मणिकर्णिका घाट को लेकर मचे बवाल को लेकर सीएम योगी ने शनिवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़े जाने के आरोपों पर कहा- काशी को बदनाम करने की साजिश हुई। कुछ लोग काशी के विकास में बैरियर बन रहे हैं। इसलिए आज मुझे खुद यहां आना पड़ा है। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा- काशी में 2014 के पहले कैसे हालात थे। ये किसी से छिपा हुआ नहीं था। गंगा जल आचमन तो दूर स्नान करने के लायक भी नहीं था। आज आचमन भी करिए, स्नान भी करिए। घाटों की दुर्गति की बात तो सब जानते ही हैं। आज ये घाट सबको आकर्षित करते हैं। योगी ने कहा- मुझे याद है कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी साजिश रची गई थी। एक वर्कशॉप से टूटी मूर्तियों को एक जगह लाकर उन्हें वायरल किया गया था। अब ये कहना कि मंदिर तोड़े गए हैं, इससे बड़ा झूठ नहीं हो सकता है। पहले ये मंदिर जीर्णशीर्ण थे, अब उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है, यही सच है। उन्होंने कहा- 100 साल पहले अन्नपूर्णा मंदिर की मूर्ति यूरोप पहुंचा दी गई थी। पीएम मोदी के प्रयास से वो मूर्ति वापस आई। पहले किसी ने ये प्रयास क्यों नहीं किया? क्योंकि उन्हें विरासत से परहेज था। भारत के आस्था को अपमानित करने वाली कांग्रेस कभी काशी का सम्मान नहीं कर सकती। उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। राम और कृष्ण के प्रति कैसे-कैसे बयान दिए, क्या कुछ नहीं कहा। ये किसी से छिपा हुआ नहीं है। योगी ने कहा- औरंगजेब द्वारा तोड़े गए बाबा विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करने का सबसे पहला प्रयास अहिल्याबाई होल्कर ने किया था। कांग्रेस ने उनका सम्मान नहीं किया। ये प्रयास पीएम मोदी ने किया। अजय राय और कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा- मगर कुछ लोग 3-4 दिनों से झूठी तस्वीरें वायरल कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। ये वो लोग है, जिन्होंने अपने समय में इन विरासत को आगे नहीं बढ़ाया, मगर अब ये लोग बाज नहीं आ रहे हैं। तस्वीरें देखिए… मणिकर्णिका घाट से जुड़े अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….
मणिकर्णिका घाट को लेकर मचे बवाल को लेकर सीएम योगी ने शनिवार को वाराणसी में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को तोड़े जाने के आरोपों पर कहा- काशी को बदनाम करने की साजिश हुई। कुछ लोग काशी के विकास में बैरियर बन रहे हैं। इसलिए आज मुझे खुद यहां आना पड़ा है। उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा- काशी में 2014 के पहले कैसे हालात थे। ये किसी से छिपा हुआ नहीं था। गंगा जल आचमन तो दूर स्नान करने के लायक भी नहीं था। आज आचमन भी करिए, स्नान भी करिए। घाटों की दुर्गति की बात तो सब जानते ही हैं। आज ये घाट सबको आकर्षित करते हैं। योगी ने कहा- मुझे याद है कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण हो रहा था, तब भी साजिश रची गई थी। एक वर्कशॉप से टूटी मूर्तियों को एक जगह लाकर उन्हें वायरल किया गया था। अब ये कहना कि मंदिर तोड़े गए हैं, इससे बड़ा झूठ नहीं हो सकता है। पहले ये मंदिर जीर्णशीर्ण थे, अब उनका जीर्णोद्धार किया जा रहा है, यही सच है। उन्होंने कहा- 100 साल पहले अन्नपूर्णा मंदिर की मूर्ति यूरोप पहुंचा दी गई थी। पीएम मोदी के प्रयास से वो मूर्ति वापस आई। पहले किसी ने ये प्रयास क्यों नहीं किया? क्योंकि उन्हें विरासत से परहेज था। भारत के आस्था को अपमानित करने वाली कांग्रेस कभी काशी का सम्मान नहीं कर सकती। उसने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की। राम और कृष्ण के प्रति कैसे-कैसे बयान दिए, क्या कुछ नहीं कहा। ये किसी से छिपा हुआ नहीं है। योगी ने कहा- औरंगजेब द्वारा तोड़े गए बाबा विश्वनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करने का सबसे पहला प्रयास अहिल्याबाई होल्कर ने किया था। कांग्रेस ने उनका सम्मान नहीं किया। ये प्रयास पीएम मोदी ने किया। अजय राय और कांग्रेस का नाम लिए बिना कहा- मगर कुछ लोग 3-4 दिनों से झूठी तस्वीरें वायरल कर जनता को गुमराह कर रहे हैं। ये वो लोग है, जिन्होंने अपने समय में इन विरासत को आगे नहीं बढ़ाया, मगर अब ये लोग बाज नहीं आ रहे हैं। तस्वीरें देखिए… मणिकर्णिका घाट से जुड़े अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए….