जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में दैनिक भास्कर की ओर से इस वर्ष का श्री द्वारका प्रसाद अग्रवाल सम्मान लेखक-गीतकार-अभिनेता पीयूष मिश्रा को दिया गया। चार बाग में सम्मान समारोह में दैनिक भास्कर के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल और नेशनल एडिटर एल. पी. पंत ने पीयूष मिश्रा को सम्मान स्वरूप 2 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। रविवार को दैनिक भास्कर के विशेष टॉक शो में किताब ‘तुम्हारी औकात क्या है पीयूष मिश्रा’ पर चर्चा हुई। पीयूष मिश्रा ने कहा- डर जब हद से बढ़ जाता है, तब सॉल्यूशन मिलना शुरू हो जाता है। हर किसी के पास डर होता है, बस कोई अभिव्यक्त नहीं करता। मैंने अपना डर अभिव्यक्त किया है, इसलिए ज्यादा वाला डर खूबसूरत होता है। JLF में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी पहुंचे। उन्होंने दामाद कार्तिकेय वाजपेई की किताब ‘द अनबिकमिंग’ को लॉन्च किया। कार्तिकेय पेशे से वकील हैं। सेशन में वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया ने भी कार्तिकेय की किताब पर विचार व्यक्त किए। समाज में करप्शन, जज भी यहीं से आते हैं: पूर्व CJI चंद्रचूड़
JLF में पूर्व सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा- मैं भ्रष्टाचार को जस्टिफाई नहीं कर रहा, लेकिन जज भी सोसाइटी से आते हैं। सोसाइटी में करप्शन है। लेकिन जज से हायर कॉलिंग एक्सपेक्टेड है। हां, करप्शन है। इसे रोकने के लिए जवाबदेही तय करने के लिए एफिशिएंट सिस्टम चाहिए। गलत जजमेंट पर करप्ट कहना आसान है, लेकिन ट्रूथ देखना जरूरी है। ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सेशन में पूर्व सीजेआई ने कहा- जब मैं समलैंगिकता अपराधमुक्त करने वाला फैसला लिख रहा था तो मुझे लियोनार्ड कोहेन का कोट याद आया। वह कोट ‘डेमोक्रेसी इन सम डेंजर’ के बारे में था। मैंने सोचा कि ये फैसला फ्लोरिश वाला होना चाहिए। कुछ फैसले बीच रोड पर लिखे जाते हैं, कुछ में थोड़ा फ्लोरिश डालते हैं। प्रसून जोशी बोले- AI में इंसान जैसी क्रिएटिविटी-कल्पना नहीं
‘इमेजिन : द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी’ सेशन में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा- AI में वो रचनात्मकता और कल्पना नहीं है, जो मनुष्यों में होती है। AI एक टूल है। अगर हम इसे एक एक्सटेंशन के रूप में समझते हैं तो कोई आपत्ति नहीं है। प्रसून जोशी ने कहा कि मेरे पिता एजुकेशन ऑफिसर थे। मेरी मां संगीत से जुड़ी हुई थीं। आज मैं दोनों की वजह से दोनों गुणों के साथ आगे बढ़ रहा हूं। उन्होंने कहा- पहाड़ी इलाकों में आप पत्थरों को नीचे गिरे हुए देखते हैं, वो पत्थर आपको बेहद खूबसूरत लगते हैं, जैसे किसी ने तराशा हो। उन्हें ठोकरों ने तराशा है, मुझे भी उन्हीं ठोकरों ने तराशा है। पोलैंड के उपप्रधानमंत्री ने कहा- पुतिन अहंकारी
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने अहम को आगे रखते हुए दूसरे देशों पर प्रहार कर रहे हैं। इसका असर अन्य सभी देशों की जियो पॉलिटिक्स पर पड़ रहा है। सेशन ‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस: रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ में सिकोरस्की ने कहा- रूस-चीन की बढ़ती नजदीकी रूस के दीर्घकालिक हित में नहीं है। रूस धीरे-धीरे चीन पर आर्थिक रूप से निर्भर होता जा रहा है और अपनी राष्ट्रीय संपदा चीनी उत्पादों पर खर्च कर रहा है। यह स्थिति रूस को कमजोर बना सकती है, क्योंकि चीन रूस पर अपनी आर्थिक शक्ति का उपयोग राजनीतिक प्रभाव हासिल करने के लिए कर सकता है। वर्ल्ड वाइड वेब के जनक बोले- ऑनलाइन नफरत बढ़ रही
‘दिस इज फॉर एवरीवन’ सेशन में वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के संस्थापक टिम बर्नर्स ली ने कहा- ऑनलाइन नफरत बढ़ रही है, क्योंकि प्लेटफॉर्म एल्गोरिदम पर अधिक निर्भर हैं। यदि कोई एल्गोरिदम आपको धोखा दे रहा है, तो संभव है कि आप अधिक प्रभावित होंगे। इससे पहले, होटल क्लार्क्स आमेर में जेएलएफ के चौथे दिन (18 जनवरी) की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक: एओ नागा क्वायर’ से हुई। देखिए, JLF की PHOTOS… पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) में दैनिक भास्कर की ओर से इस वर्ष का श्री द्वारका प्रसाद अग्रवाल सम्मान लेखक-गीतकार-अभिनेता पीयूष मिश्रा को दिया गया। चार बाग में सम्मान समारोह में दैनिक भास्कर के डायरेक्टर गिरीश अग्रवाल और नेशनल एडिटर एल. पी. पंत ने पीयूष मिश्रा को सम्मान स्वरूप 2 लाख रुपए और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया। रविवार को दैनिक भास्कर के विशेष टॉक शो में किताब ‘तुम्हारी औकात क्या है पीयूष मिश्रा’ पर चर्चा हुई। पीयूष मिश्रा ने कहा- डर जब हद से बढ़ जाता है, तब सॉल्यूशन मिलना शुरू हो जाता है। हर किसी के पास डर होता है, बस कोई अभिव्यक्त नहीं करता। मैंने अपना डर अभिव्यक्त किया है, इसलिए ज्यादा वाला डर खूबसूरत होता है। JLF में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भी पहुंचे। उन्होंने दामाद कार्तिकेय वाजपेई की किताब ‘द अनबिकमिंग’ को लॉन्च किया। कार्तिकेय पेशे से वकील हैं। सेशन में वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया ने भी कार्तिकेय की किताब पर विचार व्यक्त किए। समाज में करप्शन, जज भी यहीं से आते हैं: पूर्व CJI चंद्रचूड़
JLF में पूर्व सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा- मैं भ्रष्टाचार को जस्टिफाई नहीं कर रहा, लेकिन जज भी सोसाइटी से आते हैं। सोसाइटी में करप्शन है। लेकिन जज से हायर कॉलिंग एक्सपेक्टेड है। हां, करप्शन है। इसे रोकने के लिए जवाबदेही तय करने के लिए एफिशिएंट सिस्टम चाहिए। गलत जजमेंट पर करप्ट कहना आसान है, लेकिन ट्रूथ देखना जरूरी है। ‘आइडियाज ऑफ जस्टिस’ सेशन में पूर्व सीजेआई ने कहा- जब मैं समलैंगिकता अपराधमुक्त करने वाला फैसला लिख रहा था तो मुझे लियोनार्ड कोहेन का कोट याद आया। वह कोट ‘डेमोक्रेसी इन सम डेंजर’ के बारे में था। मैंने सोचा कि ये फैसला फ्लोरिश वाला होना चाहिए। कुछ फैसले बीच रोड पर लिखे जाते हैं, कुछ में थोड़ा फ्लोरिश डालते हैं। प्रसून जोशी बोले- AI में इंसान जैसी क्रिएटिविटी-कल्पना नहीं
‘इमेजिन : द न्यू होराइजंस ऑफ क्रिएटिविटी’ सेशन में गीतकार प्रसून जोशी ने कहा- AI में वो रचनात्मकता और कल्पना नहीं है, जो मनुष्यों में होती है। AI एक टूल है। अगर हम इसे एक एक्सटेंशन के रूप में समझते हैं तो कोई आपत्ति नहीं है। प्रसून जोशी ने कहा कि मेरे पिता एजुकेशन ऑफिसर थे। मेरी मां संगीत से जुड़ी हुई थीं। आज मैं दोनों की वजह से दोनों गुणों के साथ आगे बढ़ रहा हूं। उन्होंने कहा- पहाड़ी इलाकों में आप पत्थरों को नीचे गिरे हुए देखते हैं, वो पत्थर आपको बेहद खूबसूरत लगते हैं, जैसे किसी ने तराशा हो। उन्हें ठोकरों ने तराशा है, मुझे भी उन्हीं ठोकरों ने तराशा है। पोलैंड के उपप्रधानमंत्री ने कहा- पुतिन अहंकारी
पोलैंड के उप प्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की ने कहा- रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने अहम को आगे रखते हुए दूसरे देशों पर प्रहार कर रहे हैं। इसका असर अन्य सभी देशों की जियो पॉलिटिक्स पर पड़ रहा है। सेशन ‘ए कॉन्टिनेंट इन क्राइसिस: रशिया, यूक्रेन एंड द यूरोपियन स्टोरी’ में सिकोरस्की ने कहा- रूस-चीन की बढ़ती नजदीकी रूस के दीर्घकालिक हित में नहीं है। रूस धीरे-धीरे चीन पर आर्थिक रूप से निर्भर होता जा रहा है और अपनी राष्ट्रीय संपदा चीनी उत्पादों पर खर्च कर रहा है। यह स्थिति रूस को कमजोर बना सकती है, क्योंकि चीन रूस पर अपनी आर्थिक शक्ति का उपयोग राजनीतिक प्रभाव हासिल करने के लिए कर सकता है। वर्ल्ड वाइड वेब के जनक बोले- ऑनलाइन नफरत बढ़ रही
‘दिस इज फॉर एवरीवन’ सेशन में वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) के संस्थापक टिम बर्नर्स ली ने कहा- ऑनलाइन नफरत बढ़ रही है, क्योंकि प्लेटफॉर्म एल्गोरिदम पर अधिक निर्भर हैं। यदि कोई एल्गोरिदम आपको धोखा दे रहा है, तो संभव है कि आप अधिक प्रभावित होंगे। इससे पहले, होटल क्लार्क्स आमेर में जेएलएफ के चौथे दिन (18 जनवरी) की शुरुआत ‘मॉर्निंग म्यूजिक: एओ नागा क्वायर’ से हुई। देखिए, JLF की PHOTOS… पल-पल की अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…