निजामपुर की ओर 6 जगह पार्किंग बनाई गई हैं। 8 दिन डायवर्ट रहेगा रूट, भारी वाहनों पर रोक
30 जनवरी तक नारनौल से निजामपुर रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा। नारनौल की तरफ से निजामपुर जाने वाले वाहन अब मांदी से होते हुए निजामपुर की ओर जाएंगे। निजामपुर से नारनौल आने वाले वाहनों को नेशनल हाईवे 148-बी से होते हुए बाइपास का प्रयोग करके नारनौल की तरफ भेजा जाएगा। डिफेंडर-रेंज रोवर काफिले में चलेंगे कथा व्यास
श्री रामभद्राचार्य शुक्रवार को ही नारनौल पहुंच गए थे, वो विनीत पिलानिया की सेक्टर एक स्थिति कोठी में ठहरे हैं। वे रोजाना गाड़ियों के काफिले के साथ कथास्थल तक जाएंगे। रामभद्राचार्य के जाने-आने के लिए जो काफिला रहेगा उसमें डिफेंडर, रेंज रोवर जैसे कई महंगी गाड़ियां रहेंगी। पुलिस सिक्योरिटी के साथ प्राइवेट इंतजाम भी
प्रशासन की ओर से एसपी पूजा वशिष्ठ दो बार आयोजन स्थल का जायजा ले चुकी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इस 15 किलोमीटर के नारनौल-निजामपुर रोड पर जगह-जगह पुलिस तैनात की गई है। इसके अलावा आयोजकों की ओर से प्राइवेट सुरक्षाकर्मी भी लगाए हैं। जिनमें मेल-फीमेल दोनों हैं। ये खास ड्रेस कोड में तैनात रहेंगे। अब जानिए आयोजकों की मेहमान लिस्ट में कितने बड़े नाम शामिल हरियाणा में पहली बार हो रहा आयोजन
आर्यवर्त सेवा न्यास के प्रवक्ता कपिल भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में ही इस तरह का पहला आयोजन सेवा न्यास की ओर से हो रहा है। सेवा न्यास की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पूरी व्यवस्था की गई हैं। कई राज्यों में निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। हालांकि कौन हस्ती किन दिन मेहमान रहेगी, ये शेड्यूल अभी सार्वजनिक नहीं किया है। मेहमानों की लिस्ट में भागवत समेत कई गवर्नर व सीएम
RSS प्रमुख मोहन भागवत, यूपी CM योगी आदित्यनाथ, हरियाणा CM नायब सैनी, महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस, हरियाणा गवर्नर असीम घोष, राजस्थान गवर्नर हरी भाऊ किशन राव, मध्यप्रदेश गवर्नर मंगू भाई छगन भाई पटेल, केंद्रीय मंत्री मनोहर खट्टर, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान समेत कई राजनीतिक हस्तियां आमंत्रित हैं। हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के भी आने की संभावना है। जन्म से दृष्टिबाधित रामभद्राचार्य, कठोर टिप्पणियों के लिए मशहूर
जगद्गुरु रामभद्राचार्य एक संस्कृत विद्वान और हिंदू धर्मगुरु हैं। वे जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं, फिर भी अपनी असाधारण विद्वत्ता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें रामभक्ति परंपरा के प्रमुख आचार्य के रूप में माना जाता है। रामानंद संप्रदाय में उन्हें जगद्गुरु की उपाधि मिली है। उन्होंने संस्कृत, हिंदी और अवधी में कई रचनाएं की हैं। वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट का संचालन करते हैं। उन्हें 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी तीखी और कठोर टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में, प्रयागराज में माघ मेले में चल रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रकरण में उन्होंने तल्ख रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्वयं नियमों का उल्लंघन किया है। उनके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, बल्कि उन्होंने अन्याय किया है। वे बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने वाले बयान का भी समर्थन कर चुके हैं। ————————- ये खबर भी पढ़ें :- नारनौल में शराब-खनन कारोबारियों के घर रेड:पूर्व सरपंच को साथ ले गई ED; गैंगस्टर चीकू और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के करीबी हरियाणा के नारनौल में NIA के निशाने पर आने के बाद तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू के करीबियों ED की रेड हुई थी। ED रामपुरा गांव के पूर्व सरपंच नरेश उर्फ नरसी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पढ़ें पूरी खबर…
हरियाणा के नारनौल में आर्यवर्त सेवा न्यास द्वारा जोरासी में आयोजित 151 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ एवं श्रीराम कथा शनिवार से शुरू हो गई। सबसे पहले मंच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज हनुमानगढ़ी, अयोध्या ने दीप प्रज्ज्वलित किया। जिसके बाद जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने श्रीराम कथा की शुरुआत की। श्रीराम कथा के पहले दिन जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शिव विवाह का गुणगान किया। पंडाल में मौजूद हजारों श्रद्धालुओं ने श्री राम कथा का श्रवण किया। इस दौरान कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। ये संत रहे मौजूद मंच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र संजय दास महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के महंत महंत मुरली दास महाराज एवं एनी के महामंत्री सत्यदेव दास, नंद रामदास महाराज, सार्वभौम रामानंदाचार्य प्रतिष्ठित तुलसी पीठ आदिश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज, पश्चिम पीठाधीश्वर शेष मठ सिंगडा कौशलेंद्र मठ पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य महाराज जोधपुर रहे। भाजपा-कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष पहुंचे कथा के पहले दिन हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली व कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी पहुंचे। मोहनलाल बडोली ने कथा सुनकर कहा कि इस तरह का भव्य आयोजन सनातन को मजबूती प्रदान करता है। मोहनलाल बडोली ने कहा कि सनातन में ही हमारी संस्कृति निवास करती है। बता दें कि, कथा का आयोजन करवा रहे माइनिंग कारोबारी विनीत पिलानिया पर 6 दिसंबर 2023 को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड हुई थी। ED की यह कार्रवाई तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू के करीबियों पर हुई थी। सबसे पहले जानिए कौन करवा रहा यह आयोजन हरिद्वार के नाम से संस्था, हरियाणा के खनन कारोबारी अध्यक्ष
यह आयोजन आर्यवर्त सेवा न्यास हरिद्वार की ओर करवाया जा रहा है। नारनौल से सात किलोमीटर दूर स्थित जोरासी गांव में बने श्याम बाबा के मंदिर के पास आयोजन हो रहा है। यह रामकथा रोजाना शाम को तीन बजे से छह बजे तक होगी। कथा से पहले शुक्रवार को शहर में भव्य शोभायात्रा भी निकाली गई। संस्था मूलरूप से हरिद्वार की है, जिसके संस्थापक विनीत पिलानिया हैं, जो माइनिंग का काम करते हैं। वे मूलरूप से चरखी दादरी के रहने वाले हैं। उनका यहां पर माइनिंग का कारोबार है। संस्था का गठन करीब एक साल पूर्व ही हुआ था। इसके अन्य पदाधिकारी भी माइनिंग से जुड़े लोग हैं। 3 महीने की तैयारियों में जानिए क्या 6 खास इंतजाम हुए एंट्री पाने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन
संस्था के पदाधिकारियों ने शहर की अन्य धार्मिक संस्थाओं के साथ मिलकर आयोजन का जिम्मा लिया हुआ है। करीब तीन माह से इसकी तैयारियां की जा रही थीं। संस्था की वेबसाइट पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हुए हैं। अब उन्हीं लोगों को एंट्री मिलेगी, जिनका रजिस्ट्रेशन हुआ है। सात अलग-अलग रंग के पास जारी किए गए हैं। ये पास अलग-अलग दिन के लिए अलग-अलग रंगों के हैं। इन पास को दिखाने के बाद ही कथा स्थल पर एंट्री मिलेगी। 30 एकड़ में पंडाल, जयपुर से लाइटें मंगवाई
करीब 30 एकड़ में पंडाल लगा हुआ है। कथास्थल व हवन स्थल को वाटर प्रूफ पंडाल से ढका है, ताकि बारिश व सर्दी से बचाव हो सके। लाइटिंग के लिए अलवर व जयपुर से विशेष लाइटें मंगाई गई हैं। 35 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है। पंडाल के बाहर ग्राउंड भी काफी बड़ा बनाया गया है, जहां पर लोगों के सुनने के लिए स्क्रीन लगाई गई हैं। 50 जगह कैमरे, विशेष कंट्रोल रूम में कनेक्शन
सिक्योरिटी के लिए 50 जगह कैमरे लगाए गए हैं। पंडाल में जगह-जगह कैमरों के अलावा रास्तों पर भी कैमरे लगे हैं। जिनके संचालन के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। नारनौल व निजामपुर की ओर 6 जगह पार्किंग बनाई गई हैं। 8 दिन डायवर्ट रहेगा रूट, भारी वाहनों पर रोक
30 जनवरी तक नारनौल से निजामपुर रोड पर भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत प्रतिबंधित रहेगा। नारनौल की तरफ से निजामपुर जाने वाले वाहन अब मांदी से होते हुए निजामपुर की ओर जाएंगे। निजामपुर से नारनौल आने वाले वाहनों को नेशनल हाईवे 148-बी से होते हुए बाइपास का प्रयोग करके नारनौल की तरफ भेजा जाएगा। डिफेंडर-रेंज रोवर काफिले में चलेंगे कथा व्यास
श्री रामभद्राचार्य शुक्रवार को ही नारनौल पहुंच गए थे, वो विनीत पिलानिया की सेक्टर एक स्थिति कोठी में ठहरे हैं। वे रोजाना गाड़ियों के काफिले के साथ कथास्थल तक जाएंगे। रामभद्राचार्य के जाने-आने के लिए जो काफिला रहेगा उसमें डिफेंडर, रेंज रोवर जैसे कई महंगी गाड़ियां रहेंगी। पुलिस सिक्योरिटी के साथ प्राइवेट इंतजाम भी
प्रशासन की ओर से एसपी पूजा वशिष्ठ दो बार आयोजन स्थल का जायजा ले चुकी हैं। सुरक्षा की दृष्टि से इस 15 किलोमीटर के नारनौल-निजामपुर रोड पर जगह-जगह पुलिस तैनात की गई है। इसके अलावा आयोजकों की ओर से प्राइवेट सुरक्षाकर्मी भी लगाए हैं। जिनमें मेल-फीमेल दोनों हैं। ये खास ड्रेस कोड में तैनात रहेंगे। अब जानिए आयोजकों की मेहमान लिस्ट में कितने बड़े नाम शामिल हरियाणा में पहली बार हो रहा आयोजन
आर्यवर्त सेवा न्यास के प्रवक्ता कपिल भारद्वाज ने बताया कि प्रदेश में ही इस तरह का पहला आयोजन सेवा न्यास की ओर से हो रहा है। सेवा न्यास की ओर से श्रद्धालुओं के लिए पूरी व्यवस्था की गई हैं। कई राज्यों में निमंत्रण पत्र भेजे गए हैं। हालांकि कौन हस्ती किन दिन मेहमान रहेगी, ये शेड्यूल अभी सार्वजनिक नहीं किया है। मेहमानों की लिस्ट में भागवत समेत कई गवर्नर व सीएम
RSS प्रमुख मोहन भागवत, यूपी CM योगी आदित्यनाथ, हरियाणा CM नायब सैनी, महाराष्ट्र CM देवेंद्र फडणवीस, हरियाणा गवर्नर असीम घोष, राजस्थान गवर्नर हरी भाऊ किशन राव, मध्यप्रदेश गवर्नर मंगू भाई छगन भाई पटेल, केंद्रीय मंत्री मनोहर खट्टर, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान समेत कई राजनीतिक हस्तियां आमंत्रित हैं। हरियाणा में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह के भी आने की संभावना है। जन्म से दृष्टिबाधित रामभद्राचार्य, कठोर टिप्पणियों के लिए मशहूर
जगद्गुरु रामभद्राचार्य एक संस्कृत विद्वान और हिंदू धर्मगुरु हैं। वे जन्म से ही दृष्टिबाधित हैं, फिर भी अपनी असाधारण विद्वत्ता के लिए जाने जाते हैं। उन्हें रामभक्ति परंपरा के प्रमुख आचार्य के रूप में माना जाता है। रामानंद संप्रदाय में उन्हें जगद्गुरु की उपाधि मिली है। उन्होंने संस्कृत, हिंदी और अवधी में कई रचनाएं की हैं। वे जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय, चित्रकूट का संचालन करते हैं। उन्हें 2015 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। वे ज्वलंत मुद्दों पर अपनी तीखी और कठोर टिप्पणियों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में, प्रयागराज में माघ मेले में चल रहे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती प्रकरण में उन्होंने तल्ख रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने स्वयं नियमों का उल्लंघन किया है। उनके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ है, बल्कि उन्होंने अन्याय किया है। वे बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री के हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने वाले बयान का भी समर्थन कर चुके हैं। ————————- ये खबर भी पढ़ें :- नारनौल में शराब-खनन कारोबारियों के घर रेड:पूर्व सरपंच को साथ ले गई ED; गैंगस्टर चीकू और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत के करीबी हरियाणा के नारनौल में NIA के निशाने पर आने के बाद तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर सुरेंद्र उर्फ चीकू के करीबियों ED की रेड हुई थी। ED रामपुरा गांव के पूर्व सरपंच नरेश उर्फ नरसी को पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई। पढ़ें पूरी खबर…