हरदा जिले के रहटगांव स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल में शनिवार तड़के उस वक्त बड़ा हंगामा हो गया, जब खराब भोजन और अव्यवस्थाओं से नाराज करीब 300 छात्र-छात्राएं हॉस्टल की दीवार फांदकर पैदल ही कलेक्टर से शिकायत करने निकल पड़े। छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता खराब है और शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है। भागने से पहले छात्रों ने स्कूल स्टाफ और शिक्षकों के आवासों को बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया। करीब 8 किलोमीटर पैदल चलने के बाद सोडलपुर में नेशनल हाईवे पर कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने उन्हें रोक लिया। कलेक्टर ने सड़क पर ही बैठकर छात्रों की समस्याएं सुनीं। करीब डेढ़ घंटे की समझाइश और जांच के आश्वासन के बाद छात्रों को बसों से वापस विद्यालय भेजा गया। छात्रों की मांग- प्राचार्य को हटाया जाए
छात्र प्राचार्य सोनिया आनंद को हटाने की लिखित मांग पर अड़े रहे। उनका आरोप है कि प्राचार्य भोजन और नाश्ता ठीक नहीं देतीं और शिकायत करने पर स्कूल से निकालने की धमकी देती हैं। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य ताना मारते हुए कहती हैं- “आदिवासी क्या जानें काजू-बादाम का स्वाद।” आक्रोशित छात्र ‘प्राचार्य सोनिया आनंद हाय-हाय’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। देखिए तस्वीरें… विधायक को पानी की टंकी में मिला मेंढक घटना की सूचना पर विधायक अभिजीत शाह भी हॉस्टल पहुंचे। उन्होंने रसोई में रखी खाद्य सामग्री की जांच की, जिसमें कई खामियां पाई गईं। जब पीने के पानी की टंकी चेक की गई तो उसके अंदर पेड़ की जड़ें और मेंढक मिले। विधायक ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को शुद्ध भोजन और साफ पानी मिल सके। उल्लेखनीय है कि छात्रावास का संचालन जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत होता है। खाने की क्वालिटी चेक करने पालक समिति बनाई
सोडलपुर में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, संयुक्त कलेक्टर सतीश राय और एसडीएम संजीव कुमार नागू ने छात्रों को समझाया। कलेक्टर ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए ‘पालक समिति’ बनाई जा रही है, जो हर सप्ताह भोजन चखेगी और स्टॉक भी जांचेगी। इसके अलावा छात्रों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक ‘संपर्क समिति’ भी गठित की जाएगी, जिससे वे सीधे कलेक्टर या जनजाति कार्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकें। कलेक्टर बोले- प्रिंसिपल के खिलाफ कई मुद्दे
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि छात्रों का मुख्य आक्रोश भोजन की गुणवत्ता और प्राचार्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए वे स्वयं मौके पर पहुंचे और फिलहाल छात्रों को समझाकर वापस भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
हरदा जिले के रहटगांव स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल में शनिवार तड़के उस वक्त बड़ा हंगामा हो गया, जब खराब भोजन और अव्यवस्थाओं से नाराज करीब 300 छात्र-छात्राएं हॉस्टल की दीवार फांदकर पैदल ही कलेक्टर से शिकायत करने निकल पड़े। छात्रों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से भोजन की गुणवत्ता खराब है और शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है। भागने से पहले छात्रों ने स्कूल स्टाफ और शिक्षकों के आवासों को बाहर से कुंडी लगाकर बंद कर दिया। करीब 8 किलोमीटर पैदल चलने के बाद सोडलपुर में नेशनल हाईवे पर कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने उन्हें रोक लिया। कलेक्टर ने सड़क पर ही बैठकर छात्रों की समस्याएं सुनीं। करीब डेढ़ घंटे की समझाइश और जांच के आश्वासन के बाद छात्रों को बसों से वापस विद्यालय भेजा गया। छात्रों की मांग- प्राचार्य को हटाया जाए
छात्र प्राचार्य सोनिया आनंद को हटाने की लिखित मांग पर अड़े रहे। उनका आरोप है कि प्राचार्य भोजन और नाश्ता ठीक नहीं देतीं और शिकायत करने पर स्कूल से निकालने की धमकी देती हैं। कुछ छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य ताना मारते हुए कहती हैं- “आदिवासी क्या जानें काजू-बादाम का स्वाद।” आक्रोशित छात्र ‘प्राचार्य सोनिया आनंद हाय-हाय’ के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। देखिए तस्वीरें… विधायक को पानी की टंकी में मिला मेंढक घटना की सूचना पर विधायक अभिजीत शाह भी हॉस्टल पहुंचे। उन्होंने रसोई में रखी खाद्य सामग्री की जांच की, जिसमें कई खामियां पाई गईं। जब पीने के पानी की टंकी चेक की गई तो उसके अंदर पेड़ की जड़ें और मेंढक मिले। विधायक ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की, ताकि विद्यार्थियों को शुद्ध भोजन और साफ पानी मिल सके। उल्लेखनीय है कि छात्रावास का संचालन जनजाति कार्य विभाग के अंतर्गत होता है। खाने की क्वालिटी चेक करने पालक समिति बनाई
सोडलपुर में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, संयुक्त कलेक्टर सतीश राय और एसडीएम संजीव कुमार नागू ने छात्रों को समझाया। कलेक्टर ने बताया कि भोजन की गुणवत्ता की नियमित निगरानी के लिए ‘पालक समिति’ बनाई जा रही है, जो हर सप्ताह भोजन चखेगी और स्टॉक भी जांचेगी। इसके अलावा छात्रों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक ‘संपर्क समिति’ भी गठित की जाएगी, जिससे वे सीधे कलेक्टर या जनजाति कार्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकें। कलेक्टर बोले- प्रिंसिपल के खिलाफ कई मुद्दे
कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने कहा कि छात्रों का मुख्य आक्रोश भोजन की गुणवत्ता और प्राचार्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है। बच्चों की परेशानी को देखते हुए वे स्वयं मौके पर पहुंचे और फिलहाल छात्रों को समझाकर वापस भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।